एक थका, दूसरा संवैधानिक संकट में फंसा, तीसरा अनुभवहीन मुख्यमंत्री दिया भाजपा नेः धस्माना
भाजपा नेतृत्व ने उत्तराखंड प्रदेश को इन साढ़े चार सालों में तीन मुख्यमंत्री दिये हैं। इसमें एक थका, दूसरा संवैधानिक संकट में फंसा और अब तीसरा अनुभवहीन मुख्यमंत्री दे दिया है।
उत्तराखंड में प्रदेश कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने कहा कि भाजपा नेतृत्व ने उत्तराखंड प्रदेश को इन साढ़े चार सालों में तीन मुख्यमंत्री दिये हैं। इसमें एक थका, दूसरा संवैधानिक संकट में फंसा और अब तीसरा अनुभवहीन मुख्यमंत्री दे दिया है। उन्होने कहा कि नए मुख्यमंत्री के कारण भाजपा में उपजे असंतोष व राजनैतिक उठापटक से कांग्रेस का कोई लेना देना नहीं है। यह सब भाजपा के कुकर्मों का फल है, जो उसे भुगतना पड़ेगा।कांग्रेस भवन में पत्रकारों से वार्ता में धस्माना ने कहा कि पिछले चार वर्षों में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भाजपा की जन विरोधी नीतियों के खिलाफ जो संघर्ष किया है। उसके बल पर ही कांग्रेस आगामी विधानसभा चुनावों में प्रचंड बहुमत की सरकार बनाएगी। आज बेरोजगारी दर छह गुना बढ़ गई है। जनता त्रस्त है। अब जनता ही भाजपा को जवाब देगी।
उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में एक सुलझे हुए मुख्यमंत्री की जरूरत थी और भाजपा ने पुष्कर सिंह धामी को मुख्यमंत्री की कमान दे दी है। उत्तराखंड राज्य में वर्ष 2017 में कांग्रेस शासन के दौरान 1.64 प्रतिशत बेरोजगारी दर थी और अब 10.99 प्रतिशत तक पहुंच गई है। ये दर छह गुना बढ़ गई है जो राष्ट्रीय स्तर से भी ज्यादा है। उन्होंने कहा कि कोरोना संक्रमण काल में सात हजार लोगों की आधिकारिक मौतें हुई है और चार लाख तक संक्रमित लोगों का आंकडा पहुंच गया है। स्वास्थ्य सेवायें पूरी तरह चरमरा गई। सरकार के पास ब्लैक फंगस से निपटन के लिए कोई इंतजाम नहीं है। अब तक ब्लैक फंगस से 100 लोगों की मौत हो चुकी है। व्यवस्थाओं को ढर्रे पर लाना नए सीएम के लिए चुनौती है।
उन्होंने कहा कि लोगों ने 2017 में नरेन्द्र मोदी के नाम पर प्रचंड बहुमत दिया, लेकिन आज स्थिति सबके सामने है। उन्होंने कहा कि महंगाई चरम पर है। उन्होंने कहा कि भाजपा ने प्रदेश की जनता के साथ विश्वासघात किया है। उन्होंने कहा कि आगामी 2022 में इस विश्वासघात का बदला भाजपा को सत्ता से बाहर कर लेगी। सात से 17 जुलाई तक प्रदेश भर में बेरोजगारी, राजनैतिक अस्थिरता, महंगाई, बदहाल स्वास्थ्य सेवाओं के खिलाफ आंदोलन किया जायेगा। इसके लिए रणनीति तैयार कर ली गई है।





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