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February 22, 2026

चंपावत के दूरस्थ गांवों और पर्यटक स्थलों तक पहुंचेगी मोबाइल की कनेक्टिविटी, अभी लोग करते हैं नेपाल के सिम का इस्तेमाल

उत्तराखंड में चंपावत जिले के दूरस्थ ग्रामीण और पर्यटक क्षेत्रों के मोबाइल आज भी नेटवर्क नहीं होने के चलते शोपीस बने हुए हैं। इससे ग्रामीणों सहित यहां पहुंचने वाले पर्यटकों को बातचीत सहित कम्यूनिकेशन में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। इससे लोगों का अधिकांश समय मोबाइल का नेटवर्क के लिए भटकने में जाया हो जाता है। इसको लेकर संबंधित विभाग में इस तरह की शिकायतें लगातार मिलती हैं, लेकिन स्थिति जस की तस बनी रहती है। जब मोबाइल कनेक्टिविटी नहीं है, तो ऐसे में कई दूरदराज के लोगों ने इसका तोड़ निकाला हुआ है और नेपाल के सिम का इस्तेमाल करते हैं। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

इस दौरान चंपावत जनपद के पूर्णागिरी तहसील, चंपावत तहसील और जिले के सीमांत क्षेत्रों के विभिन्न गांवों में मोबाइल नेटवर्किंग की समस्या से निजात दिलाने के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मोर्चा संभाल लिया है। बताया जा रहा है कि जिले के विभिन्न पर्यटक स्थलों सहित राष्ट्रीय राजमार्ग से लगे उन स्थानों पर जहां नेटवर्किंग प्रभावित हो रही थी, वहां मोबाईल सुविधाओं तथा हाई स्पीड इंटरनेट की सुविधा मिल सकेगी। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

इसके लिए हाल ही में अपने दिल्ली प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केन्द्रीय दूरसंचार मंत्री अश्विनी वैष्णव के समक्ष यह प्रकरण प्रमुखता से उठाया था। उप जिलाधिकारी पूर्णागिरि (टनकपुर) हिमांशु कफलटिया ने बताया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के प्रयासों से चंपावत जिले में दूर संचार नेटवर्क में आमूलचूल परिवर्तन होने जा रहा है। कहा कि मजबूत दूरसंचार तंत्र से क्षेत्र में ई-कामर्स, डिजिटल शिक्षा, वित्तीय समावेशन आदि को बढावा मिलेगा। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

नेटवर्क रहित गांवों और पर्यटक स्थलों में मोबाइल नेटवर्क की स्वीकृति
चंपावत विधानसभा क्षेत्र अन्तर्गत जहां पूर्णागिरी तहसील में डांडा, ककनई, बुडम, कठौल, मथियाबॉज, तलियाबॉज, गंगसीर, पोथ, कालीगूँठ (पूर्णागिरी), कौली कुलाडी, गांव में मोबाईल नेटवर्क की स्वीकृती मिली है। वहीं चंपावत तहसील अन्तर्गत सुतोला, मौनपोखरी, पिनाना, लडाबोरा, घुरचुम, खटोली, कांडा, तल्लादेश इत्यादि गांवों में भी मोबाईल नेटवर्क की स्वीकृति मिल चुकी है। इसके पश्चात टनकपुर पिथौरागढ राष्ट्रीय राजमार्ग, टनकपुर-जौलजीबी रोड, सूखीढांग डांडा मीडार रोड पर यात्रा के दौरान अब यात्री मोबाईल सुविधाओं तथा हाई स्पीड इंटरनेट का प्रयोग कर पायेंगे। इससे क्षेत्र के पर्यटक स्थलों जैसे- माँ पूर्णागिरी मन्दिर, गुरूद्वारा श्री रीठा साहिब, श्री एडी ब्यानधुरा, श्यामलाताल आदि क्षेत्रों में आने वाले पर्यटकों को भी मोबाईल नेटवर्क मिल पायेगा। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

भारत की जगह नेपाली सिमों के प्रयोग की मिल रही थी जानकारी
वर्षों से चंपावत जिले के सीमान्त क्षेत्र के विभिन्न गांवों में मोबाईल नेटवर्क की कमी रही है। सीमावर्ती क्षेत्रों में कई स्थानों पर नेपाल का दूरसंचार तंत्र अधिक मजबूत होने तथा भारतीय नेटवर्क कमजोर होने के कारण जहां ग्रामीण नेपाली सिमों का प्रयोग करने के लिए मजबूर थे, वहीं यह राष्ट्र की सुरक्षा के लिए भी खतरा बन रहा था। जिसको लेकर हाल ही में अपने दिल्ली प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री धामी ने केन्द्रीय दूरसंचार मंत्री वैष्णव के समक्ष यह प्रकरण प्रमुखता से उठाया था।

लेखक का परिचय
उत्तराखंड में चंपावत जिले के जगदंबा कालोनी, चांदमारी लोहाघाट निवासी ललित मोहन गहतोड़ी स्नातक, प्रशिक्षित स्टेनोग्राफर, प्रशिक्षित व्यायाम शिक्षक हैं। ललित वर्तमान में स्वतंत्र पत्रकारिता के साथ फाल्गुनी फुहारें नाम से एक वार्षिक सांस्कृतिक पुस्तक का प्रकाशन कर रहे हैं। इसके अब तक चार भाग प्रकाशित कर चुके हैं। उनका कहना है कि फुहारें पुस्तक का आगामी अंक पांच वसंत फुहारें विशेषांक भी वह जल्द ही प्रकाशित करने जा रहे हैं।

 

Bhanu Prakash

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भानु बंगवाल
मेल आईडी-bhanubangwal@gmail.com
भानु बंगवाल, देहरादून, उत्तराखंड।

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