यूपी वालों के लिए खुशखबरी, अस्पताल में बेड भले नहीं मिले, लेकिन खुल गए शराब के ठेके, उत्तराखंड में मजदूरों के बुरे हाल

वास्तव में यूपी में राम राज्य चल रहा है। र से यदि आ की मात्रा हटा दें तो ये रम राज्य हो जाएगा। संक्रमण की वजह से लगे आशिंक लॉकडाउन के दौरान यूपी सरकार ने शराब पीने वालों को तोहफा दे दिया है। अब भले ही अस्पतालों में कोरोना मरीजों को सुविधाएं न मिले, लेकिन लोगों को शराब जरूर मिल जाएगी। यूपी के कई शहरों में मंगलवार से शराब की दुकानें खोल दी गई हैं। अब यूपी की तर्ज में अन्य राज्यों की सरकारें भी ऐसे कदम उठा सकती हैं।
एक उदाहरण अस्पताल का
यूपी में कोरोना संक्रमितों के उपचार की सच्चाई का लोगों की लगातार प्रशासन और शासन से की जा रही गुहार से पता चल जाता है। सहारनपुर में पत्रकार राकेश ठाकुर कई दिनों से जिला अस्पताल में भर्ती हैं। कोरोना संक्रमित होने के बावजूद उनके जरूरी टेस्ट तक नहीं किए गए हैं। सहारनपुर प्रेस क्लब के अध्यक्ष जगदीश जायसवार ने इसे लेकर सीएम आदित्यनाथ योगी को भी पत्र लिखा। साथ ही वे स्थानीय प्रशासन से भी गुहार लगा चुके हैं। अस्पताल की हालत ये है कि राकेश ठाकुर को अस्पताल की ऊपरी मंजिल से नीचे उतरकर ऑक्सीजन लेने जाना पड़ रहा है। तबीयत निरंतर बिगड़ रही है। शासन और प्रशासन को कोई फर्क नहीं पड़ता। पत्रकार बार बार मैसेज कर मदद की गुहार लगा रहे हैं। इसके बावजूद अभी तक उन्हें राहत नहीं दी गई।
खोल दी शराब की दुकानें
कोरोना संक्रमण की वजह से उत्तर प्रदेश में लगे आंशिक लॉकडाउन के बीच कई जिलों में मंगलवार से शराब और बीयरकी दुकानें खुल गई हैं.।आगरा, नोएडा, हापुड़, वाराणसी, मेरठ, गाजियाबाद समेत कई जिले में आबकारी विभाग की अनुमति के बाद दुकानें खोली गई हैं, जिसके बाद दुकानों पर काफी भीड़ देखने को मिल रही है। आदेश के मुताबिक देसी और अंग्रेजी शराब की दुकानें सुबह 10 बजे से शाम सात बजे तक खुलेंगी। हालांकि बार और मॉडल शॉप पर पाबंदियां जारी रहेंगी। किसी को भी शराब ठेके की कैंटीन पर बैठ कर पीने की अनुमति नहीं होगी।
बता दें सरकार ने प्रदेश में शराब की दुकानों के खुलने को लेकर फैसला डीएम पर छोड़ा है। जिलाधिकारी जिले की परिस्थिति के अनुसार आबकारी विभाग को शराब की दुकानों को खोलने के लिए अनुमति दे सकते हैं। यूपी के कई जिलों के जिलाधिकारियों के पास शराब की दुकान खोलने की लिए आबकारी विभाग की पत्रावली पहुंची है। लखनऊ जिलाधिकारी भी आज आबकारी विभाग की पत्रावली पर फैसला करेंगे। यही नहीं, हो सकता है कि कल से यूपी के सभी जिलों में शराब की दुकानें खोलने के आदेश जारी कर दिए जाएं।
जिलाधिकारी अपने स्तर से लेंगे फैसला
आबकारी सूत्रों के मुताबिक कर्फ्यू का फैसला करते वक्त सरकार की तरफ से आबकारी की दुकानें को बंद करने का कोई आदेश नहीं था, लेकिन पिछले कई दिनों से दुकानें बंद चल रही है। जिसकी वजह से दुकानदारों ने आपत्ति दर्ज करायी थी। एसोसिएशन ने आबकारी विभाग से दुकानों को खोलने की परमीशन देने के लिये कहा है। इसी क्रम में अपने विवेकाधीन फ़ैसले के तहत जिले के ज़िलाधिकारी शराब की दुकानें खोलने की इजाज़त दे सकते हैं।
लिकर एसोसिएशन ने की थी मांग
जानकारी के मुताबिक गौरतलब है कि यूपी लिकर एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर शराब की दुकानों को खोलने की इजाजत मांगी थी। एसोसिएशन का कहना था कि बंदी की वजह से रोजाना 100 करोड़ का नुकसान हो रहा है। साथ ही उनका तर्क था कि कोरोना कर्फ्यू की गाइड लाइन में भी दुकानों के बंद करने का कोई जिक्र नहीं है।
शासनादेश में गफलत, मजदूरों के बुरे हाल
उत्तराखंड में भी 11 से 18 मार्च तक कोरोना कर्फ्यू बढ़ाया गया है। कर्फ्यू के दौरान शराब और राशन की दुकानें भी बंद हैं। आवश्यक सेवाओं को सुबह सात बजे से दस बजे तक छूट दी गई है। मुख्य सचिव की ओर से जारी शासनादेश में निर्माण कार्यों में काम करने वालों को छूट होगी। इसके उलट मंगलवार को देहरादून में सहारनपुर चौक पर ऐसे कई मजदूरों का पुलिस ने चालान कर दिया, जो काम के लिए जा रहे थे। साथ ही निर्माण सामग्री ढोने वालों के वाहन भी पकड़ लिए गए। अब ये बात समझ से परे है कि शासनादेश निजी निर्माण के लिए थे कि सरकारी निर्माण के लिए। ऐसे में कर्फ्यू में बड़ी संख्या में लोगों को रोजी रोटी के लाले पड़े हैं। निर्माण में छूट की जानकारी मिलने पर कई लोग जब घरों में कैद हैं तो वे छिटपुट कार्य करवाने लगे थे।
उत्तराखंड में भी कर्फ्यू के दौरान खुली रही थी दुकानें
शासनादेश में ये स्पष्ट नहीं किया गया है। वहीं, गत दिवस 10 मई की दोपहर एक बजे तक राशन की दुकानें खुलने की क्या छूट दी गई, नैनीताल जिले में शराब की दुकानें भी खोल दी गई। देहरादून में तो शटर के नीचे से कई स्थानों पर शराब बिकती रही। इसमें आश्चर्य न हो कि उत्तराखंड में भी जल्द शराब की दुकानें खोलने के आदेश हो जाएं।



