एंटी टेरोरिस्ट फ्रंट इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष वीरेश शांडिल्य पहुंचे देहरादून, शांति से चुनाव कराने पर डीजीपी को दी बधाई
एंटी टेरोरिस्ट फ्रंट इंडिया एवं ब्राह्मण महापंचायत के राष्ट्रीय अध्यक्ष वीरेश शांडिल्य आज देहरादून पहुंचे। जहां उन्होंने उत्तराखंड के पुलिस महानिदेशक आईपीएस अशोक कुमार से मुलाक़ात की और उन्हें प्रदेश में शांतमय ढंग से चुनाव सम्पन्न करवाने पर बधाई दी।
एंटी टेरोरिस्ट फ्रंट इंडिया एवं ब्राह्मण महापंचायत के राष्ट्रीय अध्यक्ष वीरेश शांडिल्य आज देहरादून पहुंचे। जहां उन्होंने उत्तराखंड के पुलिस महानिदेशक आईपीएस अशोक कुमार से मुलाक़ात की और उन्हें प्रदेश में शांतमय ढंग से चुनाव सम्पन्न करवाने पर बधाई दी। कहा कि डीजीपी अशोक कुमार के नेतृत्व में उत्तराखंड में कानून व्यवस्था मजबूत हुई है और उत्तराखंड पुलिस के सराहनीय कार्य पूरे भारत में नए आयाम स्थापित कर रहे हैं। शांडिल्य ने कहा अशोक कुमार जो हरियाणा में जन्मे है, उनकी सोच नर सेवा-नारायण सेवा वाली है। वह हमेशा समाज के भले के लिए सोचते है, जो तारीफ़ के काबिल हैं।वीरेश शांडिल्य ने उत्तराखंड पुलिस मुख्यालय के बाहर पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि भारत में हिन्दू-सिख एक ही सिक्के के दो पहलू हैं। जो ताकते इन्हें बाँटने का प्रयास कर रही हैं, उन्हें मुहतोड़ जवाब दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि वह पंजाब में किसी कीमत पर भी खालिस्तान नही बनने देंगे। खालिस्तान उनकी लाश पर बनेगा। शांडिल्य ने कहा खालिस्तान मुहिम पाकिस्तान की आइएसआइ व आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा व विदेशी शक्तियों द्वारा चलाई जा रही है। गुरपतवंत सिंह पन्नू मात्र उनका एजेंट है।
उन्होंने भारत के प्रधानमंत्री मोदी व अमित शाह को हिंदुस्तान का सुरक्षा कवच बताया और कहा कि वह ऋषि-मुनियों, पीर-पैगम्बरों व सन्तो को तरह हिंदुस्तान की सेवा कर रहे हैं। एंटी टेरोरिस्ट फ्रंट इंडिया ने मांग कि संसद में मोदी व शाह को कानून लेकर आएं कि जो भी खालिस्तान की मुहिम को चलाएगा या खालिस्तान का झंडा उठाएगा या भारतीय तिरंगे को चुनौती देगा, या भारतीय संविधान का अपमान करेगा, तो उसे सजा-ए-मौत का कानून बने।
वीरेश शांडिल्य ने कहा कि वह 2002 में वह पहले व्यक्ति है जिन्होंने दिल्ली से जम्मू-कश्मीर तक आतंकवाद के खिलाफ रथयात्रा निकाली। अब वह पूरे देश का दौरा करने के बाद और फ्रंट में ग्राम स्तर तक नियुक्तियों के बाद दिल्ली से जम्मू-कश्मीर तक खालिस्तान को कुचलने की मुहिम चलाएंगे। इसके लिए रथयात्रा भी निकालेंगे। वहीं शांडिल्य ने कहा कि जो कटरपंथी पंजाब में खालिस्तान की मांग कर रहे हैं, वह खालिस्तान की घटिया मांग को छोड़कर पाकिस्तान से करतारपुर साहिब व ननकाना साहिब वापिस भारत मे लाने की पहल करें।
शांडिल्य ने खालिस्तानियों से कहा अगर उनमे दम है तो एंटी टेरोरिस्ट फ्रंट इंडिया के सदस्यों के साथ पाकिस्तान के अंदर घुसकर गुरुद्वारों का कब्जा पाकिस्तान से वापिस लेने के लिए आगे आएं। उन्होंने कहा सबसे पहले गुरुद्वारो के अस्तित्त्व को बचाना होगा तभी भारत की एकता और अखंडता व धार्मिक सौहार्द बरकरार रहेगा। वीरेश शांडिल्य ने कहा कि भारतीय जेलों में जितने भी पाकिस्तानी आतंकवादी बंद है, जो भारत पर हमला करने आए, जिनसे हथियार बम विस्फोटक सामग्री बरामद हुई, उन्हें मौत के घाट उतार दिया जाए। उनका जिन्दा रहना भारत की एकता और अखंडता के लिए खतरा है। उनका जिन्दा रहना फिर किसी आतंकी हमले व बम धमाकों को जन्म दे सकता है।



