जिस गांव में गुलदार ने युवक को मारा, वहां पिंजरे में फंसने की बजाय बकरी पर किया हमला, डंडा लेकर भिड़ गया ग्रामीण
उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल के बीरौंखाल ब्लॉक क्षेत्र के लोगो इन दिनों गुलदार की दहशत में हैं। यहां गुलदार एक युवक को निवाला बना चुका है। साथ ही एक गाय को भी मार चुका है।
उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल के बीरौंखाल ब्लॉक क्षेत्र के लोगो इन दिनों गुलदार की दहशत में हैं। यहां गुलदार एक युवक को निवाला बना चुका है। साथ ही एक गाय को भी मार चुका है। गुलदार को पकड़ने के लिए वन विभाग ने पिंजरा लगाया, लेकिन वो पिंजरे के आसपास फटकने की बजाय फिर से मवेशियों पर हमला कर गया। उसने एक बकरी पर हमला किया। इस दौरान अपनी बकरी को गुलदार के जबड़े से छुड़ाने के लिए ग्रामीण गुलदार से भिड़ गया। उसके साहस के आगे गुलदार ने हार मानी और भाग निकला।गौरतलब है कि बीरौंखाल ब्लॉक के बमराड़ी ग्राम सभा के अंतर्गत ग्राम भैंसोड़ा सावली निवासी 38 वर्षीय युवक दिनेश चंद्र पुत्र रामलाल गांव के निकट जंगल में गुलदार ने मंगलवार 22 जून की सुबह मार डाला था। इस पर सतपाल महाराज ने बाघ को नरभक्षी घोषित करने और पिंजरा लगाकर पकड़ने के लिए जिलाधिकारी एवं डीएफओ पौड़ी को फोन कर निर्देश दिए थे। इस युवक की हत्या के अगले दिन ही 23 जून की सुबह इसी गांव से कुछ दूर ग्राम सभा सीला तल्ला के दिवोली गांव मे गुलदार ने एक गाय को निवाला बना दिया था। इस पर वन विभाग ने 24 जून को भैंसोड़ा सावली गांव में उस स्थान पर पिंजरा लगा दिया, जहां युवक को गुलदार ने मारा था।
इसी गांव में जहां पिंजरा लगा था, वह एरिया समीप के गांव मागरौ है की सीमा पर है। पिंजरे से कुछ नीचे की तरफ मागरौ गांव निवासी मुन्ना बकरी चरा कर घर की तरफ लौट रहे थे। तभी घात लगाए बैठे गुलदार ने एक बकरी को दबोच लिया। इस पर मुन्ना हाथ में लिए डंडे के बल पर ही गुलदार से भिड़ गए। इस युद्ध में गुलदार को बकरी को छोड़कर जंगल की ओर भागना पड़ा। इस घटना से आसपास के क्षेत्र में दहशत का माहौल है।




भानु बेंगवाल जी का आभार,
गाँव की खबर दीवाने का स्वागत?
सही खबर