मनोहरकांत ध्यानी को दिया कैबिनेट मंत्री का दर्जा, उत्तराखंड में स्वरोजगार शिविर रोस्टर तैयार, पर्यटन की समीक्षा, सीएम ने पुस्तकों का किया लोकार्पण

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देवस्थानम बोर्ड के संबंध में गठित समिति के अध्यक्ष को कैबिनेट मंत्री का दर्जा देने की स्वीकृति दी है। मुख्यमंत्री ने देवस्थानम बोर्ड के सम्बन्ध में सभी सम्बन्धित पक्षों से वार्ता कर इस सम्बन्ध में अपनी रिपोर्ट देने के लिये गठित समिति के अध्यक्ष मनोहरकान्त ध्यानी को कैबिनेट मंत्री का दर्जा देने की स्वीकृति प्रदान की। मुख्यमंत्री ने अपर सचिव धर्मस्व को समिति का सदस्य सचिव नामित करने के भी निर्देश दिये।
मुख्यमंत्री ने ‘बीज बम अभियान’ तथा ‘गढ़ भोज’ अभियान पुस्तकों का किया लोकार्पण
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को देर सायं मुख्यमंत्री आवास में डॉ. अरविन्द दरभोड़ा की ओर से लिखित पुस्तक बीज बम अभियान तथा द्वारिका प्रसाद सेमवाल की ओर से लिखित पुस्तक गढ़भोज अभियान का लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि मानव वन्य जीव संघर्ष को कम करने तथा वृक्षा रोपण को बढ़ावा देने के लिये संचालित बीज बम अभियान पारम्परिक बीजों तथा पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी प्रभावी पहल है। इसी प्रकार राज्य के पारम्परिक खाद्य पदार्थों की देश व दुनिया में पहचान दिलाने के लिये गढभोज अभियान भी राज्य के उत्पादों को बढ़ावा देने का सराहनीय प्रयास है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह दोनों विषय वास्तव में समय की मांग बन गये हैं। बीज बम वास्तव में पौधारोपण का भी एक तरीका बन गया है। उन्होंने कहा कि इसके लिये सभी सम्बन्धित विभागों को समन्वय से कार्य करना होगा। इससे आबादी क्षेत्र के साथ ही वनों में भी फलदार पेड़ों की बहुतायत से मानव वन्य जीव संघर्ष को भी कम करने में मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे पारम्परिक उत्पादों में पौष्टिकता की अधिकता भी है। इससे हमारे इन उत्पादों को बेहतर बाजार भी उपलब्ध होगा। तथा रोजगार के साधन भी सृजित होंगे। इस अवसर पर डॉ. मोहन सिंह रावत ‘गांववासी’, सेवानिवृत्त आइएएस डॉ. कमल टावरी, डॉ. मोहन सिंह पंवार, कमलेश गुरूरानी, माधवेन्द्र सिंह, प्रेम पंचोली आदि उपस्थित थे।
4 सितम्बर को होगा जनता मिलन कार्यक्रम
4 सितम्बर को उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सीएम आवास स्थित जनता दर्शन हॉल में जन समस्याओं को सुनेंगे और मौके पर ही उनका निस्तारण किया जाएगा। शनिवार 4 सितम्बर को पूर्वाह्न 10 बजे से मध्यान्ह 12 बजे तक जनता मिलन कार्यक्रम का आयोजन होगा। आमजन अपनी समस्याओं को सीधे मुख्यमंत्री के समक्ष रख सकेंगे।
मुख्यमंत्री ने की पर्यटन विभाग की समीक्षा
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को सचिवालय में पर्यटन विभाग की समीक्षा की। उन्होंने पर्यटन से सम्बन्धित योजनाओं के क्रियान्वयन के साथ ही तीन माह की योजना का भी प्रस्ताव तैयार करने को कहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि योजनाओं का क्रियान्वयन शीघ्र धरातल पर दिखायी दे इस पर विशेष ध्यान दिया जाय।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यटन हमारी आर्थिकी का महत्वपूर्ण विषय रहा है। इसके लिये राज्य में नये पर्यटन स्थलों के विकास के साथ ही पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने तथा पर्यटकों की सुख सविधाओं का विशेष ध्यान दिये जाने की जरूरत है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जीएमवीएन तथा केएमवीएन के गेस्ट हाउसों को और अधिक सुसज्जित बनाने, वेलनेस सेन्टर जैसी सुविधाये इनके माध्यम से उपलब्ध करायी जाय तो अधिक से अधिक पर्यटक इनसे जुडेंगे।
