विकसित भारत की दिशा में संतुलित, समावेशी और दूरदर्शी बजट: डॉ. विजय धस्माना
डॉ. विजय धस्माना
केंद्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण की ओर से संसद में प्रस्तुत भारत का आम बजट: 2026-27 ‘विकसित भारत’ की परिकल्पना को साकार करने की दिशा में एक संतुलित, समावेशी और दूरदर्शी बजट है। बजट के माध्यम से सरकार ने समाज के प्रत्येक वर्ग—किसान, युवा, महिला, मध्यम वर्ग और उद्योग की आकांक्षाओं को ध्यान में रखते हुए देश के समग्र और दीर्घकालिक विकास का स्पष्ट रोडमैप प्रस्तुत किया है। यह विचार देहरादून स्थित स्वामी राम हिमालयन विश्वविद्यालय (एसआरएचयू) जॉलीग्रांट के अध्यक्ष एवं भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई), उत्तराखंड के पूर्व अध्यक्ष डॉ. विजय धस्माना ने व्यक्त किए। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
बजट के तीन कर्तव्य: विकास, समावेशन और आत्मनिर्भरता
डॉ. विजय धस्माना ने कहा कि मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल के तीसरे आम बजट में आर्थिक विकास और सामाजिक सरोकारों के बीच संतुलन स्पष्ट रूप से दिखाई देता है। बजट-2026 तीन प्रमुख कर्तव्यों पर आधारित है। पहला, आर्थिक विकास को गति देना, जिससे उद्योग, स्टार्ट-अप और नवाचार को प्रोत्साहन मिले। दूसरा, सामाजिक समावेशन, ताकि किसान, महिला, युवा और वंचित वर्ग विकास की मुख्यधारा से जुड़ सकें। तीसरा, आत्मनिर्भरता, जिसके माध्यम से शिक्षा, स्वास्थ्य, तकनीक और रक्षा जैसे क्षेत्रों में भारत वैश्विक स्तर पर आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़े। इन तीनों कर्तव्यों का संतुलन ही ‘विकसित भारत’ की मजबूत नींव है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
बायोफार्मा शक्ति से सशक्त होगा भारत
डॉ. विजय धस्माना ने कहा कि बजट-2026 में बायोफार्मा, वैक्सीन, मेडिकल रिसर्च और फार्मास्यूटिकल नवाचार को प्रोत्साहन देना भारत को वैश्विक स्वास्थ्य समाधान प्रदाता बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। बायोफार्मा सेक्टर में निवेश बढ़ने से रिसर्च-आधारित संस्थानों, मेडिकल यूनिवर्सिटीज़ और हेल्थकेयर इंडस्ट्री को मजबूती मिलेगी। यह पहल भारत को आत्मनिर्भर स्वास्थ्य प्रणाली के साथ-साथ “फार्मेसी ऑफ द वर्ल्ड” के रूप में और सुदृढ़ करेगी। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
पांच क्षेत्रीय मेडिकल हब बनाने का प्रस्ताव दूरदर्शी कदम
डॉ. विजय धस्माना ने कहा कि बजट-2026 में देश में पांच क्षेत्रीय मेडिकल हब विकसित करने का प्रस्ताव स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए एक ऐतिहासिक और दूरदर्शी निर्णय है। इन मेडिकल हब्स के माध्यम से अत्याधुनिक इलाज, सुपर-स्पेशियलिटी सेवाएं, मेडिकल रिसर्च और उच्च स्तरीय चिकित्सा शिक्षा को एकीकृत रूप से विकसित किया जाएगा। इससे न केवल बड़े शहरों पर इलाज का दबाव कम होगा, बल्कि दूर-दराज़ और ग्रामीण क्षेत्रों के मरीजों को भी विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सेवाएं उनके नजदीक उपलब्ध होंगी। यह पहल मेडिकल टूरिज़्म को बढ़ावा देने के साथ-साथ डॉक्टरों, नर्सों और पैरामेडिकल स्टाफ के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर भी सृजित करेगी। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
एवीजीसी (AVGC) क्षेत्र को मिलेगा नया विस्तार
