विपक्षी दलों के नेताओं ने शहरी विकास मंत्री से की मुलाकात, अतिक्रमण के नाम पर लोगों के उत्पीड़न का आरोप
उत्तराखंड में सर्वदलीय नेताओं ने शहरी विकास मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल से मुलाकात कर अतिक्रमण के नाम पर गरीब लोगों को उजाड़े जाने का विरोध किया।
उत्तराखंड में सर्वदलीय नेताओं ने शहरी विकास मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल से मुलाकात कर अतिक्रमण के नाम पर गरीब लोगों को उजाड़े जाने का विरोध किया। इन नेताओं ने कहा कि जिला प्रशासनों की ओर से की जा रही कार्रवाई में कानूनी प्रावधानों का सीधा उल्लंघन हो रहा है। ऐसे में हस्तक्षेप करके कार्रवाई की मांग की गई।शहरी विकास मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल को कांग्रेस, सीपीआइ, सीपीएम, उत्तराखंड महिला मंच और चेतना आंदोलन के संयुक्त प्रतिनिधिमंडल ने ज्ञापन भी दिया। प्रतिनिधिमंडल के मुताबिक, दो महीने से प्रदेश भर में अलग अलग क्षेत्रों में लोगों को बेघर किया गया है। इस कार्रवाई में कानूनी प्रावधानों का सीधा उल्लंघन हो रहा है। बच्चों, महिलाओं, बुज़ुर्गों के स्वास्थ्य और जान दोनों खतरे में आ रहे हैं। देहरादून के आमवाला तरला में कल बरसात के समय में लोगों को उजाड़ा गया है। सत्तर से ज्यादा लोगों के लिए कोई आश्रय की व्यवस्था भी नहीं की जा रही है। लोगों का आरोप है कि उनको धमकी दी गयी।
उन्होंने कहा कि अतिक्रमण हटाने के अधिनियम के धारा 4 और 5 के अनुसार किसी भी जगह से किसी को बेदखल करने से पहले उनको न्यूनतम 10 दिन का नोटिस और खाली करने के लिए 30 दिन का समय दिया जाना चाहिए। इन प्रावधानों का अमल कहीं नहीं हो रहा है। उन्होंने कहा कि इन घटनाओं में ऐसे सवाल उठ रहे हैं कि क्या कार्रवाई भू माफियों के दवाव में की जा रही है।
प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि आमवाला तरला क्षेत्र में पीड़ित लोगों का कहना है कि वे उस जगह में सालों से रह रहे हैं। पहले आश्वासन दिया गया था कि उनको पट्टा मिलेगा। फिर जब उस व्यक्ति ने उनसे और पैसे मांगा उन्होंने नहीं दे पाया। 3 जुलाई को उस व्यक्ति की और से उनको धमकी दी गयी और पांच तारीख को नगर निगम के कर्मचारी पहुंच गए। उन लोगों के आरोप पर आज तक कोई जांच नहीं हुई है। ऐसे ही आरोप और जगह से भी आ रहा है। अगर इस प्रकार की कार्रवाई करने की जरूरत भी थी, तो नोटिस दिया जाता।
शिष्टमंडल ने मंत्री के सामने मांग रखी कि जिन लोगों को बेघर किया गया उनको आश्रय देने के लिए व्यवस्था तुरंत की जाये। अधिकारियों को तुरंत निर्देश दिया जाये कि जब तक बरसात का मौसम है। तब तक अन्य लोगों के घरों को न तोड़ा जाए। सरकार अपने ही वादों के अनुसार नीति बनाये कि किसी भी परिवार को बेघर नहीं किया जायेगा। सरकारी जमीन को बेचने वाले व्यक्तियों पर सख्त कारवाई की जाए। मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल ने कहा कि सरकार इन बातों पर विचार कर उचित कदम उठाएगी।
शिष्टमंडल में कांग्रेस पार्टी की प्रदेश प्रवक्ता गरिमा दसौनी, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के नेशनल कौंसिल सदस्य समर भंडारी, सीपीआइ (एम) के राज्य समिति के सदस्य सुरेंद्र सिंह सजवाण, उत्तराखंड महिला मंच से पद्मा गुप्ता, चेतना आंदोलन के शंकर गोपाल शामिल रहे।




