बेरोजगारों पर लाठीचार्ज को सही ठहराने पर महानगर कांग्रेस ने की निंदा, प्रदेश अध्यक्ष ने किया ट्विट
देहरादून महानगर कांग्रेस की एक बैठक में सरकार की ओर से 09 फरवरी 23 को देहरादून में बेरोजगार छात्रों पर हुए लाठीचार्ज की कार्रवाई को सही ठहराने की कड़ी निंदा की गई। आरोप लगाया गया कि इस मामले में लीपापोती की गई है। कांग्रेस भवन में आयोजित बैठक में महानगर अध्यक्ष डॉ. जसविंदर सिंह गोगी ने कहा कि सरकार द्वारा नितांत अविवेकपूर्ण निर्णय लिया गया है। शासन की ओर से नौ मार्च को जारी पत्र में एक तरफ़ छोटे कर्मचारियों पर कार्रवाई की गई है, वहीं प्रदर्शकारी बेरोजगार युवाओं पर लाठीचार्ज और बल प्रयोग को भी सही ठहराया गया है। सारा लब्बोलुआब यही है कि ये सरकार युवा, बेरोजगार, छात्र और छोटे कर्मचारी की विरोधी है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
उन्होंने कहा कि लाठीचार्ज मामले में बड़े स्तर पर लापरवाही और गलती हुई है। इसमें डीजीपी और एसएसपी पर कार्रवाई की जानी चाहिए थी। अब कुछ कर्मचारियों पर कार्रवाई करके मामले की लीपापोती की जा रही है। वहीं भाजपा सरकार की धृष्टता की हद है कि कार्रवाई के बावजूद लाठीचार्ज और बलप्रयोग के कुकृत्य को न्यायसंगत बताया जा रहा है। यह सब बड़े अधिकारियों और सरकार की छवि को बचाने के लिए किया जा रहा है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा यह सब दिखावा आगामी गैरसैण सत्र में जवाबदेही से बचने के लिए भी किया जा रहा है। कांग्रेस पार्टी इसका पूरी ताकत से विरोध करेगी। अगर शीघ्र सरकार ने जिम्मेदार वरिष्ठ अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं की, तो महानगर कांग्रेस द्वारा विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। बैठक में मुख्य रूप से प्रदेश महासचिव मनीष नागपाल, अनिल नेगी मनीष वर्मा अभिषेक तिवारी संजय शर्मा आलोक मेहता लकी राणा जितेंद्र तनेजा सजाद अंसारी,फहीम,अनुराधा तिवारी, मेहताब आलम आदि मौजूद थे। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने किया ट्विट
उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष करन माहरा ने बेरोजगार युवाओं पर हुए लाठीचार्ज की जांच रिपोर्ट पर सोशल मीडिया के माध्यम से धामी सरकार पर तंज कसा। उन्होंने लिखा कि- वही क़ातिल.. वही शाहिद.. वही मुंसिफ़ ठहरे.. अक़रबा मेरे करें क़त्ल का दावा किस पर। बेरोजगार युवाओं पर प्रशासन के आदेश पर लाठीचार्ज, प्रशासन ने की प्रकरण की जांच, प्रशासन ने लाठीचार्ज को उचित ठहराया। प्रशासन ने बड़े अधिकारियों किया दोषमुक्त तीन छोटों को निपटाया, आगे की जांच प्रशासन खुद करेगा। यह कैसा न्याय.. कैसी जांच?

Bhanu Prakash
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भानु बंगवाल
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भानु बंगवाल, देहरादून, उत्तराखंड।


