शक्तिमान घोड़े की मौत के प्रकरण में भाजपा नेता एवं विधायक गणेश जोशी सीजेएम कोर्ट से बरी
उत्तराखंड में पुलिस के घोड़े शक्तिमान की मौत के मामले में भाजपा नेता एवं मसूरी विधायक गणेश जोशी को देहरादून की सीजेएम कोर्ट ने बरी कर दिया।
उत्तराखंड में पुलिस के घोड़े शक्तिमान की मौत के मामले में भाजपा नेता एवं मसूरी विधायक गणेश जोशी को देहरादून की सीजेएम कोर्ट ने बरी कर दिया। 14 मार्च 2016 में तत्कालीन कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में विधानसभा के बजट सत्र के दौरान भाजपा ने विधानसभा कूच किया था। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई झड़प के दौरान पुलिस का घोड़ा शक्तिमान गिर गया था और उसकी टांग टूट गई थी। आरोप था कि इस दौरान भाजपा विधायक गणेश जोशी ने पुलिस की लाठी छीन कर उन्हीं पर बरसाना शुरू कर दिया। इससे घोड़ा गिरा और घायल हुआ। बाद में घोड़े की मौत हो गई थी। इस मामले ने राजनीतिक तूल पकड़ लिया था। सीजेएम लक्ष्मण सिंह की कोर्ट ने आज कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी को बरी कर दिया।इस मामले में पुलिस ने गणेश जोशी के खिलाफ बलवा और मारपीट के अलावा पशु क्रूरता अधिनियम का मामला दर्ज कराया था। इसके बाद भाजपा सरकार के दौरान अक्टूबर 2017 में विधायक गणेश जोशी से शक्तिमान की हत्या का मुकदमा वापस हो गया था। तब करीब एक महीने से भी ज्यादा समय शक्तिमान घोड़ा जिंदगी और मौत से लड़ा। इस बीच अमरीका से नकली पैर मंगवाकर भी लगवाया गया था। 20 अप्रैल 2016 को शक्तिमान ने दम तोड़ दिया। इस मामले में तत्कालीन विधायक गणेश जोशी को गिरफ्तार भी किया गया था। इसके बाद उन्हें कई दिन सुद्धोवाला जेल में भी बिताने पड़े थे।
बीते कुछ माह पहले इस मुकदमे को वापस लेने की बात भी सामने आई थी। आज गुरुवार को कोर्ट ने पर्याप्त साक्ष्य न होने के कारण पांचों आरोपियों को बाइज्जत बरी कर दिया है। वहीं कोर्ट के फैसले के बाद कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने बार एसोसिएशन के दफ्तर में मिठाई खिलाकर खुशी का इजहार किया।



