पूर्व मंत्री यशपाल आर्य और उनके बेटे पर हमले के विरोध मे कांग्रेसियों का सीएम आवास कूच, प्रदेशभर में प्रदर्शन, भाजपा का ये तर्क
पूर्व कैबिनेट मंत्री यशपाल आर्य और उनके पुत्र पूर्व विधायक संजय आर्य पर हुए हमले के विरोध में कांग्रेसी नेता व कार्यकर्त्ताओं ने रविवार को मुख्यमंत्री आवास के लिए कूच किया। कांग्रेसियों के काफिले को पुलिस ने हाथी बड़कला बैरिकेडिंग पर ही रोक दिया। इस पर कांग्रेसी सड़क पर ही धरने पर बैठ गए। इस दौरान कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी देवेंद्र यादव, नेता प्रतिपक्ष प्रीतम सिंह, पूर्व विधायक राजकुमार, काग्रेस उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना धरने में शामिल थे। इसके साथ ही पूरे प्रदेश भर में भी कांग्रेसियों ने धरने दिए।इससे पहले रविवार सुबह पूर्व सीएम हरीश रावत, पीसीसी चीफ गणेश गोदियाल समेत अन्य नेता यशपाल के हल्द्वानी स्थित आवास पहुँचे। घटना की जानकारी लेने के बाद हरीश रावत ने सीएम पुष्कर सिंह धामी और डीजीपी अशोक कुमार से फोन पर बात भी की। वहीं, बाजपुर घटना को कांग्रेस अब मुद्दा बनाने में जुटी है। जगह-जगह सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किए जा रहे। हल्द्वानी में टीपीनगर चौराहे पर प्रदेश महासचिव महेश शर्मा के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने सरकार का पुतला फूंक भड़ास निकाली। कांग्रेसियों ने पूरे मामले में भाजपा नेताओं के खिलाफ आरोप लगाते हुए कहा कि साजिशन हमला करवाया गया था। सूचना देने के बावजूद सिर्फ दो पुलिसकर्मी मौके पर भेजे गए थे।
गौरतलब है कि शनिवार को बाजपुर में कांग्रेस का सदस्यता कार्यक्रम था। इसमें पूर्व कैबिनेट मंत्री यशपाल आर्य और उनके बेटे संजीव को भी शामिल होना था।लेकिन कार्यक्रम स्थल से कुछ दूरी पहले उनके काफिले को घेर लिया गया। नौबत हाथापाई तक पहुँच गई थी। लेकिन समर्थकों ने यशपाल और संजीव को बाहर नहीं आने दिया। घटना के बाद कांग्रेसियों ने कोतवाली का घेराव भी किया था। वहीं, यशपाल के आवास पहुँचे पूर्व सीएम हरीश रावत ने कहा कि सत्ता की शह पर यह हमला करवाया गया था। भाजपा राजनैतिक की बजाय हिंसक लड़ाई पर उतर आई है। इसे उत्तराखंड की जनता बर्दाश्त नहीं करेगी।
खिसकी जमीन से घबराए सहानुभूति कार्ड खेल रहे हैं यशपाल आर्य
उत्तराखंड में भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता श्री विनय गोयल ने कहा कि बाजपुर की कल की घटना कांग्रेस की आपसी कलह का जीता जागता उदाहरण है। अपनी खिसकी हुई जमीन और लगातार घटते जनाधार से घबराए यशपाल आर्य पिता- पुत्र इसे भारतीय जनता पार्टी एवं सरकार के मत्थे मढ़कर सहानुभूति बटोरने का प्रपंच रच रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी हिंसा की राजनीति के विरूद्ध है और लोकतांत्रिक मूल्यों की पक्षधर है।
बिल्ली के भाग से छींका टूटने के इंतजार में बैठे कांग्रेसियों की प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदीजी की सफल विजय संकल्प रैली से चूलें हिल गयी हैं और वे बहकी बहकी बाते करने लगे हैं।




