चंद्रयान 3 मिशन की सफलता पर कांग्रेसियों ने दी भारतीय वैज्ञानिकों को बधाई
चंद्रयान 3 की चांद के साउथ पोल में सफलतापूर्वक लैंडिंग पर कांग्रेस में भी उत्साह देखा गया। कांग्रेसियों ने भारतीय वैज्ञानिकों को इसके लिए बधाई दी है। उत्तराखंड के वरिष्ठ कांग्रेस नेता राजीव महर्षि ने कहा कि इसरो वैज्ञानिकों की यह सफलता हमारे महान राष्ट्र के नागरिक के रूप में बेहद गर्व की बात है कि हमने आज चंद्रमा पर चंद्रयान 3 की लैंडिंग देखी। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
उन्होंने कहा कि चंद्र मिशन की सफलता ने भारत को चंद्रमा की सतह पर सफलतापूर्वक लैंडिंग करने वाले देशों के एक चुनिंदा समूह में शामिल कर दिया है। यह और भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि भारत एकमात्र ऐसा देश है, जिसने चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर लैंडिंग की है। यह हमारे राष्ट्र की प्रगति में एक मील का पत्थर दर्शाता है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
महर्षि के कहा कि इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर इसरो की टीम और वैज्ञानिक समुदाय को हार्दिक बधाई की पात्र है। हमारे प्रतिभाशाली वैज्ञानिकों ने पूरे देश को गौरवान्वित किया है।
उन्होंने कहा कि इसरो की स्थापना में दूरदर्शी राष्ट्र नेता पंडित जवाहर लाल नेहरू, लौह महिला इंदिरा गांधी तथा स्वप्नदृष्टा नेता राजीव जी के योगदान का सहज ही स्मरण हो जाता है। इंदिरा गांधी ने जिस तरह भारत के प्रथम अंतरिक्ष यात्री राकेश शर्मा का हौसला बढ़ाया था, आज फिर उसी तरह का अनुभव हो रहा है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
वहीं, देहरादून में राजपुर विधानसभा क्षेत्र से पूर्व विधायक राजकुमार ने कहा कि चंद्रयान 3 मिशन की सफलता का श्रेय भारतीय वैज्ञानिकों को जाता है। उन्होंने कहा कि चंद्रयान 1 की भी वर्ष 2008 में सफल लैंडिंग हुई थी। पूर्व प्रधान मंत्री मनमोहन सिंह के कार्यकाल के दौरान, चंद्रयान परियोजना को बढ़ावा मिला और अंततः चंद्रयान -1 को 22 अक्टूबर 2008 को 00:52 यूटीसी पर इसरो के 44.4-मीटर (146 फीट) लंबे, चार का उपयोग करके सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से लॉन्च किया था। अबकी बार फिर भारतीय वैज्ञानिकों ने साउथ पोल पर ऐसा कारनामा कर दिखाया, जो भारत के लिए गर्व का विषय है। क्योंकि साउथ पोल पर आज तक किसी भी देश का चंद्रयान नहीं उतरा है। ऐसा करने वाला पहला देश भारत के बनने पर भारतीय वैज्ञानिकों को हार्दिक बधाई।
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Bhanu Prakash
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भानु बंगवाल
मेल आईडी-bhanubangwal@gmail.com
भानु बंगवाल, देहरादून, उत्तराखंड।



