Loksaakshya Social

Social menu is not set. You need to create menu and assign it to Social Menu on Menu Settings.

Social menu is not set. You need to create menu and assign it to Social Menu on Menu Settings.

January 28, 2026

ग्राफिक एरा में छात्रों के भविष्य को लेकर मार्गदर्शन, मनपसंद काम बनता है सफलता की गारंटी: डा. घनशाला

ग्राफिक एरा ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के चेयरमैन डा. कमल घनशाला ने कहा कि करियर वही चुनना चाहिए, जिसमें आपकी रुचि हो। जब इंसान मनपसंद काम करता है, तो वह उसे बोझ नहीं लगता और पूरे मन और मेहनत से किया गया काम आगे चलकर सफलता की गारंटी बनता है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

वह आज देहरादून स्थित ग्राफिक एरा डीम्ड यूनवर्सिटी और ग्राफिक एरा हिल यूनिवर्सिटी के छात्र छात्राओं को भविष्य को लेकर मार्गदर्शन देकर उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित कर रहे थे। डा. घनशाला ने कहा कि जीवन सिर्फ सवालों का नाम नहीं है, बल्कि आगे बढ़ने की एक सुंदर यात्रा है। हर छात्र को अपने आप से यह जरूर पूछना चाहिए कि वह वास्तव में क्या करना चाहता है। जीवन में उतार-चढ़ाव आते रहते हैं, लेकिन जो व्यक्ति अपने हौसले पर भरोसा रखता है, वही मुश्किल समय से निकलकर आगे बढ़ता है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

उन्होंने कहा कि आज के दौर में सफलता केवल बड़े पद या पैसों से नहीं, बल्कि उस काम से मिलती है जिसे हम मन से करते हैं और जिसमें हमें खुशी मिलती है। नौकरी व्यक्ति को स्थिरता देती है, जबकि व्यवसाय विकास और विस्तार का अवसर प्रदान करता है। व्यवसाय में कठिनाइयाँ और असफलताएँ आती हैं, लेकिन यदि व्यक्ति गिरकर फिर से उठना सीख ले, तो सफलता निश्चित है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

डा. घनशाला ने कहा कि मैन्युफैक्चरिंग इंडस्ट्री भविष्य का क्षेत्र है। भारत में इस क्षेत्र में अभी अपार संभावनाएँ हैं, लेकिन शोध और नवाचार को पर्याप्त प्रोत्साहन नहीं मिलता, क्योंकि हम असफलता से डरते हैं। उन्होंने कहा कि हमें असफलता को स्वीकार करना चाहिए और उससे सीखकर आगे बढ़ते रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि आज हर क्षेत्र में करियर के अवसर हैं और एआई का बुनियादी ज्ञान हर छात्र के लिए आवश्यक हो गया है। हर क्षेत्र में वैश्विक प्रतिस्पर्धा है पर अवसरों के द्वार हर किसी के लिए खुले है। ज़रूरत है खुद को काबिल और योग्य बनाने की। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

उन्होंने इस बात पर चिंता जताई कि देश में अच्छे इंजीनियरों को रोककर नहीं रखा जा पा रहा, जिसके कारण प्रतिभाशाली युवा विदेशों की ओर पलायन कर रहे हैं। ऐसे में युवाओं को स्वयं अवसरों का निर्माण करना होगा। उन्होंने कहा कि लक्ष्य अनगिनत हो सकते हैं, लेकिन ज़रूरी है कि हर व्यक्ति अपने लिए वही लक्ष्य चुने, जिससे उसे संतुष्टि मिले। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

डा. घनशाला ने अपने जीवन से जुड़े अनुभव और संघर्षों की कहानियाँ साझा कर छात्र छात्राओं को प्रेरित किया। उन्होंने उद्यमिता के अवसरों, रोजगार सृजन और संस्थान ने प्रदान किए गए हज़ारों प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रोजगार के उदाहरण दिए। उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति अच्छा कर्मचारी बन सकता है, लेकिन अच्छा नेतृत्वकर्ता वही बनता है, जो दूसरों को साथ लेकर चले। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

अंत में छात्र छात्राओं को प्रेरित करने के लिए डा. घनशाला ने रुक जाना नहीं तू कभी हार के गीत की पंक्तियाँ गुनगुनाईं। इस अवसर पर कुलपति डा. नरपिंदर सिंह,प्रो वाइस चांसलर डा. संतोष एस. सर्राफ, कुलसचिव डा. नरेश कुमार शर्मा, सहित शिक्षक शिक्षिकाएं और छात्र-छात्राएं मौजूद रहे। संचालन साहिब सबलोक ने किया।
नोटः सच का साथ देने में हमारा साथी बनिए। यदि आप लोकसाक्ष्य की खबरों को नियमित रूप से पढ़ना चाहते हैं तो नीचे दिए गए आप्शन से हमारे फेसबुक पेज या व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ सकते हैं, बस आपको एक क्लिक करना है। यदि खबर अच्छी लगे तो आप फेसबुक या व्हाट्सएप में शेयर भी कर सकते हो। यदि आप अपनी पसंद की खबर शेयर करोगे तो ज्यादा लोगों तक पहुंचेगी। बस इतना ख्याल रखिए।

Bhanu Bangwal

लोकसाक्ष्य पोर्टल पाठकों के सहयोग से चलाया जा रहा है। इसमें लेख, रचनाएं आमंत्रित हैं। शर्त है कि आपकी भेजी सामग्री पहले किसी सोशल मीडिया में न लगी हो। आप विज्ञापन व अन्य आर्थिक सहयोग भी कर सकते हैं।
मेल आईडी-bhanubangwal@gmail.com
भानु बंगवाल, देहरादून, उत्तराखंड।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *