इंडिया गठबंधन में सीटों की डील के प्रयास जारी, कुछ राज्यों में बनती दिख रही है सहमति
आगामी लोकसभा चुनाव में इंडिया गठबंधन की पार्टियों में सीट शेयरिंग फॉर्मूले को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, 2019 के लोकसभा चुनाव में 421 सीटों पर चुनाव लड़ने वाली कांग्रेस को इस बार 2024 में 300 से भी कम सीटों पर चुनाव लड़ सकती है। या यूं कहें कि कांग्रेस को ही ज्यादा कुर्बानी देनी पड़ सकती है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
बिहार को लेकर काफी हद तक सुलझा मामला
लोकसभा चुनाव में बिहार को लेकर गठबंधन में सीटों का बंटवारा काफी हद तक क्लियर हो गया है। सूत्रों के मुताबिक, बिहार की 40 सीटों में से जेडीयू और आरजेडी 17-17 सीटों पर लड़ेंगी और कांग्रेस को पांच सीटें मिल सकती हैं। एक सीट लेफ्ट फ्रंट को जा सकती है। राज्यसभा की भी एक 1 सीट कांग्रेस को दी जा सकती है। हालांकि, बिहार कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद अखिलेश प्रसाद सिंह का कहना है कि पार्टी 9 सीटों पर चुनाव लड़ना चाहती है। क्योंकि हम पिछली बार 9 सीटों पर चुनाव लड़े थे। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
झारखंड का समीकरण
वहीं, झारखंड की बात करें तो यहां 14 में से कांग्रेस 7 और जेएमएम 5 सीटों पर चुनाव लड़ सकती हैं। इसके अलावा आरजेडी और वाम मोर्चा को 1-1 सीटें दी जा सकती हैं। अगर जेएमएम कांग्रेस की एक सीट कम करती है तो इसके बदले कांग्रेस को एक राज्यसभा सीट मिल सकती है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
महाराष्ट्र में भी चर्चा जारी
महाराष्ट्र की 48 सीटों में से शिवसेना-UBT 19, कांग्रेस 13 और एनसीपी 10 सीटों पर चुनाव लड़ सकती है। वहीं, प्रकाश अंबेडकर और राजू शेट्टी को 2-2 सीटें मिल सकती हैं। वहीं 4 सीटों पर अभी चर्चा जारी है।
पंजाब, दिल्ली में असमंजस
वहीं, रिपोर्ट्स हैं कि पंजाब में कांग्रेस और AAP के बीच गठजोड़ की संभावना कम है। पंजाब कांग्रेस के नेता आप के पंजाब नेतृत्व के खिलाफ खुल कर बयानबाजी कर रहे हैं। हालांकि, सूत्रों के मुताबिक दिल्ली में कांग्रेस और और के बीच सीट शेयरिंग को लेकर बातचीत हो सकती है। हालांकि, कांग्रेस और आप के शीर्ष नेता क्या तय करते हैं, ये आने वाला वक्त बताएगा। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
यूपी में फंसेगा पेंच
असली मामला यूपी में है। जहां अभी ये साफ नहीं है कि बीएसपी इंडिया गठबंधन में शामिल होगी या नहीं। वहीं, सपा नहीं चाहती कि बीएसपी गठबंधन में शामिल हो। फिर भी सच्चाई से है कि मायावती की पार्टी के बगैर विपक्षी दलों के लिए यूपी में बीजेपी को टक्कर देना सपने जैसा है। वहीं, राजस्थान, एमपी, छत्तीसगढ़ में कांग्रेस को दरियादिली दिखानी है। पश्चिम बंगाल में भी अभी मामला साफ नहीं हुआ है। हालांकि, कांग्रेस की ओर से गठबंधन में शामिल दलों के नेताओं के साथ बातचीत के दौर जारी हैं।
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Bhanu Prakash
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भानु बंगवाल
मेल आईडी-bhanubangwal@gmail.com
भानु बंगवाल, देहरादून, उत्तराखंड।


