37 वीं पुण्य तिथि पर कांग्रेस प्रदेश उपाध्यक्ष धस्माना ने की एचएन बहुगुणा को भारत रत्न देने की मांग
भारत के पूर्व वित्त, पेट्रोलियम व रसायन मंत्री के साथ ही उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री रहे देश में हिमालय के चंदन हेमवती नंदन के नाम से मशहूर देश के महान नेता स्वर्गीय हेमवती नंदन बहुगुणा की 37 वीं पुण्य तिथि मनाई गई। इस मौके पर उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस की ओर से दिवंगत नेता को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। कांग्रेस के प्रदेश के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने स्वर्गीय हेमवती नंदन बहुगुणा को देश व समाज की सेवा में महत्वपूर्ण योगदान व स्वच्छ तथा सिद्धांतों की राजनीति करने के लिए भारत रत्न देने की मांग की। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
उन्होंने स्वर्गीय बहुगुणा को एक धर्मनिरपेक्ष व दूरदर्शी नेता बताते हुए कहा कि देश के पेट्रोलियम मंत्री के कार्यकाल के दौरान 1978 में अनेक विशेषज्ञों ने जब देश में पेट्रोल डीजल व प्राकृतिक गैस की कमी की भविष्यवाणी की थी। तब ईरान में इस्लामिक क्रांति की सुगबुगाहट के कारण खाड़ी के देशों से कच्चे तेल की सप्लाई में परेशानी आने लगी। ऐसे में बहुगुणाजी ने लीबिया के तत्कालीन शासक कर्नल गद्दाफी से मिलने का निश्चय किया। इसमें वह सफल हुए और सात मार्च से दस मार्च चार दिवसीय लीबिया का दौरा कर कर्नल गद्दाफी से मुलाकात की। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
उन्होंने कहा कि इस मुलाकात में बहुगुणाजी ने कर्नल गद्दाफी को इतना प्रभावित किया कि वह भारत को दो लाख मैट्रिक टन कच्चा तेल देने को तैयार हो गया। फिर भारत का लीबिया के साथ करार हुआ, जिसकी पूरे देश में प्रशंसा हुई। धस्माना ने कहा कि बहुगुणाजी ने देश भर में रसोई गैस आम जनता को उपलब्ध कराने के लिए व्यापक पैमाने पर गैस वितरण एजेंसियों का आवंटन किया। पूर्व सैनिकों, शहीद सैनिकों के आश्रितों को बड़े स्तर पर गैस एजेंसियों दीं। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
कांग्रेस नेता सूर्यकांत धस्माना ने कहा कि आज जब ईरान अमरीका इजरायल के युद्ध के कारण देश में रसोई गैस की किल्लत हो रही है और आने वाले दिनों में युद्ध ना रुकने की स्थिति में पेट्रोल डीजल की कमी का सामना भी करना पड़ सकता है। ऐसी परिस्थितियों में स्वर्गीय हेमवती नंदन बहुगुणा जी की दूरदृष्टी व नीतियों की बहुत कमी महसूस हो रही है। देश के स्वतंत्रता संग्राम में बहुगुणा जी की भूमिका से लेकर देश की आजादी के बाद लगभग साढ़े चार दशकों तक उत्तरप्रदेश से केंद्र तक राजनीति पर धस्माना ने विस्तार से प्रकाश डाला। साथ ही कहा कि उन्होंने अपना राजनैतिक प्रशासनिक व सामाजिक कौशल का योगदान देश को दिया जो आने वाली पीढ़ियों को मार्गदर्शन देता रहेगा। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
इस अवसर पर प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता शीश पाल सिंह बिष्ट, श्रम प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष दिनेश कौशल, सरदार अमरजीत सिंह, अनुसूचित जाति विभाग के प्रदेश उपाध्यक्ष अमीचंद सोनकर, पूनम कंडारी, सुनील जायसवाल, आनंद सिंह पुंडीर, गगन छाछर, आदर्श सूद,मती सुशीला शर्मा, वीरेश शर्मा, यामीन खान, शरीफ बेग, चंद्रपाल, विवेक घिल्डियाल, नोहर सिंह, मनीष गर्ग,वीरेंद्र पंवार आदि बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
नोटः सच का साथ देने में हमारा साथी बनिए। यदि आप लोकसाक्ष्य की खबरों को नियमित रूप से पढ़ना चाहते हैं तो नीचे दिए गए आप्शन से हमारे फेसबुक पेज या व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ सकते हैं, बस आपको एक क्लिक करना है। यदि खबर अच्छी लगे तो आप फेसबुक या व्हाट्सएप में शेयर भी कर सकते हो। यदि आप अपनी पसंद की खबर शेयर करोगे तो ज्यादा लोगों तक पहुंचेगी। बस इतना ख्याल रखिए।

Bhanu Bangwal
लोकसाक्ष्य पोर्टल पाठकों के सहयोग से चलाया जा रहा है। इसमें लेख, रचनाएं आमंत्रित हैं। शर्त है कि आपकी भेजी सामग्री पहले किसी सोशल मीडिया में न लगी हो। आप विज्ञापन व अन्य आर्थिक सहयोग भी कर सकते हैं।
मेल आईडी-bhanubangwal@gmail.com
भानु बंगवाल, देहरादून, उत्तराखंड।


