Loksaakshya Social

Social menu is not set. You need to create menu and assign it to Social Menu on Menu Settings.

Social menu is not set. You need to create menu and assign it to Social Menu on Menu Settings.

March 13, 2026

मोदी सरकार की नतमस्तक नीति से भारत में उपजा गैस संकट और बढ़ी महंगाईः सीपीएम

भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की ओर से थोपे गए क्षेत्रीय युद्ध के चलते देश में उत्पन्न गंभीर स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त की। पार्टी का कहना है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने अमेरिकी साम्राज्यवाद के समक्ष जो घुटने टेकने की नीति अपना रखी है, उसी का प्रत्यक्ष परिणाम देश में पेट्रोलियम पदार्थों की बेतहाशा बढ़ती कीमतें, व्यापक कालाबाजारी और आम जनता की बढ़ती परेशानी के रूप में सामने आया है। साथ ही कहा कि पार्टी सरकार के इन जन-विरोधी नीतियों के खिलाफ व्यापक आंदोलन करेगी। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

पार्टी की ओर से दिए गए बयान को देहरादून में पार्टी सचिव अनंत आकाश ने जारी किया। इसमें कहा गया कि अमेरिका की ओर से ईरान इस थौपे गए युद्ध के परिणामस्वरूप पिछले 12 दिनों में दिनों दिन महगांई बढ़ रही है। रसोई गैस काला बाजारियो द्वारा कामर्शियल तथा घरेलू गैस के लिए उपभोक्ताओं से कई गुना बसूली की जा रही इस लूट खसोट पर स्थानीय प्रशासन व सरकार मौन है। इसके बावजूद अभी तक भी कालाबाजारियों के खिलाफ कोई भी कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में घरेलू गैस का ढाई हजार तथा कामर्शियल गैस के सिलेंडर का चार हजार रुपये वसूला जा रहा है। गैस एजेंसियों की मिलीभगत के बिना ऐसी कालाबाजारी संभव नहीं है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

अमेरिकी-इजरायल धुरी के आगे समर्पण
सीपीआई (एम) ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री मोदी की हालिया इजरायल यात्रा, जब इजरायल गाजा में नरसंहार कर रहा था और अमेरिका के साथ मिलकर ईरान पर हमले की योजना बना रहा था, यह ऐतिहासिक फलस्तीनी समर्थन नीति से विश्वासघात है। पार्टी का मानना है कि यह यात्रा “अमेरिकी-इजरायल धुरी” के प्रति भाजपा सरकार की “बेशर्म निष्ठा” को उजागर करती है। पार्टी नेतृत्व ने कहा कि सरकार का यह रुख भारत की संप्रभुता और गुटनिरपेक्ष विरासत पर प्रहार है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

हर रसोई में पहुंचा युद्ध का असर
पार्टी के राज्यसभा सांसद डॉ. जॉन ब्रिटास ने केंद्र सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि “युद्ध देश के हर रसोई घर में पहुंच गया है”। पश्चिम एशिया में बढ़ते संकट के कारण एलपीजी आपूर्ति श्रृंखला बाधित हुई है। सरकार के इस आश्वासन के बावजूद कि पर्याप्त भंडार है, देशव्यापी संकट पैदा हो गया है। मुंबई सहित कई शहरों में रेस्तरां बंद होने की कगार पर हैं। वाणिज्यिक सिलेंडरों के लिए कालाबाजारी चरम पर है, जहां आम कीमत 1,750 रुपये के बजाय 4,000 रुपये तक वसूले जा रहे हैं। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

एलपीजी मूल्य वृद्धि और जनता पर बोझ
सीपीआई (एम) ने हाल ही में घरेलू एलपीजी सिलेंडर पर 60 रुपये और वाणिज्यिक सिलेंडर पर 114.50 रुपये की मूल्य वृद्धि की कड़ी निंदा की । पार्टी बयान के अनुसार, यह वृद्धि सीधे तौर पर प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना की लाभार्थी गरीब महिलाओं को प्रभावित करती है। पार्टी ने सरकार के इस रुख को “जन-विरोधी” बताते हुए कहा कि सरकार सिलेंडरों पर अपनी कर राजस्व की भूख को नहीं छोड़ना चाहती ।एलपीजी घरेलू बाजार में ढाई हजार से ज्यादा बसूली हो‌ रही है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

वेनेजुएला और वैश्विक मामलों में ‘अपमानजनक मौन’
पार्टी ने वेनेजुएला के खिलाफ अमेरिकी आक्रमण के समय मोदी सरकार के रवैये को “कायरतापूर्ण” और “अपमानजनक” करार दिया। सीपीआई (एम) ने कहा कि जहां ब्राजील और दक्षिण अफ्रीका जैसे देशों ने अमेरिकी आक्रमण की निंदा की, वहीं भारत सरकार ने अमेरिका का नाम तक लेने से परहेज किया। पार्टी का कहना है, “अमेरिकी साम्राज्यवाद के सामने झुकने की यह प्रवृत्ति भारत के वैश्विक दक्षिण के नेतृत्व के दावे को खोखला करती है”। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

सीपीआई (एम) की मांगें
1. एलपीजी मूल्य वृद्धि तत्काल वापस ली जाए। ताकि आम आदमी को राहत मिल सके।
2. सरकार अमेरिका-इजरायल की आक्रामकता के खिलाफ आवाज उठाए और ईरान पर हमलों का खुलकर विरोध करे।
3. पेट्रोलियम पदार्थों की कालाबाजारी पर अंकुश लगाने और सार्वजनिक वितरण प्रणाली को मजबूत करने के लिए तत्काल कदम उठाए जाएं।
4. भारत अपनी पारंपरिक विदेश नीति पर लौटे और साम्राज्यवादी ताकतों के सामने घुटने टेकने की नीति को त्यागे।
नोटः सच का साथ देने में हमारा साथी बनिए। यदि आप लोकसाक्ष्य की खबरों को नियमित रूप से पढ़ना चाहते हैं तो नीचे दिए गए आप्शन से हमारे फेसबुक पेज या व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ सकते हैं, बस आपको एक क्लिक करना है। यदि खबर अच्छी लगे तो आप फेसबुक या व्हाट्सएप में शेयर भी कर सकते हो। यदि आप अपनी पसंद की खबर शेयर करोगे तो ज्यादा लोगों तक पहुंचेगी। बस इतना ख्याल रखिए।

Bhanu Bangwal

लोकसाक्ष्य पोर्टल पाठकों के सहयोग से चलाया जा रहा है। इसमें लेख, रचनाएं आमंत्रित हैं। शर्त है कि आपकी भेजी सामग्री पहले किसी सोशल मीडिया में न लगी हो। आप विज्ञापन व अन्य आर्थिक सहयोग भी कर सकते हैं।
मेल आईडी-bhanubangwal@gmail.com
भानु बंगवाल, देहरादून, उत्तराखंड।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *