तस्वीरें उजागर कर रही जंगलों में अवैध कटान, सवाल-क्या खुद तो नहीं लगाई जा रही आग

इन दिनों उत्तराखंड के जंगल आग से धधक रहे हैं। बारिश के बाद फिर से जंगलों में आग लग रही है। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर ये आग कौन लगा रहा है। पर्यावरणविदों का मानना है कि इस आग को जंगलों में अवैध कटान के बाद लगाया जा रहा है। ताकी पता न चल सके कि वहां पेड़ों का कटान किया गया। सब कुछ आग की भेंट चढ़ जाए।
पर्यावरणविद सुरेश भाई का तो ये दावा है कि जंगलों में आग जानबूझकर लगाई जा रही है। उन्होंने उत्तराखंड के प्रमुख वन संरक्षक राजीव भरतरी को इस संबंध में 13 अप्रैल को पत्र भेजकर उच्च स्तरीय जांच की मांग की थी। इसके बावजूद अभी भी जंगल में खड़े पेड़ों का कटान जारी है।

सुरेश भाई के मुताबिक अभी तक कोई भी जांच टीम नहीं बनाई गई है। वहीं, कोविड-19 की आड़ में वनों का व्यावसायिक दोहन धड़ल्ले से किया जा रहा है। आने वाले दिनों में इतने बड़े पैमाने पर टिहरी-उत्तरकाशी के अन्यारखाल और चौरंगीखाल वन क्षेत्रों में किये जा रहे व्यावसायिक दोहन से भागीरथी, जलकुर और बालगंगा के जलग्रहण क्षेत्रों में निवास कर रहे लोगों को विपदाओं का सामना करना पड़ेगा।

उन्होंने बताया कि यह फोटो टिहरी के सामाजिक कार्यकर्ता महिपाल नेगी के साथ अरण्य रंजन, साहब सिंह सजवान के फेसबुक से मिली हैं। उन्होंने अभी कटान प्रभावित क्षेत्रों का भ्रमण किया। प्रमुख वन संरक्षक को भेजे पत्र में सुरेश भाई ने कहा था कि एक ओर उत्तराखंड के जंगल बडी तेजी से जल रहे हैं, दूसरी ओर गढवाल व कुमाऊँ के कई वन क्षेत्रों में राई, कैल, मुरैडा, देवदार, खर्सु, मौरू आदि प्रजाति के हरे पेडो की बड़े पैमाने पर वन निगम की ओर से कटाई की जा रही है।

चिन्ताजनक है कि वर्तमान में उत्तराखंड की कई नदियों के सिरहानो व जलग्रहण क्षेत्रो में बडे पैमाने पर व्यावसायिक कटान चल रहा है। यह कटान ऐसे समय में हो रहा जब कोविड 19 के प्रभाव के कारण लोग खुले रूप में इसका विरोध नही कर पा रहे है।

उन्होंने पत्र में कहा कि भविष्य में इसके दुष्प्रभाव के कारण भूस्खलन का खतरा, जडी बूटियों व जंगली जानवरो को भारी नुकसान होगा। आपसे निवेदन है कि एक जांच टीम को उपरोक्त वन क्षेत्रो का निरीक्षण करने भेजा जाय। यहां शीघ्र ही हरे पेडो की कटाई रोकी जाय। कृपया इसकी निष्पक्ष जांच करवा कर हरे पेडो की कटाई करने वाले दोषियों पर कार्रवाई की जाए।
पढ़ेंः वनों का व्यावसायिक दोहन और जंगलों में आग, ऐसे में नहीं बचेगा हिमालयः सुरेश भाई

सुरेश भाई का परिचय
सुरेश भाई रक्षासूत्र आन्दोलन के प्रेरक है। वह सामाजिक कार्यकर्ता व पर्यावरणविद हैं। वह उत्तराखंड नदी बचाओ आंदोलन से भी जुड़े हैं। सुरेश भाई उत्तराखंड सर्वोदय मंडल के अध्यक्ष भी हैं। वर्तमान में वह उत्तरकाशी के हिमालय भागीरथी आश्रम में रहते हैं।