मुख्यमंत्री ने साहसिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिये काली एवं शारदा आदि नदियों में भी राफ्टिंग तथा टिहरी लेक में सी प्लेन योजना को शीघ्र धरातल पर उतारे जाने को कहा। मसूरी व नैनीताल की ट्रैफिक व्यवस्था का कारगर हल तलाशे जाने पर बल देते हुए मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि ट्रैफिक व्यवस्था में सुधार से पर्यटकों के जरिये राज्य की बेहतर पर्यटन व्यवस्थाओं का सन्देश देश व दुनिया में जायेगा।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि वीर चन्द्र सिंह गढ़वाली पर्यटन स्वरोजगार योजना के तहत दी जाने वाली सब्सिडी को बढ़ाये जाने का प्रस्ताव तैयार किया जाय, ताकि अधिक से अधिक लोग इस योजना से जुड सकेंगे। उन्होंने कहा कि राज्य के पौराणिक महत्व के धार्मिक स्थलों पुराने पर्यटन स्थलों का भी पर्यटन की दृष्टि से विकास किया जाय। हमारा प्रयास राज्य के नैसर्गिंक प्राकृतिक सौन्दर्य, समृद्ध सांस्कृतिक विरासत एवं जैव विविधता को देश व दुनिया के सामने लाना है। इसके लिये सम्बन्धित विभागों को आपसी समन्वय से कार्य करना होगा। इसके लिये कम अवधि की छोटी फिल्मों के माध्यम से प्रचार प्रसार पर भी ध्यान दिया जाय।
उन्होंने देहरादून मसूरी, ऋषिकेश नीलकंठ आदि रोप वे के साथ ही पाताल भुवनेश्वर तथा पूर्णागिरी रोप वे निर्माण का भी प्रस्ताव तैयार करने को कहा। अल्मोड़ा के नीम करोली में पार्किंग की व्यवस्था, पायलेट प्रोजेक्ट के रूप में संचालित करने के निर्देश मुख्यमंत्री ने दिये हैं। इस अवसर सचिव पर्यटन दिलीप जावलकर ने व्यापक प्रस्तुतीकरण के माध्यम से राज्य में संचालित तथा भावी पर्यटन योजनाओं की जानकारी दी। सचिव पर्यटन ने बताया कि पर्यटन की 28 गतिविधियों को उद्योग की श्रेणी में सम्मिलित किया गया है। साहसिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिये अलग विंग गठित की गई है। भारत सरकार द्वारा राज्य का एडवेंचर टूरिज्म गतिविधियों को अन्य राज्यों के लिये अनुकरणीय बताया गया है। फिल्म शूटिंग के लिये राज्य को बेस्ट फ्रेंडली स्टेट का अवार्ड दिया गया है।
उन्होंने बताया कि राज्य का पर्यटन कलेण्डर तैयार किया गया है। उन्होंने बताया कि राज्य के पर्यटन को बढ़ावा देने के लिये एड फिल्मों के माध्यम से भी प्रचार की योजना है। इस अवसर पर पर्यटन आधारित फिल्म का भी प्रदर्शन किया गया। उन्होंने बताया कि पर्यटन विभाग से संबंधित सीएम की 103 घोषणायें की गई थी, जिनमें 68 पूर्ण हो चुकी है। तथा 21 पर कार्यवाही गतिमान है।
उन्होंने बताया कि राज्य के लोगों की संख्या से चार गुना पर्यटक यहां आते हैं। वर्ष 2014 में आपदा के बाद 3 लाख श्रद्धालु चार धाम यात्रा में आये थे, जबकि 2019 में यह संख्या 34 लाख से ज्यादा रही है, इसमें 10 लाख लोग केदारनाथ आये थे। उन्होंने कहा कि पर्यटन क्षेत्र में घोषित कोविड राहत पैकेज के अंतर्गत पर्यटन विभाग में पंजीकृत होटल, रेस्टोरेंट व होम स्टे के कार्मिकों को राहत राशि वितरित की जानी शुरू हो गई है। 31 अगस्त तक राज्य में कुल 9398 लोगों के खातों में 3,66,37,580 रूपये की राशि ट्रांसफर की जा चुकी है। इस अवसर पर मुख्य सचिव डॉ. एसएस संधू, अपर मुख्य सचिव आनन्द वर्द्धन, अपर प्रमुख सचिव अभिनव कुमार, अपर सचिव युगल किशोर पन्त, स्वाती भदौरिया सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
राज्यभर में स्वरोजगार शिविर लगाने का रोस्टर तैयार
अगले 30 दिनों में राज्य में स्वरोजगार से जुड़ी योजनाओं के निर्धारित लक्ष्यों को समय से पूरे करने का काम अभियान के रूप में चलेगा। युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने और उनकी विभिन्न समस्याओं के समाधान के लिए सभी जनपदों में ‘स्वरोजगार शिविर’ लगाये जायेंगे। इन शिविरों में जिला स्तरीय अधिकारी एवं बैंक के अधिकारी स्वरोजगार से जुड़ी योजनाओं की जानकारी देने के साथ ही मौके पर ही आवेदकों की समस्याओं का समाधान करेंगे। इस माह 30 सितम्बर से पहले ये शिविर आयोजित कर लिए जाऐंगे। शिविरों के आयोजन का रोस्टर सभी जिलों के मुख्य विकास अधिकारियों ने शासन को उपलब्ध करवा दिया है।
