पीके का प्लानः जनता के लिए नई कांग्रेस का निर्माण, एक परिवार से एक टिकट, चापलूसी खत्म, जमीनी नेताओं की हो पहचान
चुनाव रणनीतिकार प्रशांत किशोर (पीके) और कांग्रेस को लेकर इन दिनों राजनीतिक चर्चाएं तेज हैं। कयास लगाए जा रहे हैं कि वह कांग्रेस में शामिल हो सकते हैं।
चुनाव रणनीतिकार प्रशांत किशोर (पीके) और कांग्रेस को लेकर इन दिनों राजनीतिक चर्चाएं तेज हैं। कयास लगाए जा रहे हैं कि वह कांग्रेस में शामिल हो सकते हैं। इससे पहले वह कई बार सोनिया, राहुल, प्रियंका सहित कांग्रेस के आला नेताओं से मुलाकात कर चुके हैं। साथ ही आगामी लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को पूरे दमखम से लड़ाने की रणनीति के तहत प्रजेंटेशन भी दे चुके हैं। उनके इस प्लान को देखने के बाद कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने राजस्थान और छत्तीसगढ़ के सीएम को भी प्लान को समझने के लिए बुलाया। इस प्लान को 2.0 योजना का नाम दिया गया है। कांग्रेस सूत्र बताते हैं कि पीके के कांग्रेस में शामिल होने को लेकर जल्द ही सोनिया गांधी के साथ उनकी बैठक में फैसला लिया जाएगा।पिछले हफ्ते सोनिया गांधी, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा के साथ अपनी पहली बैठक में प्रशांत किशोर ने कांग्रेस के लिए एक पुनरुद्धार योजना और राज्यों के साथ-साथ आगामी लोकसभा चुनाव जीतने की रणनीति प्रजेंटेशन दी थी। उस प्रजेंटेशन को कांग्रेस के चुनिंदा नेताओं को दिखाया गया और इसके साथ ही उस प्लान पर प्रशांत किशोर के कांग्रेस ज्वाइन करने पर उनसे फीडबैक मांगी गई थी।
हालांकि, प्रशांत किशोर के कांग्रेस 2.0 योजना का खुलासा नहीं हुआ है। वहीं, एनडीटीवी ने प्लान को लेकर कुछ बिंदुओं का खुलासा किया है। ये बिंदु जो प्रशात किशोर ने पिछले साल गांधी परिवार के सामने रखे थे। प्लान में कहा गया है कि यह 2024 में भारत जीतने के बारे में है। इसके साथ ही साल 1984 से 2019 तक पार्टी के पतन की वजह का भी जिक्र किया गया है। उनमें विरासत और उपलब्धियों को भुनाने में विफलता, संरचनात्मक कमजोरियां और जनता के साथ जुड़ाव की कमी शामिल हैं। प्रशांत किशोर की योजना के मुताबिक, ‘कांग्रेस के कायाकल्प’ के लिए नेतृत्व को पार्टी के पुनर्निर्माण और इसे लोकतांत्रिक बनाने की जरूरत है।
इसमें सोनिया गांधी को कांग्रेस अध्यक्ष के रूप में, गैर-गांधी को कार्यकारी अध्यक्ष या उपाध्यक्ष और राहुल गांधी को संसदीय बोर्ड का प्रमुख बनाया जाना भी सुझाया गया। इसमें कहा गया कि एक गैर-गांधी कार्यकारी अध्यक्ष/उपाध्यक्ष की जरूरत है, जो कांग्रेस नेतृत्व के निर्देशानुसार जमीन पर प्रभावी ढंग से काम कर सके। इसमें कहा गया है कि यह पांच रणनीतिक फैसलों में से पहला कदम है, जो कांग्रेस को लेना है। इसके अलावा गठबंधनों को सुलझाना, पार्टी के संस्थापक सिद्धांतों को पुनः प्राप्त करना, जमीनी स्तर के नेताओं और “मीडिया और डिजिटल प्रचार का समर्थन” का एक इकॉसिस्टम का सुझाव भी शामिल हैं।
कांग्रेस 2.0 के लिए पीके के प्लान से जुड़े बिंदु
– जनता के लिए एक नई कांग्रेस का निर्माण
– इसके मूल्यों और मूल सिद्धांतों की रक्षा करना
– चापलुसी की भावना को खत्म करना
– गठबंधन के मसले सुलझाना
– प्रचलित परिवारवाद के मुकाबले के लिए ‘एक परिवार, एक टिकट
– सभी स्तरों पर चुनाव के माध्यम से संगठनात्मक निकायों का पुनर्गठन
– कांग्रेस अध्यक्ष और कांग्रेस कार्यसमिति सहित सभी पदों के लिए निश्चित कार्यकाल
– 15,000 जमीनी स्तर के नेताओं को पहचानें और उन्हें शामिल किया जाए. इसके अलावा एक करोड़ से ज्यादा कार्यकर्ता तैयार किए जाएं
– 200 से अधिक समान विचारधारा वाले इंफ्लूएंसर, कार्यकर्ताओं और सिविल सोसाइटी के सदस्यों का एक संघ बनाया जाए



