सबको फ्री बिजली के बादे से एक कदम पीछे हटे केजरीवाल, अब जो मांगेगा सब्सिडी, उसे मिलेगी छूट
दिल्ली के सीएम अपने फ्री बिजली के वायदे से एक कदम पीछे हट गए हैं। हालांकि सब्सिडी अब भी जारी रहेगी, लेकिन इसका लाभ उसी को मिलेगा, जो इसकी डिमांड करेगा।
दिल्ली में सब लोगों को 200 यूनिट फ्री बिजली देने के मामले को आम आदमी पार्टी ने दूसरे राज्यों के चुनाव में भी बड़ा मुद्दा बनाया। विपक्ष का आरोप यही रहा कि ऐसा कैसे संभव है। हाल ही में हुए पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों में तो 300 यूनिट फ्री बिजली का वायदा किया गया। इसमें पंजाब में आम आदमी पार्टी ने सरकार बना दी। इसके बाद पंजाब में भी फ्री बिजली का ऐलान किया गया। अब दिल्ली के सीएम अपने फ्री बिजली के वायदे से एक कदम पीछे हट गए हैं। हालांकि सब्सिडी अब भी जारी रहेगी, लेकिन इसका लाभ उसी को मिलेगा, जो इसकी डिमांड करेगा। अब सवाल ये उठता है कि कहीं रसोई गैस की सब्सिडी की तरह भी यह योजना ना हो जाए। पहले लोगों ने स्वैच्छा से सब्सिडी छोड़ी। बाद में धीरे धीरे रसोई गैस सिलेंडर में मिलने वाली सब्सिडी समाप्त कर दी गई। या फिर बगैर समाप्ति की घोषणा के देनी बंद कर दी गई।दिल्ली में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने राजधानी में बिजली सब्सिडी को लेकर गुरुवार को बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने कहा है कि राजधानी में अभी जो पावर सब्सिडी दी जाती है, उसमें 1 अक्टूबर 2022 से बदलाव किया जाएगा। सब्सिडी उन्हीं लोगों को दी जाएगी, जो इसकी मांग करेंगे। दरअसल, अब दिल्ली में सस्ती बिजली वैकल्पिक होगी यानी अगर कोई बिजली उपभोक्ता बिजली सब्सिडी चाहता है तो उसको अभी की तरह सब्सिडी वाली मुफ्त या रियायती दर वाली बिजली मिलेगी। अगर कोई खुद को सक्षम समझता है तो वह दिल्ली सरकार को बता सकता है कि उसको बिजली सब्सिडी नहीं चाहिए। वह सामान्य दर वाली बिजली इस्तेमाल कर सकता है।
बता दें कि दिल्ली में सत्ता में आने के बाद से आम आदमी पार्टी की सरकार द्वारा दिल्लीवासियों को 200 यूनिट तक फ्री बिजली दी जा रही है। उपभोक्ताओं को वर्तमान में 200 यूनिट तक कोई बिल नहीं भरना होता है। प्रति माह 201 से 400 यूनिट बिजली की खपत पर 800 रुपये की सब्सिडी मिलती है। इससे आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों को बड़ी राहत मिल रही है। साथ ही मध्यम वर्ग के लोगों को भी इसका लाभ मिल रहा है।




