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March 16, 2026

विजय दिवस पर सीएम ने शहीद स्मारक पर अर्पित किया पुष्प चक्र, आयुष शिक्षा विभाग के कार्यक्रम में किया प्रतिभाग

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को विजय दिवस के अवसर पर गांधी पार्क देहरादून में शहीद स्मारक पर पुष्पचक्र अर्पित कर शहीद जवानों को श्रद्धांजलि दी।

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को विजय दिवस के अवसर पर गांधी पार्क देहरादून में शहीद स्मारक पर पुष्पचक्र अर्पित कर शहीद जवानों को श्रद्धांजलि दी। मुख्यमंत्री ने कहा है कि भारत के सैन्य इतिहास में 16 दिसम्बर वीरता व पराक्रम का ऐतिहासिक दिन है। मुख्यमंत्री ने देश की एकता एवं अखंडता के लिए अपना सर्वस्व न्यौछावर करने वाले जवानों को नमन करते हुए कहा कि हमारे इन जवानों की वजह से सभी चैन की नींद सोते हैं। देवभूमि उत्तराखंड की सदैव देशभक्ति व राष्ट्र के प्रति समर्पण की भावना रही है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने हमेशा देश के सैनिकों का मनोबल बढ़ाने का कार्य किया है। इस अवसर पर सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी, विधायक खजानदास, जिलाधिकारी देहरादून डॉ. आर राजेश कुमार भी उपस्थित थे।

सैनिक सम्मान कार्यक्रम में पूर्व सैनिकों को मुख्यमंत्री ने किया सम्मानित
विजय दिवस पर मुख्यमंत्री आवास में आयोजित सैनिक सम्मान कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पूर्व सैनिकों को सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में आए प्रत्येक पूर्व सैनिक के पास जाकर शॉल भेंट कर सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने सभी को विजय दिवस की शुभकामना देते हुए कहा कि वीर सैनिकों के सम्मान से देश का स्वाभिमान एवं सम्मान बढ़ा है। उन्होंने कहा कि सैनिक कभी भी पूर्व सैनिक नहीं होता वह सदैव वीर सैनिक ही रहता है। उन्होंने सैनिकों के सम्मान की इस परम्परा को आगे भी बनाये रखने की बात कही।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह लोकतंत्र की महानता तथा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं दल के नेतृत्व की शुभकामनाओं का प्रतिफल है कि एक सैनिक के बेटे को मुख्य सेवक के रूप में कार्य करने का अवसर दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सैन्य बलों की मजबूती तथा उन्हें आवश्यक सुविधायें एवं साज सामान उपलब्ध कराने, वन रैंक वन पेंशन की सुविधा के साथ ही जवानों को गोली का जवाब तुरंत गोली से देने की छूट देकर सैनिकों को उनका वास्तविक सम्मान एवं श्रेय देने का कार्य किया है। आज हमारी सेना दुश्मन के घर जाकर उनका मुकाबला करती है। हमारी सशक्त एवं मजबूत सेना के कारण दुनिया में हमारे देश का हौसला बुलंद हो रहा है।
मुख्यमंत्री ने स्व. सी.डी.एस. जनरल विपिन रावत का स्मरण कर उन्हें नमन करते हुए कहा कि वे सैनिकों के कल्याण के हिमायती थे। स्व. विपिन रावत के साथ उन्होंने देहरादून लैंस डाउन, बनबसा एवं रानीखेत में पूर्व सैनिकों के कल्याण से संबंधित कार्यक्रम निर्धारित किया था। राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर उनसे हुई मुलाकात में भी सैनिकों से जुड़े कार्यक्रमों पर वार्ता हुई थी।

सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि उत्तराखण्ड वीरों की भूमि है, सैनिकों की भूमि है। देश का हर पांचवा सैनिक उत्तराखण्ड से होता है। भारतीय सेना का सैनिक होना गर्व की बात है। आज देश प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और प्रदेश मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी जी के हाथों में सुरक्षित है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की भावना के अनुरूप उत्तराखण्ड में दिव्य और भव्य सैन्य धाम का निर्माण किया जा रहा है। इसमें शहीदों के घरों से पवित्र मिट्टी लाई गई है। यहां म्यूजियम होगा, लाईट व साउंड शो होगा। शहीद जसवंत सिंह और बाबा हरभजन के मंदिर बनेंगे।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार शहीद सैनिक के परिवार के एक सदस्य को उसकी योग्यता अनुसार सरकारी नौकरी में समायोजित कर रही है। देहरादून में वार मेमोरियल बॉयज एंड गर्ल्स होस्टल बनाया है। हल्द्वानी में भी बनाया जाएगा। वीरता पदक से अलंकृत के लिए राशि में कई गुना वृद्धि की गई है। हमारी सरकार दिल से सेना और सैनिकों का सम्मान करती है। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री स्वामी यतीश्वरानंद, से.नि. जनरल सब्बरवाल, ब्रिगेडियर के.जी बहल, कर्नल भण्डारी सहित बड़ी संख्या में पूर्व सैन्य अधिकारी व सैनिक उपस्थित थे।

