पुस्तक ‘जेंडर माइनॉरिटीज: इमेजेज ऑफ़ इन्विसिबिलिटीस इन हिंदी सिनेमा’ का लखनऊ में विमोचन
खवाजा मोईनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय लखनऊ उत्तर प्रदेश के पत्रकारिता विभाग की सहायक प्रोफेसर डॉ. रुचिता सुजय चौधरी और हिमगिरी जी विश्वविद्यालय देहरादून उत्तराखंड के पत्रकारिता विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. ऋतेश चौधरी की पुस्तक का विमोचन किया गया।
खवाजा मोईनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय लखनऊ उत्तर प्रदेश के पत्रकारिता विभाग की सहायक प्रोफेसर डॉ. रुचिता सुजय चौधरी और हिमगिरी जी विश्वविद्यालय देहरादून उत्तराखंड के पत्रकारिता विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. ऋतेश चौधरी की पुस्तक ‘जेंडर माइनॉरिटीज: इमेजेज ऑफ़ इन्विसिबिलिटीस इन हिंदी सिनेमा’ का विमोचन लखनऊ विश्वविद्यालय में किया गया। पुस्तक विमोचन के इस अवसर अवसर पर लखनऊ विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के प्रमुख डॉ. मुकुल श्रीवास्तव ने कहा की थर्ड जेंडर की संवेदनाओं को लेकर साहित्य लिखे जाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि समाज में थर्ड जेंडर के अतिरिक्त समलैंगिकों के संदर्भ में विचार विमर्श की आवश्यकता है। ऐसे में डॉ. रुचिता और डॉ. ऋतेश की पुस्तक सराहनीय है। उनका ये प्रयास समाज को सिनेमा के माध्यम से संवेदनशील बनाने की दिशा में सार्थक कदम है। उन्होंने पुस्तक के लेखन के लिए दोनों लेखकों का धन्यवाद दिया।कार्यक्रम के अवसर पर उपस्थित डॉ. रुचिता ने कहा कि सिनेमा समाज को दिशा देने का काम करता है। मीडिया का यह रूप सर्वाधिक शक्तिशाली रूप है। इस पुस्तक के माध्यम से हम दोनों लेखकों ने ये प्रयास किया है कि सिनेमा निर्देशकों और निर्माताओं का ध्यान इस दिशा में आकर्षित कर सकें कि संवेदनाओं को सही ढंग से प्रस्तुत किये जाने की आवश्यकता है। इस अवसर पर लखनऊ विश्वविद्यालय के पत्रकारिता विभाग, खवाजा मोईनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय के पत्रकारिता विभाग एवं हिमगिरी जी विश्वविद्यलय के पत्रकारिता विभाग के छात्र ऑनलाइन माध्यम से जुड़े।



