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January 19, 2026

ललित मोहन गहतोड़ी की कविता-टेंशन वेंशन

ललित मोहन गहतोड़ी की कविता-टेंशन वेंशन।

टेंशन वेंशन

टेंशन वेंशन लेने गै पेंशन
टेंशन लेकर करना क्या?
टेंशन लेकर बढ़ती टेंशन
टेंशन टेंशन रटना क्या?

टेंशन देकर चल दिये प्यारे
उन प्यारे सपनों का क्या?
पहले काले बाद सफेदा
सिर खाली बालों का क्या?

टेंशन लेकर टेंशन कर दी
टेंशन होती वरना क्या?
टेंशन ऊपर टेंशन जड़ दी
अब टेंशन से डरना क्या?

जब जिसने भी लेली टेंशन
एंशन मैंशन वैंशन क्या?
सब के सपने अपने अपने
सपने हैं फिर टेंशन क्या?

टेंशन वेंशन मत रख प्यारे
बिन बातों के टेंशन क्या?
टेंशन लेकर टेंशन बढ़ती
टेंशन वेंशन रखना क्या?
कवि का परिचय
नाम-ललित मोहन गहतोड़ी
शिक्षा :
हाईस्कूल, 1993
इंटरमीडिएट, 1996
स्नातक, 1999
डिप्लोमा इन स्टेनोग्राफी, 2000
निवासी-जगदंबा कालोनी, चांदमारी लोहाघाट
जिला चंपावत, उत्तराखंड।

Bhanu Bangwal

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मेल आईडी-bhanubangwal@gmail.com
भानु बंगवाल, देहरादून, उत्तराखंड।

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