उत्तर प्रदेश में ब्लॉक प्रमुख चुनावः 292 सीटों पर भाजपा की निर्विरोध जीत तय, उत्तराखंड के रामनगर में रखा गया 47 बीडीसी को
उत्तर प्रदेश में ब्लॉक प्रमुख के चुनावों को लेकर जहां जगह जगह बवाल हो रहे हैं और राजनीतिक दल एक दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं। कहीं लाठियां चली तो कहीं गोली चलने की बात कही जा रही है।
उत्तर प्रदेश में ब्लॉक प्रमुख के चुनावों को लेकर जहां जगह जगह बवाल हो रहे हैं और राजनीतिक दल एक दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं। कहीं लाठियां चली तो कहीं गोली चलने की बात कही जा रही है। लखीमपुर खीरी में एक महिला की साड़ी खींचने की घटना भी सामने आई। कई जगह तो पुलिस आम इंसानों की तहर खड़े होकर तमाशबीन बनी रही। कई जिलों में पुलिस से धक्का-मुक्की की भी खबरें सामने आइ। यूपी के कन्नौज, इटावा, बांदा, फर्रुखाबाद, जालौन, हमीरपुर, उन्नाव आदि जगहों से हंगामे की खबर है।वहीं, उत्तराखंड में नैनीताल जिले के रामनगर में एक ब्लॉक प्रमुख प्रत्याशी ने अपने समर्थकों को रखा हुआ है। हालांकि सभी बीडीसी सदस्यों का कहना है कि वे अपनी मर्जी से यहां पहुंचे हैं। कल शनिवार 10 जुलाई को को ब्लॉक प्रमुख के लिए मतदान होना है। वहीं, ब्लॉक प्रमुख की 292 सीटों पर भाजपा की निर्विरोध जीत तय मानी जा रही है।
उत्तर प्रदेश इन दिनों ब्लॉक प्रमुखों के चुनाव का अखाड़ा बना हुआ है। बीडीसी सदस्यों की खरीद-फरोख्त से लेकर उन्हें अपने कब्जे में रखने के लिए प्रत्याशी पूरी ताकत लगा रहे हैं। उत्तर प्रदेश में ब्लॉक प्रमुख का चुनाव जीतने के लिए 47 बीडीसी मेंबरों को रामनगर में गोपनीय तरीके से रखा गया है। इन्हें ढिकुली के अलग-अलग रिसॉर्ट में ठहराया गया है। बीडीसी मेंबरों को किसी से संपर्क न करने की भी सख्त हिदायत दी गई है।
बता दें कि राजनीति के लिहाज से रामनगर क्षेत्र हमेशा मुख्य केंद्र में रहता है। वर्ष 2017 में सरकार बनाने के लिए कांग्रेस विधायकों को रामनगर के रिसॉर्ट में रखा गया था। बीडीसी मेंबर किसी दूसरे के पक्ष में न चले जाएं। ऐसे में ब्लॉक प्रमुख के चुनाव के लिए रामपुर जिले के टांडा से 47 बीडीसी मेंबरों को ब्लॉक प्रमुख के प्रत्याशी की ओर से रामनगर लाया गया है। उन्हें ढिकुली के तीन रिसॉर्ट में रखा गया है। सूत्रों की मानें तो बीडीसी मेंबर अपनी मर्जी से रामनगर आए हैं। उन्हें किसी ने जबरन यहां लाकर नहीं रखा है।
भाजपा का 295 सीटों पर निर्विरोध जीत का दावा
प्रदेश के 75 जिलों में 826 ब्लॉक प्रमुख पदों के लिए हो रहे चुनाव में भी भाजपा प्रत्याशियों की बड़े पैमाने पर निर्विरोध जीत तय हो गई है। भाजपा का दावा है कि प्रदेश भर में वह कम से कम 292 सीटों पर जीत दर्ज करेगी। वहीं उसकी सहयोगी अपना दल को मिला लें तो यह आंकड़ा 295 पर पहुंच जाएगा।
ये है स्थिति
भाजपा ने लखनऊ क्षेत्र में 61, बरेली क्षेत्र में 30, बनारस क्षेत्र में 27, गोरखपुर क्षेत्र में 44, मेरठ क्षेत्र में 29, प्रयागराज क्षेत्र में तीन, बुंदेलखंड में 19, कानपुर क्षेत्र में 30, गाजियाबाद में एक, गौतमबुद्धनगर में दो, अलीगढ़ क्षेत्र में सात, आगरा क्षेत्र में 31 और मुरादाबाद क्षेत्र में आठ सीटों पर जीत का दावा किया है।
दूसरे दलों की स्थिति
वहीं सपा के कम से कम दस प्रत्याशी फिलहाल जीतते हुए दिख रहे हैं। लखनऊ क्षेत्र में 64 प्रत्याशियों का निर्विरोध चुना जाना तय है, जिसमें 61 भाजपा के हैं, एक सपा और दो निर्दलीय हैं। सपा, कांग्रेस, रालोद तथा अन्य दलों को कहीं प्रत्याशी नहीं मिले तो कई प्रस्तावक धोखा दे गए।
शुरुआती रुझान से भाजपा खेमे में खुशी
ब्लॉक प्रमुख के पदों के लिए गुरुवार को नामांकन पत्र भरे गये और उनकी जांच हुई। निर्विरोध निर्वाचन की तस्वीर शुक्रवार को नामांकन वापसी की समय सीमा दोपहर तीन बजे के बाद ज्यादा स्पष्ट होगी। नामांकन के साथ आए इन रुझानों से भाजपा खेमे में खुशी की लहर है।
कांग्रेस व बसपा दूर दूर तक नहीं
पार्टी पदाधिकारी मान रहे हैं कि जिला पंचायत अध्यक्ष की तरह ब्लॉक प्रमुख चुनाव में भी भाजपा अधिकांश सीटों पर विजय हासिल करेगी। इस चुनाव में भाजपा का मुकाबला मुख्य रूप से सपा से है। कांग्रेस और बसपा चुनाव में दूर-दूर तक नजर नहीं आ रहे हैं। भाजपा नेताओं का मानना है कि पंचायत चुनाव में जो नतीजे लगातार आ रहे हैं उससे यह स्पष्ट हो गया है कि जमीनी स्तर पर समाजवादी पार्टी की सियासत बहुत पीछे छूट गई है।




