देहरादून सिटिज़न्स फ़ोरम की ओर से नागरिक और प्रशासन संवाद 21 जनवरी को होगा आयोजित
उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में देहरादून सिटिज़न्स फ़ोरम शहर के नागरिकों, पेशेवरों और सामाजिक समूहों की ओर से संचालित एक नागरिक मंच है। ये मंच देहरादून में लगातार बढ़ती नागरिक और पर्यावरणीय समस्याओं पर संवाद, समाधान और जनभागीदारी को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कार्य कर रहा है। मंच की ओर से देहरादून के कई ज्वलंत मुद्दों को लेकर 21 जनवरी 2026 को प्रातः 11 बजे दून लाइब्रेरी, देहरादून में एक नागरिक–प्रशासन संवाद कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
फोरम के सदस्यों अनूप नॉटियाल, रितु चटर्जी, जगमोहन मेंहदीरत्ता, भारती जैन, रमना कुमार की ओर से संयुक्त अपील में जानकारी दी गई कि तेजी से फैलते देहरादून शहर में नागरिकों को आज अनेक रोज़मर्रा की समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। इनमें खुले में कूड़ा जलाना, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन की कमजोर व्यवस्था, अनियंत्रित पार्किंग, यातायात जाम, सड़क दुर्घटनाओं में वृद्धि, खराब सड़कों और फुटपाथों की स्थिति, नशा, वर्षा जल निकासी की समस्या, वायु एवं ध्वनि प्रदूषण, अवैध निर्माण, हरित क्षेत्रों का लगातार कम होना तथा सार्वजनिक परिवहन की सीमित उपलब्धता जैसे मुद्दे प्रमुख हैं। ये सभी समस्याएँ मिलकर शहर की सार्वजनिक सेहत, सुरक्षा और जीवन की गुणवत्ता को गंभीर रूप से प्रभावित कर रही हैं। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
बताया गया कि इन मुद्दों पर सार्थक चर्चा और व्यावहारिक समाधान तलाशने के उद्देश्य से देहरादून सिटिज़न्स फ़ोरम द्वारा 21 जनवरी 2026 को प्रातः 11 बजे, दून लाइब्रेरी, देहरादून में एक नागरिक–प्रशासन संवाद कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। इस संवाद में जिला प्रशासन की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए जिलाधिकारी देहरादून को औपचारिक रूप से आमंत्रित किया गया है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
फ़ोरम ने इस संवाद के लिए शहर के प्रमुख विभागों जैसे पुलिस के ट्रैफिक विभाग, नगर निगम, लोक निर्माण विभाग , मसूरी–देहरादून विकास प्राधिकरण, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड तथा परिवहन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को भी आमंत्रित किया है, ताकि नागरिक समस्याओं पर समन्वित दृष्टिकोण से चर्चा हो सके। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
देहरादून सिटिज़न्स फ़ोरम का मानना है कि शहर की जटिल समस्याओं का समाधान केवल प्रशासन के प्रयासों से संभव नहीं है। फ़ोरम स्वयं को नागरिकों और प्रशासन के बीच एक प्रभावी संवाद मंच के रूप में देखता है, जहाँ उद्देश्य आरोप-प्रत्यारोप नहीं बल्कि समाधान आधारित बातचीत है। फ़ोरम को विश्वास है कि इस तरह के खुले और जिम्मेदार संवाद से नीतिगत स्पष्टता, प्रशासनिक संवेदनशीलता और नागरिक सहभागिता को बल मिलेगा। फ़ोरम ने मीडिया, नागरिक समाज और शहरवासियों से इस पहल को गंभीरता से लेने और सहयोग देने की अपील की है।
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Bhanu Bangwal
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भानु बंगवाल, देहरादून, उत्तराखंड।



