देहरादून में ध्वस्त कानून व्यवस्था के खिलाफ महानगर कांग्रेस का प्रदर्शन, सरकार का पुतला दहन
उत्तराखंड में महिलाओं के खिलाफ लगातार बढ़ते जघन्य अपराधों और राजधानी देहरादून में चरमराई कानून-व्यवस्था के विरोध में महानगर कांग्रेस कमेटी देहरादून की ओर से प्रदर्शन किया गया। इस दौरान देहरादून में राजपुर रोड स्थित एश्ले हॉल चौक पर धामी सरकार का पुतला दहन किया गया। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने महिला सुरक्षा में विफल सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाज़ी की और गुंजन प्रकरण में शिकायत के बावजूद कार्रवाई न करने वाले दोषी पुलिस अधिकारियों के तत्काल निलंबन की मांग की। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
इस मौके पर महानगर कांग्रेस अध्यक्ष डॉ. जसविंदर सिंह गोगी ने कहा कि राजधानी देहरादून महिलाओं के लिए सबसे असुरक्षित शहर बन चुका है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की अस्थायी राजधानी में लगातार सामने आ रही जघन्य हत्याएँ सरकार के सुशासन के खोखले दावों की पोल खोल रही हैं। डॉ. गोगी ने कहा कि बीते सिर्फ़ पाँच दिनों में तीन महिलाओं की हत्या यह साबित करती है कि राज्य में कानून नाम की कोई चीज़ नहीं बची है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
उन्होंने किया इन घटनाओं का ज़िक्र
•विकासनगर में एक युवती की निर्मम हत्या।
•ऋषिकेश एम्स में कार्यरत एक महिला की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या।
•देहरादून के मच्छी बाज़ार में 23 वर्षीय युवती की चापड़ से गला रेतकर हत्या।
उन्होंने सवाल उठाया कि जब राजधानी में दिनदहाड़े अपराधी खुलेआम महिलाओं की हत्या कर रहे हैं, तो प्रदेश की आम महिलाओं की सुरक्षा की ज़िम्मेदारी कौन लेगा? डॉ. गोगी ने कहा कि आज देहरादून में अपराधियों के हौसले बुलंद हैं, पुलिस व्यवस्था पूरी तरह लचर है और धामी सरकार मूकदर्शक बनी हुई है। उन्होंने कहा कि महिलाओं के खिलाफ़ बढ़ते अपराध यह साबित करते हैं कि धामी सरकार महिला सुरक्षा और कानून व्यवस्था दोनों मोर्चों पर पूरी तरह फेल हो चुकी है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
सरकार से की मांग
1.तीनों मामलों की तत्काल फास्ट-ट्रैक जांच कराई जाए।
2.दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी कर कड़ी से कड़ी सज़ा सुनिश्चित की जाए।
3.राजधानी देहरादून में महिला सुरक्षा को लेकर स्पष्ट जवाबदेही तय की जाए।
4.शिकायत के बावजूद कार्रवाई न करने वाले पुलिस अधिकारियों को तत्काल निलंबित किया जाए। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि अब भी सरकार नहीं जागी, तो यह साफ हो जाएगा कि धामी सरकार के लिए महिलाओं की जान से ज़्यादा अहम उनकी सत्ता है। आज उत्तराखंड की महिलाएँ भय और असुरक्षा में जीने को मजबूर हैं। इसकी पूरी ज़िम्मेदारी धामी सरकार की नाकाम कानून-व्यवस्था पर है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
इस मौके पर मुख्य रूप से प्रदेश महिला कांग्रेस अध्यक्ष कांग्रेस ज्योति रौतेला, कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष पूरन सिंह रावत, पार्षद रोबिन त्यागी, अभिषेक तिवारी, मोनिका चौधरी, वीरेंद्र बिस्ट, अभिनव थापर, रमेश कुमार मंगू, हरि प्रसाद भट्ट, आलोक मेहता, उर्मिला थापा, सावित्री थापा, जमाल अहमद, अनूप कपूर, वीरेंद्र पंवार, विनीत भट्ट बंटू, अर्जुन पासी , शकील मंसूरी, आदर्श सूद, गगन चाहर, आदि मौजूद थे।
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Bhanu Bangwal
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भानु बंगवाल, देहरादून, उत्तराखंड।



