यूजेवीएनएल के प्रबंध निदेशक से मिला सीटू का प्रतिनिधिमंडल, मिला समस्याओं के समाधान का आश्वासन
सेंटर ऑफ़ इंडियन ट्रेड यूनियंस (सीटू) का प्रतिनिधिमंडल उत्तराखंड जल विद्युत निगम (यूजेवीएनएल) के प्रबंध निदेशक एके सिंह से मिला। इस दौरान उन्हें ठेकेदारों की ओर से श्रमिकों की समस्याओ का समाधान ना करने पर रोष जताया गया। साथ ही प्रबंध निदेशक को ज्ञापन भी दिया गया। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
सीटू के प्रांतीय महामंत्री राजेंद्र सिंह व सचिव लेखराज के नेतृत्व में ये प्रतिनिधिमंडल देहरादून में जीएमएस रोड स्थित यूजेवीएनएल के प्रबंध निदेशक के कार्यालय पहुंचा। इस अवसर पर सीटू प्रांतीय सचिव लेखराज कहा कि अगस्त 2023 में तत्कालीन प्रबंध निदेशक के हस्तक्षेप के बाद यूजेवीएनएल के विभिन्न अधिकारीयों के बैठक में मांगों पर निर्देश जारी किये गये थे। इसे लेकर लिखित में समझौता हुआ था, किन्तु आज तक भी उक्त समझौते पर कोई कार्यवाही नहीं हुई है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
उन्होंने बताया कि श्रमिकों के मुद्दे ज्यो के त्यों ही हैं। ईएसआई कार्ड अधूरे हैं। कार्ड में श्रमिकों के परिवार के नाम नहीं चढ़ाए गये हैं। वेतन वृद्धि नहीं की गयी है। श्रमिकों को वेतन पर्ची भी नहीं दी जाती है। श्रमिकों को रहने के लिए विभाग के खाली पड़े मकानों को दिया जाए। या भत्ता दिया जाये। कई वर्षो से कार्यरत श्रमिकों से ठेकेदार के अंतर्गत ही कार्य करवाया जा रहा है। उन्हें विभागीय संविदा में लेकर नियमितीकरण किया जाये। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
इसके साथ ही बताया गया कि छिबरों पावर हॉउस के श्रमिक की मृत्यु होने पर उसके परिवार को किसी भी तरह का मुआवजा नहीं दिया है। इन सभी मांगों के आलावा समान काम का समान वेतन आदि देने सहित अन्य मांगों पर वार्ता हुई। प्रबंध निदेशक की ओर से आश्वासन दिया गया कि वह अधीनस्थ अधिकारियो को निर्देशित करेंगे कि श्रमिकों के समस्त मांगो पर विचार कर समाधान करें। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
इस अवसर पर सीटू के प्रांतीय महामंत्री ने कहा कि यदि श्रमिकों का शोषण बंद नहीं होता है तो वे हड़ताल जैसे कदम भी उठाने को बाध्य होंगे। इसकी समस्त जिम्मेदार विभाग कि होंगी। इस अवसर वर यूनियन के अध्यक्ष गोपाल वाल्मीकि, सीटू डाकपत्थर के संरक्षक तनवीर, हथियारी पावर हॉउस से नवीन तोमर, जुड्डो डेम से गजेंद्र चौहान, छिबरों पावर हॉउस से दिग्पाल आदि प्रतिनिधिमंडल में शामिल थे।
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Bhanu Bangwal
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भानु बंगवाल, देहरादून, उत्तराखंड।


