दीपावली आज, जानिए पूजा का मुहूर्त, क्या करें या क्या ना करें
देशभर में दीपावली का पर्व बड़ी धूमधाम के साथ मनाया जाता है। यह पर्व कार्तिक मास की अमावस्या तिथि के दिन होता है। इस दिन भगवान गणेश, माता लक्ष्मी, भगवान राम माता सीता और हनुमानजी की पूजा की जाती है। ऐसी मान्यता है कि इस दिन भगवान गणेश और माता लक्ष्मी की पूजा करने से धन दौलत में बरकत होती है। इस बार अमावस्या तिथि का आरंभ 12 नवंबर को दोपहर 2 बजकर 43 मिनट से हो रहा है और अगले दिन 13 नवंबर को दोपहर 12 बजकर 56 मिनट तक रहेगी। ऐसे में आज 12 नवंबर को ही दिवाली का पर्व मनाया जाएगा। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
दिवाली पर लक्ष्मी पूजा के लिए शुभ मुहूर्त
इस वर्ष 12 नवंबर को दिवाली पर मां लक्ष्मी की पूजा के लिए 2 शुभ मुहूर्त होंगे। पहला शुभ मुहूर्त शाम के समय यानी प्रदोष काल में मिलेगा जबकि दूसरा शुभ मुहूर्त निशिथ काल में होगा।
प्रदोष काल का मुहूर्त
प्रदोष काल 12 नवंबर 2023- सायंकाल 05:11 से 07:39 बजे तक
वृषभ काल (स्थिर लग्न) -05:22 बजे से 07:19 बजे तक
निशीथ काल का शुभ पूजा मुहूर्त
दिवाली का रात को महालक्ष्मी पूजा के लिए यह निशीथ काल मुहूर्त भी अच्छा माना जाता है। निशीथ काल का मुहूर्त 11:39 बजे से रात्रि 12:30 बजे तक रहेगा। जिसकी अवधि लगभग 52 मिनट की होगी। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
बन रहे हैं ये योग
इसके अलावा इस बार दिवाली पर आयुष्मान और सौभाग्य योग भी बन रहा है। वैदिक ज्योतिष शास्त्र में सौभाग्य योग को बहुत ही शुभ और मंगलकारी योग माना जाता है। इस योग में दिवाली पूजा और शुभ कार्य करने पर भाग्य में वृद्धि और सुख-समृद्धि आती है।
सौभाग्य योग- 12 नवंबर को शाम -04 बजकर 25 मिनट से 13 नवंबर को दोपहर 03 बजकर 23 मिनट तक।
आयुष्मान योग-12 नवंबर को सुबह से शाम 04 बजकर 25 मिनट तक। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
दिवाली पूजन सामग्री
दिवाली के दिन पूजा में धूप, दीप, रोली, अक्षत, कपूर, हल्दी, कुमकुम, फल, फूल, कमल गट्टे, चांदी का सिक्का, आम का पत्ता गंगाजल, आसम, चौकी, काजल, हवन, सामग्री, फूलों की माला, नारियल, लौंग, शहद, पंचामृत, खील, बताशे, पंच मेवा, मिठाई, सरसों का तेल या घी, मिट्टी का दिया और केले का पत्ता इस सभी सामग्रियों को शामिल करें। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
दिवाली पर ये करें
दिवाली के दिन प्रातःकाल स्नानादि से निवृत्त होकर स्वच्छ एवं सुन्दर वस्त्र धारण करें।
दिन में पकवान बनाएं और घर सजाएं। अपने से बड़ों का आशीर्वाद लें।
शाम को पूजा से पहले पुनः स्नान करें।
इसके बाद लक्ष्मी-गणेश की विधि-विधान से पूजा करें।
व्यावसायिक प्रतिष्ठान, गद्दी की भी विधिपूर्वक पूजा करें।
घर के मुख्य द्वार पर दिपक जलाएं। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
दिवाली पर ना करें ऐसा
दिवाली के दिन घर के प्रवेश द्वार पर या घर के अंदर कहीं भी गंदगी न रहने दें।
इस दिन किसी गरीब या जरूरतमंद को दरवाजे से खाली हाथ न लौटाएं।
दिवाली के दिन जुआ न खेलें, शराब पीने और मांसाहारी भोजन लेने से बचें।
भगवान गणेश की ऐसी मूर्ति न रखें, जिसकी सूंड दाहिनी ओर हो।
किसी को लेदर से बना तोहफा, धारदार तोहफा और पटाखे न दें।
दीपावली के दिन न कर्ज दें और न लें।
पूजा स्थल को रात भर खाली न छोड़ें। उसमें इतना घी या तेल डालेंं की वह पूरी रात जलता रहे। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
दिवाली उपाय
दिवाली की रात पूजा के दौरान मां लक्ष्मी, भगवान गणेश और कुबेर जी को प्रसन्न करने के लिए उनके प्रिय भोग अर्पित करें।
लक्ष्मी जी को खीर या फिर दूध से बनी सफेद मिठाई का भोग लगाएं।
गणेश जी को दूर्वा अर्पित करें और उनको मोदक या फिर लड्डू का भोग लगाएं।
वहीं कुबेर देवता को साबुत धनिया चढ़ाएं।
मान्यता है कि दिवाली पर ऐसा करने से लक्ष्मी-गणेश और कुबेर प्रसन्न होंगे और आपको सुख-समृद्धि का आशीर्वाद देंगे। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
दिवाली पर लक्ष्मी-गणेश पूजा की खास बातें
– दिवाली पर हमेशा ही प्रदोष काल में लक्ष्मी पूजा करनी चाहिए। प्रदोष काल वह समय होता है जब सूर्यास्त होता है, इसके बाद का मुहूर्त का प्रदोष काल का मुहूर्त कहलाता है।
– दिवाली पर मां लक्ष्मी की पूजा अकेले नहीं करनी चाहिए बल्कि भगवान गणेश के साथ करना चाहिए। मां लक्ष्मी की अकेले पूजा करने पर पूजा का पूरा फल नहीं मिलता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार गणेश जी माता लक्ष्मी के दत्तक पुत्र हैं। मां लक्ष्मी से भगवान गणेश की एक वरदान प्राप्त है कि जहां पर गणेश जी पूजा होगी है वहां पर मां लक्ष्मी स्थाई रूप से विराजमान होंगी।
– दिवाली पर मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा के साथ धन के देवता कुबेर की पूजा अवश्य करें। भगवान कुबेर को धन के भंडार यानी कोषाध्यक्ष होते हैं।
– हर साल दीवाली पूजन में इस्तेमाल की जाने वाली लक्ष्मी व गणेश की मूर्तियां नई होनी चाहिए।
– पूजा घर और मुख्य दरवाजे के दोनों तरफ रोली से स्वास्तिक का निर्माण करना भी शुभ माना जाता है।
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Bhanu Prakash
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भानु बंगवाल
मेल आईडी-bhanubangwal@gmail.com
भानु बंगवाल, देहरादून, उत्तराखंड।



