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March 13, 2026

ग्राफिक एरा में अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन, जीएसटी सुधार देश के आर्थिक परिवर्तन की नींव

देहरादून स्थित ग्राफिक एरा डीम्ड यूनिवर्सिटी में आज से जीएसटी सुधारों के सामाजिक और आर्थिक प्रभावों पर दो दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन शुरू हो गया है। इसमें में देश – विदेश के विशेषज्ञ जीएसटी सुधारों, आर्थिक विकास और समाज पर उनके प्रभावों पर चर्चा कर रहें हैं। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

इस सम्मेलन के उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए कुलपति डॉ. नरपिंदर सिंह ने कहा कि जीएसटी भारत की कर व्यवस्था को सरल, पारदर्शी और एकीकृत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण सुधार है। उन्होंने कहा कि जीएसटी ने किसानों, उत्पादकों और कारीगरों को थोक व्यापारियों व खरीदारों से सीधे जुड़ने का मंच दिया है। डॉ सिंह ने युवाओं से आह्वान किया कि वे आर्थिक नीतियों को समझकर नवाचार और उद्यमिता के माध्यम से देश के विकास में योगदान दें। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआईसी) के जीएसटी के आने से करों के दोहराव में कमी आई है और व्यापार को नई गति मिली है। उन्होंने कहा कि जीएसटी देश में आर्थिक विकास और मजबूत राष्ट्रीय बाजार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

इस दो दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन में कुल 12 तकनीकी सत्र आयोजित किए जाएंगे। इन सत्रों में ग्रीन टैक्सेशन, छोटे व्यवसायों पर जीएसटी का प्रभाव, अप्रत्यक्ष कर सुधार, एमएसएमई अनुपालन, जीएसटी से विकसित राजस्व मॉडल और डिजिटलाइजेशन से उपभोक्ता व्यवहार में आ रहे बदलाव जैसे विषयों पर चर्चा होगी। इस अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन में चार देशों और दस राज्यों से आए वैज्ञानिक, शोधकर्ता और विशेषज्ञ अपने शोध पत्र और समाधान प्रस्तुत करेंगे।
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Bhanu Bangwal

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भानु बंगवाल, देहरादून, उत्तराखंड।

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