कांग्रेस पर आरोप लगाने वाली बीजेपी में शिफ्ट हो रहा है परिवारवाद, मनीष खंडूड़ी बीजेपी में हो सकते हैं शामिल
अपने हर भाषण में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी परिवारवाद को लेकर हमला करना नहीं भूलते हैं। वे कांग्रेस को परिवारवाद के मुद्दे पर घेरते हैं और परिवारवाद को ही देश की बर्बादी का जिम्मेदार मानते हैं। अब तो लगता है कि बीजेपी भी कांग्रेस की राहत चलती नजर आ रही है। क्योंकि अब बीजेपी में ही परिवारवाद की लिस्ट लंबी होती जा रही है। या कहें कि कांग्रेस का परिवारवाद बीजेपी में शिफ्ट होने लगा है। या ये भी कह सकते हैं कि बीजेपी में परिवारवाद का कुनबा बढ़ रहा है। उत्तर से लेकर दक्षिण तक, पूरब से लेकर पश्चिम तक के राज्यों में यदि देखेंगे तो बीजेपी में काफी कद्दावर नेता ऐसे हैं, जो कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में शामिल हुए। इनमें भी ऐसे नेताओं की कमी नहीं है, जिनके परिवार के कई कई लोग राजनीति में हैं। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
उत्तराखंड में भी परिवारवाद की बानगी देखी जा सकती है। कारण ये है कि हाल ही में कांग्रेस से त्यागपत्र देने वाले मनीष खंडूड़ी के अब बीजेपी में जाने की चर्चा है। ऐसे में एक ही परिवार के तीन सदस्य उत्तराखंड बीजेपी में हो जाएंगे। क्योंकि, मनीष के पिता एवं पूर्व मुख्यमंत्री मेजर जनरल बीसी खंडूड़ी भाजपा के खांटी नेता हैं। बहन ऋतु खंडूड़ी भूषण पार्टी विधायक होने के साथ उत्तराखंड विधानसभा की अध्यक्ष हैं। अब मनीष खंडूड़ी के बीजेपी में शामिल होने पर पीएम मोदीजी क्या कहेंगे, ये उन्हें ही पता होगा, लेकिन बीजेपी के परिवारवाद को लेकर मीडिया को भी खंडूड़ी परिवार के जरिये बीजेपी का परिवारवाद शायद ही नजर आ रहा हो। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
सूत्रों का कहना है कि कुछ दिनों से मनीष भाजपा नेताओं के संपर्क में थे। दो दिन पहले भाजपा के एक वरिष्ठ नेता के साथ नई दिल्ली में थे। इस दौरान भाजपा के वरिष्ठ नेता ने मनीष की मुलाकात पार्टी के केंद्रीय नेताओं से कराई। मनीष खंडूड़ी कुछ दिन बाद भाजपा की सदस्यता ग्रहण कर सकते हैं। 10 मार्च के बाद भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा उत्तराखंड प्रवास पर आ सकते हैं। इसी दौरान नड्डा की उपस्थिति में मनीष को पार्टी की सदस्यता दिलाई जा सकती है। कांग्रेस के कुछ और वरिष्ठ नेता भी भाजपा के संपर्क में बताए जा रहे हैं, जो पार्टी को अलविदा कह सकते हैं। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
लोकसभा चुनाव से ठीक पहले वरिष्ठ कांग्रेस नेता मनीष खंडूड़ी का पार्टी छोड़ना जीत के लिए संघर्ष कर रही कांग्रेस को असहज कर गया है। माना जा रहा है कि उत्तराखंड की पांच लोकसभा सीट में से एक महत्वपूर्ण मानी जाने वाली गढ़वाल सीट पर टिकट की दावेदारी को चुनौती मिलने और मुख्य संगठन में अपेक्षित स्थान नहीं पाने से मनीष स्वयं को पार्टी में अलग-थलग महसूस कर रहे थे। ऐसे में टिकट घोषित होने से पहले ही उन्होंने त्यागपत्र देना उचित समझा। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
पूर्व मुख्यमंत्री एवं भाजपा के वरिष्ठ नेता मेजर जनरल (सेनि) भुवन चंद्र खंडूड़ी के पुत्र मनीष ने वर्ष 2019 में कांग्रेस में सम्मिलित होकर सभी को चौंका दिया था। कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी से नजदीकी संबंध के चलते फेसबुक की नौकरी छोड़कर मनीष ने कांग्रेस का दामन थामना उचित समझा। उनके इस कदम के बाद खंडूड़ी परिवार राजनीतिक खेमों में बंट गया था। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
कांग्रेस ने वर्ष 2019 में गढ़वाल संसदीय सीट से मनीष को टिकट दिया था। वर्ष 2014 में भुवन चंद्र खंडूड़ी ने इस सीट से जीत दर्ज की थी। उनके सांसद रहते ही उनके पुत्र को टिकट देने की कांग्रेस की इस रणनीति को वयोवृद्ध नेता खंडूड़ी की राजनीतिक विरासत के बहाने भाजपा की घेराबंदी के प्रयास के रूप में देखा गया। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
अब माना जा रहा है कि वह भाजपा में शामिल हो सकते हैं। शुक्रवार को मीडिया ने जब भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि मनीष वरिष्ठ नेता हैं। भाजपा ने उनके लिए अपने दरवाजे खुले रखे हैं। यदि वह आते हैं तो पार्टी उनका स्वागत करेगी। यदि पूर्व मुख्यमंत्री खंडूड़ी के पुत्र मनीष भी भाजपा से जुड़ते हैं तो उनके लिए यह खुशी की बात होगी। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
पढ़ेंः एक तरफ कांग्रेस कर रही लोकसभा प्रत्याशियों के टिकट फाइनल, दूसरी तरफ नेता मनीष खंडूड़ी ने छोड़ी कांग्रेस
कांग्रेस के गढ़वाल लोकसभा प्रत्याशी मनीष खंडूड़ी का जन्म पूर्व मुख्यमंत्री व गढ़वाल सांसद मेजर जनरल बीसी खंडूड़ी के घर 16 अक्टूबर 1968 को हुआ। शिक्षा में बचपन से ही अव्वल मनीष ने नेताजी सुभाष चंद्र इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी से बीई की परीक्षा उत्तीर्ण की है। पिछले वर्ष 2029 के लोकसभा चुनाव में उत्तराखंड में गढ़वाल लोकसभा सीट से कांग्रेस प्रत्याशी मनीष खंडूड़ी को इंजीनियरिंग और मीडिया के क्षेत्र में महारथ हासिल है। चुनाव से ठीक पहले पार्टी से इस्तीफा देने के अब कई राजनैतिक मायने सामने आ रहे हैं।
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Bhanu Prakash
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भानु बंगवाल
मेल आईडी-bhanubangwal@gmail.com
भानु बंगवाल, देहरादून, उत्तराखंड।



