यूपी सरकार की सद्बुद्धि की लिए कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने राम मंदिर में किया भजन कीर्तन, दो घंटे रखा उपवास
पवित्र माघ मास की मौनी अमावस्या के दिन प्रयागराज संगम घाट में सनातन धर्म के सर्वोच्च पद ज्योर्तिमठ पीठाधीश्वर शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद गिरी महाराज के साथ उत्तरप्रदेश के शासन और प्रशाशन की ओर से की गई अभद्रता के खिलाफ उत्तराखंड में भी कांग्रेस ने आवाज उठाई है। एआईसीसी सदस्य व उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मित्रलोक कालोनी स्थित प्राचीन राम मंदिर प्रांगण पर बैठकर यूपी सरकार की सद्बुद्धि के लिए भजन कीर्तन का आयोजन किया। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
इस दौरान कार्यकर्ता दो घंटे के उपवास पर भी बैठे। इस मौके पर धस्माना ने कहा कि पुलिस द्वारा बिना किसी उकसावे के जिस प्रकार का अभद्र आक्रामक व्यवहार किया गया, उससे भारतवर्ष ही नहीं पूरी दुनिया में सनातन धर्म को मानने वालों व आदि गुरु शंकराचार्य की परंपरा पर विश्वास करने वालों की भावनाएं आहत हुई हैं। इस कुकर्म के लिए उत्तरप्रदेश सरकार को पूज्य शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद गिरी व पूरे संत समाज से क्षमा याचना करनी चाहिए। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
धस्माना ने कहा कि भारत एक धर्मनिरपेक्ष देश है और सभी धर्मों के लोगों को अपने अपने मत अनुसार अपनी पूजा अर्चना धार्मिक अनुष्ठान करने का पूर्ण अधिकार है। उन्होंने कहा कि जो भी मनुष्य सनातनी मां के गर्भ से पैदा होता है, उसका गंगा के प्रति आस्था विश्वास व उसमें स्नान करने का जन्म जात अधिकार होता है। ऐसे में कोई भी सरकार किसी सनातनी को और वह भी सनातन धर्म के सर्वोच्च प्रतिष्ठित व पूजनीय ज्योर्तिमठ पीठाधीश्वर शंकराचार्य को स्नान करने से मना कैसे कर सकती है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
कांग्रेस नेता सूर्यकांत धस्माना ने कहा कि अपने आप को सनातन धर्म व हिंदू धर्म का ठेकेदार बताने वाली भाजपा सरकारें अपने आप को सनातन धर्म व हिंदू धर्म से भी श्रेष्ठ मानने लगी हैं और संत समाज का व विप्र जनों का अपमान करने से भी नहीं हिचकिचा रही। पिछले एक सप्ताह से प्रयागराज में पूज्य शंकराचार्य महाराज अविमुक्तेश्वरानंद गिरी अपने शिविर के बाहर अनशन पर बैठे हैं, किन्तु उत्तरप्रदेश सरकार अपनी हठधर्मिता पर अड़ी है। उसके अधिकारों पुण्य शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद गिरी से शंकराचार्य होने का प्रमाणपत्र मांग रहे हैं। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
धस्माना ने कहा कि प्रधानमंत्री अपने आप को बद्री केदार का अनन्य भक्त बताते हैं। इस मुद्दे पर देश वह उसी पीठ के पूज्य शंकराचार्य के अपमान पर खामोश हैं। वहीं, अन्य पीठों के शंकराचार्य इस घटना पर अपना आक्रोश व्यक्त कर चुके हैं। इसके बावजूद भाजपा के शीर्ष नेतृत्व की खामोशी ये साबित कर रही है कि उत्तरप्रदेश सरकार की ओर से शंकराचार्य के अपमान को उनका मौन समर्थन है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
इससे पूर्व कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने राम मंदिर में पूजा अर्चना व आरती कर उत्तरप्रदेश सरकार की सद्बुद्धि के लिए प्रार्थना की व तत्पश्चात उपवास में बैठ कर भजन कीर्तन व हरि नाम जाप किया। कार्यक्रम में कांग्रेस के प्रदेश महामंत्री जगदीश धीमान, श्रम प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष दिनेश कौशल, गोरखा प्रकोष्ठ अध्यक्ष अनिल बस्नेत, पार्षद संगीता गुप्ता, पार्षद अभिषेक तिवारी, पूर्व पार्षद ललित भद्री, पूर्व पार्षद सुमित्रा ध्यानी, महिला कांग्रेस महामंत्री पिया थापा, सुमित खन्ना, सुशीला शर्मा, प्रमोद गुप्ता, अनुराग गुप्ता, आदर्श सूद, प्रजापति आदि बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
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Bhanu Bangwal
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भानु बंगवाल, देहरादून, उत्तराखंड।



