कोरोना की वजह से दो साल खुलकर नहीं मना पाए होली, इस बार रहेगी धूम, यूपी के बाजार में छाए पीएम मोदी के मास्क
कोरोना की पहली और दूसरी लहर के चलते देश भर में दो साल तक ऐसे किसी भी त्योहार को लोग खुलकर नहीं मना पाए, जिसमें भीड़ जुटती है। अब कोरोना की तीसरी लहर लगभग दम तोड़ चुकी है और दो साल बाद इस बार लोग खुलकर त्योहार मनाने की तैयारी कर रहे हैं।
कोरोना की पहली और दूसरी लहर के चलते देश भर में दो साल तक ऐसे किसी भी त्योहार को लोग खुलकर नहीं मना पाए, जिसमें भीड़ जुटती है। अब कोरोना की तीसरी लहर लगभग दम तोड़ चुकी है और दो साल बाद इस बार लोग खुलकर त्योहार मनाने की तैयारी कर रहे हैं। इसके साथ ही बाजार भी होली के रंगों से रंगने लगा है। होली संबंधी मुखोटों से बाजार अटा पड़ा है। साथ ही तरह तरह की पिचकारियां भी बच्चों को आकर्षित कर रही है। इस बार विधानसभा चुनावों में पांच राज्यों में से चार में बीजेपी की जीत में पीएम मोदी का ही जादू चला। ऐसे में यूपी के बाजारों में पीएम मोदी के मुखोटे भी छाए हुए हैं।यूपी विधानसभा चुनाव 2022 में बीजेपी को मिली जीत का रंग अब बाजारों में भी दिख रहा है। होली कुछ ही दिनों में आने वाली है और ऐसे में प्रदेश के बाजार बीजेपी के रंग में डूबे गए हैं। उत्तर प्रदेश के प्रयागराज के बाजारों में पीएम मोदी मास्क, गुलाल और पिचकारी खूब बेची जा रही हैं। पीएम मोदी मास्क को लोगों द्वारा सबसे ज्यादा पसंद किया जा रहा और इसकी काफी डिमांड भी है। एक दुकानदार के अनुसार मोदी मास्क की मांग ज्यादा है और इसकी बिक्री भी अच्छी है। पिछले दो साल के विपरीत इस बार कारोबार अच्छा चल रहा है।
दरअसल कोरोना के कारण दो सालों से लोग होली का त्योहार खुलकर नहीं मना पा रहे हैं। कड़ी पाबंदियों के बीच ही दो सालों से होली मनाई जा रही थी। कोरोना के मामले कम होने के कारण इस वर्ष धूमधाम से ये त्योहार मनाया जाएगा। वहीं हाल ही में प्रदेश के विधानसभा चुनाव के नतीजे भी आए हैं। इसमें बीजेपी ने बहुमत के साथ सत्ता में फिर से वापसी की है। ऐसे में प्रयागराज के बाजारों स्पेशल तरह की पिचकारी और मास्क बेचे जा रहे हैं। बच्चों और लोगों द्वारा पीएम के मास्क और पिचकरी खूब खरीदी जा रही है।
18 मार्च को है रंगों की होली
इस वर्ष 18 मार्च को होली का त्योहार आ रहा है। दरअसल फाल्गुन माह की पूर्णिमा के दिन होलिका दहन होता है। फाल्गुन माह की पूर्णिमा 17 मार्च को है। वहीं होलिका दहन के अगले दिन ही होली खेली जाती है और लोग एक दूसरे को रंग लगाते हैं।



