उत्तराखंड सहकारी बैंक के निदेशक मनोज पटवाल ने पूर्व कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष के खिलाफ पुलिस को दी तहरीर
उत्तराखंड में कांग्रेस और बीजेपी के बीच चलने वाली जुबानी जंग अब कानूनी लड़ाई की ओर जाने लगी है। उत्तराखंड सहकारी बैंक के निदेशक मनोज पटवाल ने प्रदेश कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष गणेश गोदियाल के खिलाफ देहरादून स्थित नेहरू कालोनी थाने में तहरीर दी है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता कैबिनेट मंत्री डॉ. धनसिंह रावत के खिलाफ अनर्गल बयानबाजी कर रहे हैं।मनोज पटवाल ने कहा जनता के साथ साथ पार्टी संगठन की ओर से भी पूरी तरह नकारे जाने तथा कैबिनेट मंत्री डॉ धन सिंह रावत की बढ़ती लोकप्रियता से बौखलाए पूर्व कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल अपनी अनर्गल बयानबाजी व झूठे आरोपों को लगाने से बाज नहीं आ रहे हैं। अपने पूरी तरह मिट चुके अस्तित्व बचाए रखने के लिए या चर्चाओं में रहने की कुंठा के चलते वह प्रदेश के चिकित्सा स्वास्थ्य शिक्षा मंत्री डॉक्टर धन सिंह रावत पर आरोप लगाकर अपना छोटी मानसिकता का परिचय दे रहे हैं साथ ही घृणित राजनीति करके लोकतंत्र पर भी आघात कर रहे हैं। इस तरह तरह की हरकतें लोकतंत्र में अक्षम्य में हैं।
उन्होंने देहरादून में नेहरू कालोनी थाने में प्राथमिकी दर्ज करने के लिए प्रार्थना पत्र दिया। इसमें कहा गया है कि कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष सहकारिता मंत्री के खिलाफ बार बार मीडिया एवं सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक आरोप लगाकर उनकी प्रतिष्ठा को गिराने का षडयंत्र कर रहे हैं। इस संबंध में उन्होंने गणेश गोदियाल का वीडियो भी पुलिस को सौंपा, जिसमें वह कैबिनेट मंत्री पर आरोप लगा रहे हैं। साथ ही उन्होंने गणेश गोदियाल के खिलाफ एफआइआर दर्ज करने की मांग की।
उन्होंने कहा कि गोदियाल द्वारा इस तरह के घृणित प्रयास बार-बार करने से अब स्थितियां बर्दाश्त से बाहर हो गई है। उन्होंने कहा कि जनपद चमोली के प्रभारी मंत्री होने के नाते बीकेटीसी के सदस्य ने डॉक्टर धन सिंह रावत से बीकेटीसी में गोदियाल की ओर से किए गए भ्रष्टाचार की शिकायत की, तो इसमें बुरा क्या है।
उन्होंने कहा कि प्रभारी मंत्री होने के नाते इस तरह घपलों घोटालों को खुलासा कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करना किसी भी राजनेता की प्राथमिकताओं में होना चाहिए। कहा कि गणेश गोदियाल को क्षेत्र की जनता के साथ साथ उनकी कांग्रेस ने ही किक आउट कर दिया है। इससे साफ होता है कि वह आम जनता के तो क्या अपने पार्टी संगठन की भी किसी मतलब के नहीं है। अनर्गल बयानबाजी और बेहूदा आरोप लगाने में उन्हें शर्म भी नहीं आ रही है।
अब कभी एएनएम, आयुष्मान योजना व सहकारिता आदि से संबंधित जिन आरोपों का उपयोग गोदियाल खुद को चर्चाओं में रखने के लिए कर रहे हैं वह पूरी तरह से निराधार है। दूसरे व्यक्ति की छवि को खराब करने का यह प्रयास क्षमा योग्य नहीं है। पुलिस प्रशासन को इस पर सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।