हरिद्वार में आयुष शिक्षा विभाग के कार्यक्रम में किया प्रतिभाग
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और केंद्रीय मंत्री पोत परिवहन और जल मार्ग, आयुष, भारत सरकार सर्वानन्द सोनोवाल ने बृहस्पतिवार को अलकनन्दा घाट, हरिद्वार में आयुष एवं आयुष शिक्षा विभाग द्वारा आयोजित- आयुष संवाद-उत्तराखंड आयुष: संसाधन एवं संभावनायें, कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखंड का चहुमुखी विकास हो रहा है। उन्होंने कहा कि आने वाला दशक उत्तराखंड का दशक होगा। उन्होंने कहा कि जब हम उत्तराखण्ड का 25वां स्थापना दिवस मनायेंगे, उस समय हमारा राज्य उत्तराखण्ड हर क्षेत्र में हिन्दुस्तान का अग्रणी राज्य होगा, इसके लिये हम कार्य कर रहे हैं।
उन्होंने केंद्रीय मंत्री पोत परिवहन और जल मार्ग, आयुष, भारत सरकार से उत्तराखंड में अखिल भारतीय आयुर्वेदिक संस्थान खोले जाने की मांग की। उन्होंने कहा कि भारत सरकार की उत्तराखंड राज्य से जो भी अपेक्षायें होंगीं, उन्हें हम पूरा करेंगे। कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी ने प्रत्येक क्षेत्र में देश का नाम विश्व में रोशन किया है। उन्होंने काशी विश्वनाथ कारिडोर का उल्लेख करते हुये कहा कि यह अद्भुत कारिडोर बना है।
केन्द्रीय मंत्री सर्वानन्द सोनोवाल ने घोषणा की कि राष्ट्रीय आयुष मिशन के तहत 10 बेड का आयुष हास्पिटल उत्तराखंड में स्थापित किया जायेगा। राज्य के प्रत्येक जिले में एक-एक मोबाइल आयुष यूनिट(आयुष रथ) संचालित किये जाएंगे। राष्ट्रीय आयुष मिशन के तहत राज्य में राजकीय होम्योपैथिक मेडिकल कालेज की स्थापना की जायेगी। राष्ट्रीय आयुष मिशन के अन्तर्गत 50 बेड का यूनानी हास्पिटल स्थापित किया जायेगा। 100 आयुष वेलनेस सेंटर स्थापित करने के लिये आर्थिक सहायता प्रदान की जायेगी।

उन्होंने कहा कि नेशनल मेडिकल प्लांट्स बोर्ड की सहायता से 200 स्कूलों में हर्बल गार्डेन की स्थापना की जायेगी। नेशनल मेडिकल प्लांट्स बोर्ड की सहायता से उत्तराखंड के तेरह जिलों में तेरह नर्सरियों की स्थापना की जायेगी। मेडिकल प्लाण्ट्स आदि की अवस्थापना के लिये प्रत्येक वन पंचायत को 15 लाख की सहायता दी जायेगी। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड आयुर्वेदिक यूनिवर्सिटी में मर्म चिकित्सा की व्यवस्था होगी तथा यह देश का प्रमुख केन्द्र बनेगा।
केन्द्रीय आयुष मंत्री ने बताया कि भारत सरकार की ओर से उत्तराखंड को आयुष क्षेत्र के विकास के लिये  सहायता दी जा रही है। उत्तराखंड को महत्वपूर्ण प्रदेश के रूप में विकसित करेंगे।
उत्तराखण्ड के  वन, पर्यावरण संरक्षण एवं जलवायु परिवर्तन, श्रम, कौशल विकास एवं सेवायोजन, आयुष, आयुष शिक्षा, ऊर्जा एवं वैकल्पिक ऊर्जा मंत्री डा हरक सिंह रावत ने  कहा कि उत्तराखण्ड महर्षि चरक ऋषि की धरती है।  उत्तराखंड योग, आयुर्वेद, मां गंगा की धरती है।  प्रधानमंत्री जी ने योग को अन्तर्राष्ट्रीय मंच तक पहुंचाया तथा आयुष मंत्रालय का गठन किया। इसकी वजह से आज आयुष के क्षेत्र में काफी प्रगति हो रही है। उन्होंने कहा कि कोविड-19 के समय में लोगों ने आयुष के महत्व को समझा। उन्होंने बताया कि आज 19 आयुर्वेदिक कालेज हैं, जिनमें 11 सौ सीटें हैं।
समारोह को भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक, वैद्य राजेश कोटेचा, सचिव, आयुष मंत्रालय भारत सरकार, डी सैन्थिल पाण्डियन, संयुक्त सचिव आयुष एवं आयुष शिक्षा, भारत सरकार, आयुर्वेदिक विश्वविद्यालय उत्तराखंड के कुलपति प्रो सुनील कुमार जोशी ने भी सम्बोधित किया। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री यतीश्वरानन्द, सचिव आयुष चन्द्रेश कुमार, आयुर्वेदिक एवं यूनानी सेवाएं के निदेशक डा अरूण कुमार त्रिपाठी सहित विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी, सम्बन्धित विभागों के अधिकारी, शिक्षक, छात्र आदि उपस्थित थे।

Bhanu Bangwal

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भानु बंगवाल, देहरादून, उत्तराखंड।

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