महाराष्ट्र में मुस्लिम धर्मगुरुओं का बड़ा फैसला, बगैर लाउडस्पीकर के होगी सुबह की अजान
महाराष्ट्र में लाउडस्पीकर से होने वाली अज़ान को लेकर मुस्लिम धर्मगुरुओं ने बड़ा फैसला लिया है। फैसले के अनुसार अब सुबह की अज़ान बिना लाउडस्पीकर से दी जाएगी।
इन दिनों देश भर में धार्मिक स्थलों में लाउडस्पीकर का विवाद छाया हुआ है। हिंदूवादी संगठन मस्जिदों में अजान के दौरान लाउडस्पीकर की आवाज से परेशान हैं। कई कथित बुद्धिजीवी यानी की बुद्धि का धंधा करने वाले लोग भी इसके पक्ष में खड़े होते नजर आ रहे हैं। वहीं, परीक्षा के दिनों में रात को जागरण की आवाज से शायद उन्हें कोई वास्ता नहीं है। यदि लाउडस्पीकर से परेशानी है तो वो फिर हर धर्म के लाउडस्पीकर से होनी चाहिए। फिर चाहे शादी का मौका यो या फिर कोई धार्मिक जुलूस, या फिर अन्य कोई आयोजन। क्योंकि ध्वनि प्रदूषण तो हर किसी से फैलता है। खैर ये आमजन से ज्यादा राजनीतिक एजेंडा है और महाराष्ट्र में मुस्लिम समुदाय ने इसका कुछ हल निकाला तो अब ऐसा एजेंडा फैलाने वालों को दूसरे एजेंडे की तलाश होगी।महाराष्ट्र में लाउडस्पीकर से होने वाली अज़ान को लेकर मुस्लिम धर्मगुरुओं ने बड़ा फैसला लिया है। फैसले के अनुसार अब सुबह की अज़ान बिना लाउडस्पीकर से दी जाएगी। इसके बाद आज सुबह मुंबई की मशहूर सुन्नी बड़ी मस्जिद मदनपुरा और मिनारा मस्जिद में बगैर लाउडस्पीकर के ही अज़ान की गई। बुधवार देर रात साउथ मुंबई के करीब 26 मस्जिदों के धर्मगुरुओं ने बैठक कर फैसला किया कि अब सुबह की अज़ान बिना लाउडस्पीकर से दी जाएगी। सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का पालन किया जाएगा।
गौरतलब है कि मस्जिदों में लगे लाउडस्पीकर को लेकर महाराष्ट्र में लंबे समय से विवाद चल रहा है और पुलिस ने CRPC 149 के तहत मनसे प्रमुख राज ठाकरे को नोटिस जारी किया है। संज्ञेय अपराधों को रोकने के लिए सीआरपीसी की धारा 149 के तहत नोटिस जारी किए जाते हैं। संज्ञेय अपराध वे होते हैं, जिनमें पुलिस बिना वारंट के किसी को गिरफ्तार कर सकती है।
इस पूरे मामले को लेकर कल महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के मुखिया राज ठाकरे ने कहा था कि सुबह से मुझे महाराष्ट्र के अलग अलग हिस्सों से फोन आ रहे हैं। महाराष्ट्र के बाहर से भी फोन आ रहे हैं। पुलिस के फोन आ रहे हैं। अब तक कई जगहों पर मेरे कार्यकता और नेताओं को पुलिस नोटिस दे रही है। पकड़ रही है। ये हमारे साथ ही क्यों हो रहा है? जो कानून का पालन कर रहे हैं, उन्हें सजा क्यों दी जा रही है।
राज ठाकरे ने आगे कहा कि मैं फिर भी कहना चाहता हूं कि तकरीबन 90 फीसदी मस्जिदों से सुबह लाउडस्पीकर पर अजान नहीं हुई। मैं उन मौलवी का आभार मानता हूं। कल विश्वास नांगरे पाटिल का फोन आया था कि ज्यादातर मस्जिदों के ट्रस्टी मान गए हैं। फिर 132 मस्जिदों पर लाउडस्पीकर से अजान हुई। मेरा सवाल है कि सरकार उनके खिलाफ क्या कार्रवाई करेगी?




