आतंकी संगठन को सूचनाएं देने के आरोप में एनआइए का पूर्व अधिकारी गिरफ्तार, शिमला में एसपी पद पर थी तैनाती
आतंकी संगठन लश्कर ए तैयबा को कथित तौर पर सूचनाएं लीक करने के आरोप में नेशनल इन्वेस्टीगेशन एजेंसी ने एनआइए के पूर्व अफसर गिरफ्तार किया गया है।
आतंकी संगठन लश्कर ए तैयबा को कथित तौर पर सूचनाएं लीक करने के आरोप में नेशनल इन्वेस्टीगेशन एजेंसी ने एनआइए के पूर्व अफसर गिरफ्तार किया गया है। आरोप है कि इस अधिकारी ने संवेदनशील जानकारी पाकिस्तानी आतंकी संगठन लश्कर ए तैयबा को दी थीं। पूर्व सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस एडी नेगी एनआईए में जांच अधिकारी के तौर पर काम कर चुके हैं। उन पर लश्कर ए तैयबा के ग्राउंडवर्करों को जम्मू-कश्मीर में संवेदनशील जानकारी मुहैया कराने का आरोप लगा है। राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने ये जानकारी दी है. ये अफसर एनआईए में डेपुटेशन पर था।खबरों के मुताबिक, यह अफसर मौजूदा समय में शिमला में एसपी के पद पर तैनात है। एनआईए ने छापेमारी के दौरान हिमाचल प्रदेश में उसका घर भी सील कर दिया था। छापेमारी के दौरान यह पता चला कि आरोपी अफसर संवेदनशील जानकारियां आतंकी संगठन को मुहैया करा रहा था। हालांकि एनआईए को नेगी के घर से क्या दस्तावेज या अन्य सबूत मिले हैं, इसके बारे में अभी कोई जानकारी नहीं मिल पाई है।
लश्कर ए तैयबा पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन है, जिसका मुखिया हाफिज सईद है। लश्कर ए तैयबा वर्ष 2008 में मुंबई में हुए हमले का साजिशकर्ता है। भारत के अलावा संयुक्त राष्ट्र ने भी लश्कर ए तैयबा और उसके सरगना पर प्रतिबंध लगा रखा है। एनआईए राष्ट्रीय सुरक्षा और आतंकवाद से जुड़े तमाम मामलों की तहकीकात करती है। पुलवामा में सीआरपीएफ जवानों के काफिले पर हुए हमले समेत कई महत्वपूर्ण आतंकी घटनाओं की साजिश के तार एजेंसी ने खोले हैं। हाल ही के वर्षों में उसने टेरर फंडिंग और आतंकी संगठनों को स्लीपर सेल के तौर पर मदद करा रहे लोगों और संगठनों पर भी शिकंजा कसा है।
एनआईए ने दो दिन पहले ही जम्मू-कश्मीर के कई जिलों में छापेमारी का अभियान चलाया था। आईईडी बरामदगी के मामले में श्रीनगर और कुपवाड़ा जिलों में दो जगहों पर और अंनतनाग, पुलवामा, बांदीपुरा, कुलगाम और बारामुला जिलों में एक-एक जगह पर छापेमारी अभियान चलाया गया।




