बर्थडे के दिन प्रेमिका की हत्या में आरोपी प्रेमी गिरफ्तार, पुराने प्रेमी के मैसेज देख की हत्या, भाजपाइयों का आरोपी पर हमला
15 अगस्त को नैनीताल के होटल में नोएडा की महिला पर्यटक की हत्या मामले का कोतवाली पुलिस ने खुलासा कर दिया है। मंगलवार रात गाजियाबाद से आरोपी को पकड़कर पुलिस नैनीताल लाई। आरोपी ऋषभ उर्फ इमरान में हत्या की बात कबूल ली है। पूछताछ में उसने बताया कि दीक्षा के पुराने ब्वॉयफ्रेंड का मैसेज देख कर रात को उसका दीक्षा के साथ झगड़ा हो गया था। इस पर आवेश में आकर उसने गला दबाकर दीक्षा की हत्या कर दी। इसके बाद वह भाग खड़ा हुआ। आरोपित ने कबूल किया कि बीते एक साल से वह दीक्षा के साथ लिव इन में रह रहा था। दीक्षा के लिए ही उसने अपना नाम इमरान से परिवर्तित कर ऋषभ तिवारी रख लिया था।
कोतवाली में पत्रकार वार्ता के बाद जब पुलिस आरोपित इमरान को न्यायालय पेश करने के लिए लेकर जा रही थी कि कोतवाली के बाहर खड़े भाजपाईयो ने आरोपित पर हमला कर दिया। जिससे पुलिस वापस कोतवाली के अंदर ले आई। पुलिसकर्मियों ने बीच-बचाव कर किसी तरह भाजपाइयों को कोतवाली से बाहर किया। जिसके बाद ही पुलिस आरोपित को न्यायालय ले जा सकी।
पुलिस के मुताबिक यूपी के गौतम बुद्ध नगर जिले में होरिजन होम साइबेरी नोएडा एक्सटेंशन निवासी दीक्षा मिश्रा अपने प्रेमी ऋषभ उर्फ इमरान और दो दोस्तों के साथ 13 तारीख को नोएडा से घूमने के लिए पहुंची थी। पहले दिन कॉर्बेट पार्क रामनगर में रुकने के बाद 14 अगस्त को चारों नैनीताल पहुंचे। जहां वह मल्लीताल गाड़ी पड़ाव क्षेत्र में एक होटल में ठहरे हुए थे। 15 अगस्त को दीक्षा का जन्मदिन था। इस दिन सभी ने खूब जश्न मनाया। झील में नौकायन करने के साथ ही देर शाम माल रोड में दीक्षा का जन्मदिन का केक काटा गया। इसके बाद चारों लोग रात को कमरे में पहुंचे।
पुलिस ने बताया कि दीक्षा के कमरे में ही स्वेता और अलमास ने दारू पार्टी की। इमरान शराब का सेवन नहीं करता था। रात करीब 1:55 बजे श्वेता और अलमास अपने कमरे में चले गए। इसके बाद दीक्षा के फोन पर पुराने प्रेमी का मैसेज देख ऋषभ गुस्सा आया और दोनों में विवाद हुआ। होने लगा। जिससे इमरान और दीक्षा में विवाद हो गया। इसी बीच आवेश में आकर इमरान ने गला दबाकर दीक्षा की हत्या कर दी। रात को ही वाहन लेकर फरार हो गया।
एक साल पहले हुई थी मुकालात
एक साल पहले प्रॉपर्टी डीलिंग के कामकाज के चलते इमरान की मुलाकात दीक्षा मिश्रा से हुई थी। दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ी तो दोनों प्रेम प्रसंग भी शुरू हो गया। दीक्षा जिस कॉलोनी में रहती थी वहां अधिकतर हिंदू समुदाय के लोग होने के कारण दीक्षा के कहने पर ही इमरान ने अपना नाम बदलकर ऋषभ तिवारी रख लिया था। दीक्षा के परिजनों और कॉलोनी के कुछ लोगों को छोड़ अन्य दोस्त ऋषभ के इमरान होने की बात से वाकिफ थे।
पुलिस पूछताछ में सामने आया कि दीक्षा का उसके पति के साथ शादी के दो साल बाद ही तलाक हो गया था। इसके बाद वह चार से पांच वर्ष एक अन्य युवक के साथ लिविंग रिलेशनशिप में रही थी। इसी बीच इमरान उसके संपर्क में आ गया और इन दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ गई। मगर पुराने प्रेमी से दीक्षा की बातचीत होती रहती थी।



