बर्फबारी के बीच दुर्गम गांव पहुंचे ग्राफिक एरा के डॉक्टर, लोगों को उपलब्ध कराई चिकित्सा सेवा
देहरादून स्थित ग्राफिक एरा मेडिकल कॉलेज के चलते फिरते अस्पताल अब बर्फबारी वाले दुर्गम गांवों तक पहुंचने लगे हैं। ऐसे ही चमोली जिले के वान गांव में ग्राफिक एरा के डॉक्टर ने 156 लोगों को चिकित्सा सेवा उपलब्ध कराई। इस गांव के लोगों को इलाज के लिए 52 किलोमीटर दूर जाना पड़ता था। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
क्षेत्रीय लोगों ने ग्राफिक एरा के डॉक्टरों के साथ मोबाइल मेडिकल यूनिट पहुंचने पर समारोह आयोजित करके खुशी जाहिर की। इस समारोह में जिला पंचायत उपाध्यक्ष लक्ष्मण खत्री ने वहां चिकित्सा सेवा का शुभारंभ किया। समारोह में वान की ग्राम प्रधान नंदूली देवी, बीडीसी सदस्य हेमा देवी, ग्रामीणजन एवं मोबाइल मेडिकल यूनिट की टीम उपस्थित रही। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
दुर्गम परिस्थितियों के बावजूद यूनिट ने गांव में पहुंचकर ओपीडी सेवाएं, प्राथमिक जांच, नेत्र परीक्षण, पैथोलॉजी जांच तथा जांच करके निःशुल्क दवाई दी। इस मेडिकल टीम में चिकित्सक डॉ. रत्नेश, डॉ. सिद्धि और ऑप्टोमेट्रिस्ट सूरज मिश्रा शामिल रहे। इस शिविर में कुल 156 ग्रामीणों का पंजीकरण कर उपचार किया गया। इस गांव के अस्पताल में डॉक्टर न होने के कारण लोगों को इलाज के लिए 52 किलोमीटर है थराली जाना पड़ता है। चमोली जनपद में ये ग्राफिक एरा का चौथा चलता फिरता अस्पताल है।
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Bhanu Bangwal
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भानु बंगवाल, देहरादून, उत्तराखंड।



