अक्टूबर में कोरोना की तीसरी लहर की संभावना, एक दिन में सामने आ सकते हैं पांच लाख केस
कोरोना की दूसरी लहर अभी पूरी तरह से समाप्त नहीं हो पाई कि अब तीसरी लहर की आशंका ने स्वास्थ्य वैज्ञानिकों की चिंता को बढ़ा दिया है। पहले से ही तीसरी लहर की आशंका को देखते हुए इससे निपटने की तैयारी भले की पूरी न हुई हो, लेकिन सब कुछ सामान्य होता नजर आ रहा है। स्कूल, सिनेमा हाल, मॉल आदि सब खुल चुके हैं। ऐसे में बच्चों को लेकर भी तीसरी लहर को लेकर चिंता जताई जा रही है।
राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन संस्थान यानी एनआईडीएम ने पीएमओ और केंद्रीय गृह मंत्रालय को सौंपी रिपोर्ट में कहा है कि अक्टूबर में कोरोना की तीसरी लहर आ सकती है। उस दौरान एक दिन में 5 लाख तक केस सामने आ सकते हैं। हालांकि इसकी असर एक महीन तक ही रहेगा। रिपोर्ट के मुताबिक कोरोना की तीसरी लहर का बच्चों और बड़ों पर समान रूप से असर होगा। रिपोर्ट मिलने के साथ ही सरकार अलर्ट हो गई है और जरूरी उपायों पर मंथन किया जा रहा है।
रिपोर्ट में बताया गया है कि इस स्थिति में देश में मेडिकल स्टाफ, डॉक्टर्स, नर्सेस, एम्बुलेंस, ऑक्सीजन के साथ ही दवाओं और मेडिकल उपकरणों की किस तरह व्यवस्था करना होगी। साथ ही सलाह दी गई है कि देश में अब बच्चों के टीकाकरण पर तेजी से काम शुरू किया जाना चाहिए। खासतौर पर कोविड वार्ड बनाए जाएं जहां बच्चों को भी रखा जा सके। रिपोर्ट के मुताबिक, अच्छी बात यह है कि कोरोना की तीसरी लहर, दूसरी लहर जितना घातक नहीं होगी।




