किसान आंदोलन के समर्थन में किसान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने किया प्रदर्शन, फूंका पुतला
देशभर में चल रहे कृषि कानूनों के खिलाफ किसान आंदोलन के समर्थन में उत्तराखंड प्रदेश किसान कांग्रेस कमेटी कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन कर पीएम और उद्योगपति अडानी का पुतला जलाया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने कोरोना के नियमों के प्रति दिलचस्पी नहीं दिखाई। शारीरिक दूरी तो दूर अधिकांश से मास्स मुंह से नीचे लटक रहे थे।
पूर्व घोषित कार्यक्रम के अनुसार किसान कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष एवं पूर्व राज्य मंत्री सुशील राठी के नेतृत्व में कार्यकर्ता देहरादून में कांग्रेस मुख्यालय पर एकत्र हुए। यहां से नारे लगाते हुए एस्लेहॉल तिराहे पर पहुंचे। जहां पीएम और अडानी का पुतला जलाया गया। इस मौके पर सुशील राठी ने कहा कि वर्तमान की भाजपा की केंद्र सरकार किसान के विरोध में तीन अध्यादेश लाई है। जो कि वर्तमान में देश को देश में निजीकरण करते हुए देश को के किसानों को गुलाम बनाना चाहती हैं। इसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
उत्तराखंड प्रदेश किसान कांग्रेस कमेटी की ओर से मांग है कि देश के राष्ट्रपति महोदय इस प्रकरण का स्वयं तत्काल संज्ञान लें। साथ ही केंद्र में बैठी गूंगी बहरी भाजपा की सरकार निर्देशित करते हुए तुंरत कार्रवाई के निर्देश दें। उन्होंने किसानों की मांगों को मानने की मांग की। साथ ही चेतावनी दी कि यदि शीघ्र ही किसानों की मांगों को केंद्र में बैठी भाजपा सरकार ने नहीं माना तो सड़क से लेकर सदन तक आंदोलन किया जाएगा।
इसके बाद कार्यकर्ताओं ने किसानों की संबंधित मांगों को लेकर 4 सूत्रीय मांग पत्र जिलाधिकारी महोदय देहरादून के माध्यम से देश के राष्ट्रपति को प्रेषित किया। ज्ञापन देहरादून कलेक्ट्रेट जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर जिलाधिकारी के मुख्य प्रशासनिक अधिकारीआशीष वर्मा को सौंपा गया।
इस अवसर पर मुख्य रूप से संगठन के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं मीडिया प्रभारी विकास चौहान, एवं प्रदेश सचिव सुरेश पटेल, एप्रदेश उपाध्यक्ष इंजीनियर केपी सिंह एवं प्रदेश सचिव सुमिता शर्मा बियानी, प्रदेश सचिव सुरेश कुमार यादव, प्रदेश सचिव राकेश सोनू, प्रदेश सचिव अंजना वशी, सोशल मीडिया के प्रदेश प्रवक्ता गुलफाम खान, प्रदेश प्रवक्ता अभिषेक भंडारी, पार्षद देविका रानी, प्रदेश सचिव अनिल सिंगारी आदि उपस्थित थे।



