हिरासत में सफाई कर्मी की मौत के बाद आगरा जा रही कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी को पुलिस ने हिरासत में लिया
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा को आगरा जाने के दौरान यूपी पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। पुलिस हिरासत में एक सफाईकर्मी की मौत के मामले में प्रियंका गांधी मारे गए शख्स के परिजनों से मुलाकात करने आगरा जा रही थीं।
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा को आगरा जाने के दौरान यूपी पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। पुलिस हिरासत में एक सफाईकर्मी की मौत के मामले में प्रियंका गांधी मारे गए शख्स के परिजनों से मुलाकात करने आगरा जा रही थीं। यूपी की योगी आदित्यनाथ सरकार ने उन्हें वहां जाने से रोक दिया था। यूपी में वाल्मीकि समाज के युवक की मौत के बाद जबर्दस्त हंगामा हो रहा है। युवक के परिवार से मिलने जा रही कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी को आगरा में एक्सप्रेसवे पर हिरासत में लिया गया।आरोप है कि अरुण कुमार नाम के सफाईकर्मी की पुलिस हिरासत में पिटाई से मौत हुई है। वाल्मीकि समाज से जुड़े अरुण कुमार को पुलिस ने चोरी के आरोप में गिरफ्तार किया था। यूपी में चुनाव अगले साल है, लेकिन यूपी का सियासी तापमान इस महीने की शुरूआत से ही चढ़ा हुआ है।यूपी पुलिस का कहना है कि प्रियंका को इसलिए रोका गया, क्योंकि उनके पास जरूरी इजाजत नहीं है। आगरा की इस घटना को लेकर प्रियंका ने एक ट्वीट करते हुए यूपी की योगी आदित्यनाथ सरकार पर निशाना साधा था। उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा था कि-किसी को पुलिस कस्टडी में पीट-पीटकर मार देना कहां का न्याय है? आगरा पुलिस कस्टडी में अरुण वाल्मीकि की मौत की घटना निंदनीय है। भगवान वाल्मीकि जयंती के दिन उप्र सरकार ने उनके संदेशों के खिलाफ काम किया है। उच्चस्तरीय जांच व पुलिस वालों पर कार्रवाई हो व पीड़ित परिवार को मुआवजा मिले।
एक अन्य ट्वीट में प्रियंका ने लिखा था कि अरुण वाल्मीकि की मृत्यु पुलिस हिरासत में हुई। उनका परिवार न्याय मांग रहा है। मैं परिवार से मिलने जाना चाहती हूं। यूपी सरकार को डर किस बात का है? क्यों मुझे रोका जा रहा है। इससे पहले, यूपी पुलिस ने आज सुबह कहा था कि पूछताछ के दौरान अरुण वाल्मीकि का स्वास्थ्य बिगड़ गया और उनकी मौत हो गई। एसएसपी आगरा मुनीराज ने कहा कि जब अरुण के घर पर जब मंगलवार रात छापेमारी की गई तभी वह बीमार था। उसे अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। अरुण पर शनिवार रात को पुलिस स्टेशन के एविडेंस लॉकर के तौर पर काम आने वाली इमारत से रुपयों की चोरी का आरोप है, वह वहां क्लीनर के तौर पर काम रहा था।
गौरतलब है कि हाल ही में प्रियंका लखीमपुर खीरी हिंसा में मारे गए पीड़ितों के परिवार से मिलने जा रही थीं, तब भी उन्हें रोककर हिरासत में ले लिया गया था। उस समय प्रियंका ने कहा था कि उन्हें बिना किसी आधार के हिरासत में रखा गया है। प्रियंका ने कहा था कि जस समय मुझे अरेस्ट किया गया मैं सीतापुर जिले में यात्रा कर रही थी जो कि लखीमपुर खीरी जिले की सीमा से करीब 20 किलोमीटर दूर है। मेरी जानकारी में सीतापुर में धारा 144 लागू नहीं थी। हिरासत में रखे जाने के बाद राहुल और प्रियंका गांधी को लखीमपुर खीरी जाकर पीड़ित परिवार से मिलने की इजाजत दे दी गई थी।