डॉ. विजय धस्माना ने कहा कि बजट-2026 में एनीमेशन, विज़ुअल इफेक्ट्स, गेमिंग और कॉमिक्स (AVGC) जैसे उभरते क्षेत्रों को बढ़ावा देना युवाओं के लिए भविष्य के रोजगार के नए द्वार खोलेगा। यह क्षेत्र रचनात्मकता, तकनीक और डिजिटल अर्थव्यवस्था का मजबूत संगम है। सरकार द्वारा कौशल विकास, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और स्टार्ट-अप सहयोग से भारत वैश्विक एवीजीसी हब के रूप में उभर सकता है। इससे न केवल युवाओं को रोजगार मिलेगा, बल्कि ‘मेक इन इंडिया’ और ‘डिजिटल इंडिया’ को भी मजबूती मिलेगी। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
ऐतिहासिक उपलब्धि पर वित्त मंत्री को बधाई
डॉ. विजय धस्माना ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को बधाई देते हुए कहा कि लगातार नौवीं बार बजट प्रस्तुत करना न केवल एक ऐतिहासिक उपलब्धि है, बल्कि यह नीति-निर्माण में निरंतरता, स्थिरता और दृढ़ नेतृत्व का भी प्रतीक है।
डॉ. धस्माना ने विशेष रूप से बजट में स्वास्थ्य और शिक्षा क्षेत्र को दी गई प्राथमिकता की सराहना की। उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं और उच्च शिक्षा में निवेश से देश की मानव पूंजी सशक्त होगी, जो ‘विकसित भारत’ की आधारशिला है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
स्वस्थ भारत को मिलेगी मजबूती
डॉ. विजय धस्माना ने कहा कि कि बजट में कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों की दवाओं को सस्ता किए जाने का निर्णय अत्यंत सराहनीय और जन-कल्याणकारी है। कैंसर की कुछ जीवन-रक्षक दवाओं पर सीमा शुल्क में छूट और करों में कमी से इलाज की लागत घटेगी, जिससे आम मरीजों को बड़ी राहत मिलेगी। यह कदम सरकार की संवेदनशील स्वास्थ्य नीति और “इलाज सबके लिए सुलभ” दृष्टिकोण को दर्शाता है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
शोध और नवाचार को मिलेगा बढ़ावा
डॉ. धस्माना ने कहा कि एसआरएचयू के अधीन संचालित मेडिकल, नर्सिंग, फार्मा, बायोसाइंसेज, योग, इंजीनियरिंग एवं मैनेजमेंट कॉलेज, साथ ही हिमालयन अस्पताल, देश की स्वास्थ्य और शिक्षा व्यवस्था को मजबूती प्रदान कर रहे हैं। बजट-2026 में स्वास्थ्य अवसंरचना, मेडिकल रिसर्च और नवाचार को बढ़ावा मिलने से ऐसे संस्थानों को और सशक्त होने का अवसर मिलेगा, जिसका लाभ सीधे समाज को प्राप्त होगा। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
रोजगार सृजन के नए अवसर बढ़ेंगे
डॉ. विजय धस्माना ने बताया कि विश्वविद्यालय का ग्राम्य विकास विभाग देश के विभिन्न क्षेत्रों में ग्रामीण विकास, स्वास्थ्य जागरूकता और आजीविका सृजन के लिए निरंतर कार्य कर रहा है। वहीं, स्टार्ट-अप और उद्यमिता को प्रोत्साहित करने के लिए अलग विभाग की स्थापना युवाओं को नवाचार और स्वरोज़गार की दिशा में प्रेरित कर रही है। बजट-2026 में स्टार्ट-अप्स, नवाचार और उद्यमिता पर दिए गए विशेष बल से युवाओं के लिए रोजगार सृजन के नए अवसर खुलेंगे। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
अंत में डॉ. विजय धस्माना ने कहा कि यह बजट आत्मनिर्भर भारत और विकसित भारत के लक्ष्यों को केंद्र में रखकर तैयार किया गया है, जिससे शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्योग, ग्रामीण विकास और नवाचार जैसे क्षेत्रों में सकारात्मक और दूरगामी परिवर्तन देखने को मिलेंगे। यह बजट देश के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव रखता है।
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Bhanu Bangwal
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भानु बंगवाल, देहरादून, उत्तराखंड।



