चीन में फिर से कोरोना ने उठाया सिर, बनने लगे हैं पहले जैसे हालात, 10 शहरों में लॉकडाउन, अस्थाई अस्पताल तैयार
जहां से कोरोना की शुरुआत हुई थी, अब बार फिर से वहां कोरोना ने सिर उठाना शुरू कर दिया है। यानी कि चीन में फिर से कोविड-19 के मामले बढ़ने लगे हैं।
जहां से कोरोना की शुरुआत हुई थी, अब बार फिर से वहां कोरोना ने सिर उठाना शुरू कर दिया है। यानी कि चीन में फिर से कोविड-19 के मामले बढ़ने लगे हैं। साथ ही पूरी दुनिया में चिंता बढ़नी स्वाभाविक है। हालांकि कोरोना को लेकर चीन ने सतर्क और सख्त दोनों ही रुख अपनाए हैं। शुरुवाती दिनों की तरह ही फिर से चीन में तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। दस शहरों में लॉकडाउन लगाया जा चुका है। साथ ही अस्थाई अस्पताल बनाए जा रहे हैं।मंगलवार को चीन में कोरोना के 5280 नए मामले दर्ज किए गए हैं। चीन के राष्ट्रीय स्वास्थ्य आयोग ने कहा कि महामारी की शुरुआत के बाद से यह दैनिक मामलों की सर्वाधिक संख्या है। एनएचसी के अनुसार, राष्ट्रीय आंकड़े में ओमिक्रन के प्रसार के चलते बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इनमें से पूर्वोत्तर प्रांत जिलिन में 3000 से अधिक घरेलू मामलों का प्रसार हुआ है।
कोरोना के चलते सबसे ज्यादा प्रभावित क्षेत्र जिलिन प्रांत ही है। कोरोना के मामलों में आए उछाल के चलते कम से कम 10 शहरों में लॉकडाउन लगा दिया गया है। इनमें टेक हब बन चुका शहर शेनजेन भी शामिल है, जो 1।7 करोड़ लोगों का घर है। देश में कोरोना के बढ़ते मामलों ने प्रशासन की चिंता को बढ़ा दिया है। इसके चलते अधिकारियों की ओर से कई एहतियातन कदम उठाए गए हैं। इसमें शंघाई के स्कूलों को बंद कर दिया गया है और पूर्वोत्तर के कई शहरों में लॉकडाउन लगाया गया है।
चीन में मामले बढ़ने के बाद जिलिन शहर में अस्थायी अस्पताल का निर्माण किया जा रहा है। उम्मीद की जा रही है कि यह अस्थायी सुविधा छह दिनों में उपयोग के लिए तैयार हो जाएगी। इसमें 6,000 बेड उपलब्ध कराए जाएंगे। साथ ही इस क्षेत्र में 12 मार्च तक तीन अस्थायी अस्पताल पहले ही बनाए जा चुके हैं। कोरोना के प्रसार को रोकने के लिए बड़े स्तर पर परीक्षण किए जा रहे हैं और जिलिन में लोगों ने अब तक छह दौर की जांच पूरी कर ली है। अधिकारियों ने जिलिन के तहत छोटे शहरों सिपिंग और दुनहुआ में भी पूर्ण तालाबंदी की घोषणा की है।