प्रदेश में स्वरोजगार की योजनाओं के आवेदनों के निस्तारण के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशानुसार पूरे प्रदेश में कार्यवाही शुरू हो गई है। प्रदेश के सभी 13 जिलों में 30 सितम्बर से पहले स्वरोजगार शिविर आयोजित होंगे। बीते 5 अगस्त को समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्वरोजगार योजनाओं के जुड़े आवेदकों के ऋण की प्रक्रिया यथाशीघ्र पूरी करने के निर्देश दिए थे। उनके निर्देश के बाद सभी जनपदों में विकासखंड स्तर पर स्वरोजगार शिविरों के आोजन का रोस्टर तैयार कर लिया गया है। इ
सके तहत अलग- अलग स्थानों में अल्मोड़ा जनपद में 45, उत्तरकाशी में 11, चमोली में 9, देहरादून में 16, टिहरी गढ़वाल में 9, पौड़ी गढ़वाल में 15 तथा जनपद रुद्रप्रयाग में 7 स्वरोजगार शिविरों का आयोजन किया जाएगा। इसके अलावा जनपद उधमसिंहनगर में 11, पिथौरागढ़ में 21, बागेश्वर में 16, हरिद्वार में 13, नैनीताल 28 और चंपावत में 39 स्वरोजगार शिविर लगेंगे। मुख्यमंत्री श्री पुष्कार सिंह धामी ने स्वरोजगार से जुड़ी योजनाओं के निर्धारित लक्ष्यों को समय से पूरे करने के निर्देश आधिकारियों को दिए हैं। उनका कहना है कि सरकारी नौकरियां सीमित होने के कारण स्वरोजगार से आत्मनिर्भर भारत का मार्ग प्रशस्त होगा। खासकर पहाड़ी राज्य उत्तराखण्ड स्वरोजगार से ही आर्थिक समृद्धि की ओर आगे बढ़ सकता है।
सीएम धामी ने ‘ग्राम्य श्री’ विक्रय केंद्र का लोकार्पण किया
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून में राजपुर रोड निर्मित ‘ग्राम्य श्री’ विक्रय केंद्र का लोकार्पण किया। इस विक्रय केन्द्र में जलागम विभाग उत्तराखण्ड के अंतर्गत गठित कृषक संघों के उत्पाद उपलब्ध रहेंगे। मुख्यमंत्री ने यहां रखे उत्पादों का अवलोकन भी किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस तरह के विक्रय केन्द्र से जहां उपभोक्ताओं को गुणवत्तापरक उत्पाद मिलेंगे। वहीं किसानों, ग्रामीणों को भी उनके उत्पादों के लिये बाजार मिलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में किसानों के हित में अनेक योजनाएं शुरू की गई हैं। किसानों की आय को दोगुना करने के लिए बहुत सी महत्वपूर्ण पहलें की गई हैं। किसान सम्मान निधि से प्रदेश के 9 लाख से अधिक किसान लाभान्वित हो चुके हैं। इसके लिये मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का धन्यवाद किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें खेती में नये तरीकों को अपनाना होगा। जहां खेत छोटे-छोटे हैं वहां मिलकर कृषि की जा सकती है। बाजार की मांग के अनुरूप उत्पादन करना होगा। साथ ही ग्राम्या श्री जैसे विक्रय केन्द्र जगह जगह स्थापित करने होंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री जी का उत्तराखण्ड के प्रति विशेष लगाव है। उनके मार्गदर्शन में उत्तराखण्ड को आदर्श राज्य बनाएंगे। ग्राम्या फेज 3 के लिए केंद्र सरकार से अनुरोध किया जाएगा
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने मां सुरकण्डा समूह धारकोट को डीप फ्रीजर, ग्राइन्डर, माइक्रोवेव ओवन प्रदान किये। मुख्यमंत्री ने ग्राम्य श्री रेडियो जिंगल और कैटेलॉग का भी लोकार्पण किया। कार्यक्रम में विधायक खजानदास, मेयर सुनील उनियाल गामा, अपर मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन सहित जलागम विभाग की ओर से गठित कृषक संघों से जुड़े कृषक और महिलाएं भी उपस्थित थे।
भूस्खलन क्षेत्र का किया निरीक्षण
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून-मसूरी रोड पर कोलूखेत के निकट भू-स्खलन की समस्या के स्थाई समाधान के निर्देश लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को दिये। मुख्यमंत्री ने स्थलीय निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिये कि भूस्खलन से रोड बाधित न हो इसके लिए प्रोपर ट्रीटमेंट किया जाय। इसके लिए जिस भी आधुनिक तकनीक की आवश्यकता है, वह की जाय। इस अवसर पर केबिनेट मंत्री गणेश जोशी, लोक निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता एन.पी. सिंह, अधीक्षण अभियंता पी.एस. बृजवाल, अधिशासी अभियंता डी.सी. नौटियाल मौजूद थे।




