हिम्स जॉलीग्रांट में ऑटिज़्म अवेयरनेस वीक का आयोजन, जागरूकता और स्क्रीनिंग पर विशेष जोर
देहरादून के डोईवाला क्षेत्र में स्थित हिमालयन इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (हिम्स) जौलीग्रांट में ऑटिज़्म अवेयरनेस वीक के तहत विभिन्न कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान शैक्षणिक और सामुदायिक गतिविधियों की एक श्रृंखला आयोजित की गई, जिसका उद्देश्य ऑटिज़्म स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर के प्रति जागरूकता बढ़ाना, प्रारंभिक पहचान और समय पर ईलाज को प्रोत्साहित करना रहा। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
कार्यक्रम की शुरुआत पोस्टर प्रस्तुति प्रतियोगिता से हुई, जिसमें एमबीबीएस छात्रों और पीडियाट्रिक्स विभाग के पोस्टग्रेजुएट छात्रों ने ऑटिज़्म के शुरुआती लक्षण, प्रबंधन रणनीतियां और समय पर हस्तक्षेप के महत्व जैसे विषयों पर रचनात्मक और वैज्ञानिक दृष्टिकोण से पोस्टर प्रस्तुत किए। प्रतियोगिता का मूल्यांकन प्राचार्य डॉ. अहमदुल्ला शरीफ और पीडियाट्रिक्स विभागाध्यक्ष डॉ.अनिल रावत सहित अन्य वरिष्ठ चिकित्सकों ने किया। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
वहीं दूसरी ओर सीएचसी श्यामपुर में एक सामुदायिक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें डॉ. अल्पा गुप्ता व डॉ. नीरुल पंडिता ने अभिभावकों और देखभालकर्ताओं को ऑटिज़्म के प्रारंभिक संकेतों, उपलब्ध सहायता सेवाओं और समय पर चिकित्सा परामर्श के महत्व के बारे में जानकारी दी। इस दौरान संवादात्मक सत्रों के माध्यम से लोगों की शंकाओं और भ्रांतियों का समाधान किया गया। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

इसके अतिरिक्त रूरल डेवलपमेंट इंस्टीट्यूट के सहयोग से आशा कार्यकर्ताओं के लिए एक विशेष प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला डॉ. सनोबर वसीम, डॉ. राकेश कुमार ने आशाओं को बच्चों में विकास संबंधी देरी और ऑटिज़्म की पहचान के लिए प्रशिक्षित किया। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
इसके अलावा अस्पताल की ओपीडी में एक ऑटिज़्म स्क्रीनिंग कैंप का आयोजन किया गया। जिसमें डॉ. अल्पा गुप्ता ने विकासात्मक देरी की आशंका वाले बच्चों की मानक उपकरणों से जांच की। साथ ही अभिभावकों को आवश्यकतानुसार आगे की जांच और उपचार के लिए परामर्श भी दिया। कैम्प में डॉ. मनदीप खालसा, डॉ. तल्हा रहमान, डॉ. सोनम अग्रवाल, डॉ. मल्लिका, डॉ. नैन्सी, डॉ. अनन्या ने कैंप में अपना सहयोग प्रदान किया।
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Bhanu Bangwal
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भानु बंगवाल, देहरादून, उत्तराखंड।


