मर्यादा की सारी हदें की पार, नगर निगम की बैठक में आप और बीजेपी के पार्षदों में जमकर चले लात घूंसे और चप्पलें
राजनीतिक में मर्यादा की सारी हदें पार होती हुई नजर आई। नगर निगम की बैठक में देखने को मिली। बैठक में आम आदमी पार्टी और बीजेपी के नेताओं के बीच जमकर लात घूंसे चले।
राजनीतिक में मर्यादा की सारी हदें पार होती हुई आज पूर्वी दिल्ली नगर निगम की बैठक में देखने को मिली। बैठक में आम आदमी पार्टी और बीजेपी के नेताओं के बीच जमकर लात घूंसे चले। साथ ही चप्पल भी चलाई गई। मुद्दा भी फिल्म रहा। फिल्म के निर्माताओं को इस बहाने भी बखूबी प्रचार मिल गया और वे जेब से मालामाल होते चले जा रहे हैं। वहीं, फिल्म की सच्चाई को लेकर लोग और राजनीतिक दल आपस में बंटते जा रहे हैं।दरअसल, सदन की बैठक में भाजपा के पार्षद निंदा प्रस्ताव लाए थे। इन पार्षदों का आरोप था कि दिल्ली विधानसभा में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कश्मीरी पंडितों का मजाक उड़ाया है, उस पर आम आदमी पार्टी के नेता और पार्षदों को माफी मांगनी चाहिए। इस दौरान दोनों पक्ष आमने-सामने आए गए। आम आदमी पार्टी के पार्षद, सदन के नेता के पास पहुंच गए हंगामा करने लगे। इसी बीच आम आदमी पार्टी और बीजेपी पार्षदों के बीच में जमकर हाथापाई हुई। दोनों ही दलों के कई सदस्यों ने सदन की मर्यादा का उल्लंघन करते हुए एक-दूसरे पर आरोप लगाए। इस दौरान जमकर मारपीट हुई और खूब लात घूंसे चले। मारपीट में विपक्ष के पार्षदों ने नेता सदन सत्यपाल सिंह और स्थायी समिति चेयरमैन वीएस पंवार को पीटा तो वहीं सत्ता पक्ष के पार्षदों ने नेता विपक्ष मनोज त्यागी और अन्य पार्षदों को पीट दिया। इस दौरान ‘आप’ के पार्षद के कपड़े फाड़ दिए गए।
सदन की कार्रवाई की शुरुआत बुजुर्ग नेता और स्थानीय समिति के पूर्व चेयरमैन ईश्वरी दास महाजन के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए हुई। ईडीएमसी स्थायी समिति के अध्यक्ष बीरसिंह पंवार ने आरेाप लगाया कि श्रद्धांजलि दिए जाने के तुरंत बाद आप सांसदों ने आवाज उठानी शुरू कर दी और बबीजेपी सदस्यों के साथ अभद्रता की। पंवार के अनुसार, AAP पार्षद आरोप लगा रहे थे कि फिल्म ‘द कश्मीर फाइल्स’ और कश्मीरी पंडितों से जुड़े मामले में दिल्ली बीजेपी प्रमुख आदर्श ने हाल ही में सीएम केजरीवाल के खिलाफ गलत बातें कही हैं। बीरसिंह पवार ने कहा कि आदर्श गुप्ता केवल वही बता रहे थे जो दूसरे लोगों ने केजरीवाल के बारे में कहा था और ये शब्द उनके (आदर्श गुप्ता के ) नहीं थेथ। उनके मुताबिक, इसके बाद AAP सांसद हाथापाई पर उतर आए, बचाव में हमारे पार्षदों ने भी इसका जवाब दिया।




