केंद्रीय बजट को लेकर कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रो. गोरव वल्लभ ने पूछे सरकार से सवाल
केंद्रीय बजट को लेकर अखिल भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के प्रवक्ता ने केंद्र सरकार पर जोरदार हमला बोला। साथ ही कहा कि इसमें न तो युवाओं के रोजगार की व्यवस्था की गई है और न ही इससे उत्तराखंड के लोगों को लाभ मिल रहा है।
केंद्रीय बजट को लेकर अखिल भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के प्रवक्ता ने केंद्र सरकार पर जोरदार हमला बोला। साथ ही कहा कि इसमें न तो युवाओं के रोजगार की व्यवस्था की गई है और न ही इससे उत्तराखंड के लोगों को लाभ मिल रहा है। उन्होंने केंद्र सरकार से बजट को लेकर कई सवाल भी पूछे।देहरादून में आयोजित प्रेस वार्ता में उन्होंने कहा कि वर्तमान में 4.27 करोड़ युवा बेरोजगार हैं। 60 लाख से अधिक MSMEs बंद हो चुके हैं। 84 प्रतिशत परिवारों के आय पिछले वर्ष कम हुयी है। प्रति व्यक्ति आय पिछले वर्ष की ₹108645 की तुलना में ₹107845 रह गयी है। 4.60 लाख लोग गरीबी में धकेले जा चुके हैं। WPI मुद्रा स्फिति दर 12 साल के उच्चतम स्तर पर पहुँच गयी है और भूखमरी में भारत का स्थान 116 देशो में 101 पर आ गया है। ऐसी स्थिति में इस बजट ने उपरोक्त वर्णित किसी भी मुददे को सम्बोधित नही किया है।
उन्होंने कहा कि क्या उत्तराखंड के लाखों बेरोजगारों को कुछ मिला है। तो उसका उत्तर सिर्फ और सिर्फ ‘नही’ में आता है। PLI स्कीम के तहत 60 लाख नये रोजगार के सृजन का झुनझुना युवाओं को पकड़ानें का प्रयास किया गया है। पर मुख्य सवाल यह है कि 7 वर्ष पूर्व मेक इन इंडिया स्कीम के तहत कितने लोगो को अब तक रोजगार मिला? उन्होंने कहा कि क्या इस बजट ने मध्यम आय वर्ग के लोगो को टैक्स में कुछ फायदा दिया। इस उत्तर भी नाकारात्मक ही है। क्योंकि फर्टिलाईजर, फूड व पेट्रोल पर मिलने वाली सब्सिडी को लगभग 27 प्रतिशत से कम किया गया है।
प्रो. गोरव वल्लभ ने कहा कि क्या किसानों को इस बजट में कुछ मिला है। इसका उत्तर भी ‘नही’ ही है। खेती पर बजट जो 2021-22 GDP का 4.3 प्रतिशत था। उसे कम करके 2022-23 में 3.84 प्रतिशत कर दिया गया है। और तो और ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीड की हडडी मनरेगा स्कीम के तहत खर्च होने वाली रकम को भी 98 हजार करोड से 73 हजार करोड़ कर दिया गया। यह आम बजट न तो उत्तराखंड के युवाओं को रोजगार दिलाने में सक्षम है न ही मंहगाई को कम करने में।



