अंकिता भंडारी हत्याकांडः विधानसभा अध्यक्ष के आवास के समक्ष महिला कांग्रेस का प्रदर्शन, सांकेतिक विधानसभा लगाकर पूछे सवाल
उत्तराखंड में अंकिता भंडारी हत्याकांड में शामिल वीआईपी के नाम का खुलासा भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री रूप में होने पर महिला कांग्रेस पदाधिकारियों ने विधानसभा अध्यक्ष के आवास के समक्ष प्रदर्शन किया। प्रदर्शन महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष ज्योति रौतेला के नेतृत्व में किया गया। इस दौरान प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष ऋतु भूषण खंडूड़ी के यमुना कॉलोनी स्थित आवास के समक्ष सांकेतिक विधानसभा लगाकर उनसे इस जघन्य हत्याकांड को लेकर कई ज्वलंत सवाल पूछे। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
प्रदेश महिला कांग्रेस अध्यक्ष ज्योति रौतेला ने विधानसभा अध्यक्ष ऋतु भूषण खंडूड़ी के प्रतीक के रूप में प्रदेश महिला उपाध्यक्ष आशा मनोरमा शर्मा को पदासीन करते हुए प्रश्न पूछा कि भाजपा महिला मोर्चा के पदाधिकारी एवं भाजपा के बड़बोले महिला प्रवक्ता इस मामले में क्यों चुप्पी साधे हुए हैं? हत्याकांड के सबूत मिटाने वाली विधायक रेणु बिष्ट की सदस्यता क्यों बर्खास्त नहीं की गई? क्या उन्हें प्रदेश की महिलाओं की अस्मिता एवं उनके दुःख दर्द से कोई लेना देना नहीं है? (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
सवाल पूछा गया कि यदि भाजपा की नेत्रियां महिलाओं के प्रति जरा सी भी संवेदनशील हैं और उन्हें अंकिता भंडारी जघन्य हत्याकांड पर जरा सी भी शर्म है तो उन्हें खुद बीजेपी के राष्ट्रीय महामंक्षी से इस्तीफे की मांग करनी चाहिए। साथ ही उनकी गिरफ्तारी के लिए आवाज उठानी चाहिए। ज्योति रौतेला ने कहा कि विगत तीन वर्ष में प्रदेश में जितनी भी महिला अपराध की घटनाएं घटित हुई, उनमें से अधिकतर मामलों में भाजपा नेताओं की संलिप्तता पाई गई। इसके चलते इन मामलों मे कोई भी कार्रवाई नहीं हो पाई। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
इन सभी घटनाओं में भाजपा नेत्रियों ने अपने मुंह बंद रखे हैं। यहां तक कि टीवी चैनलों में धार्मिक डिवेट में गला फाड़-फाड़ कर चिल्लाने वाली प्रवक्ता नेत्रियां भी अपने मुंह में दही जमाये बैठी हैं। इससे स्पष्ट है कि भाजपा नेत्रियों को न तो राज्य की बेटियों की अस्मिता से कोई लेना देना है और न ही अपनी पार्टी मे बैठे कुकर्मी नेताओं की कारगुजारियों से कोई मतलब है। उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष ऋतु भूषण खंडूड़ी से यह भी कहा कि उन्हें एक महिला होने के नाते इस दर्द को समझना चाहिए और अंकिता भंडारी हत्याकांड के सबूत मिटाने वाली विधायक रेणु बिष्ट की विधानसभा सदस्यता को तत्काल प्रभाव से बर्खास्त करना चाहिए। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
घेराव कार्यक्रम में चन्द्रकला नेगी, पार्षद कोमल बोरा, संगीता गुप्ता, अनुराधा तिवाडी, महासचिव निधि नेगी, पुष्पा पंवार, सुशीला शर्मा, अंशुल त्यागी, शिवानी मिश्रा, अमृता कौशल, नीरू सिंह, दीपा चौहान, देवेन्द्र कौर, आयुष गुप्ता, गौरव रावत, रितेश क्षेत्री, अभिषेक डोबरियाल आदि शामिल थे। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
अंकिता भंडारी हत्याकांड
बता दें कि पौड़ी जिले के यमकेश्वर प्रखंड के अंतर्गत गंगा भोगपुर स्थित वनन्तरा रिसोर्ट से 18 सितंबर 2022 की रात से संदिग्ध परिस्थितियों में रिसेप्शनिस्ट अंकिता भंडारी लापता हो गई थी। पुलिस ने जब जांच की तो पता चला कि हत्या कर उसका शव चीला नहर में फेंक दिया गया था। इस मामले में रिसोर्ट मालिक पुलकित आर्य, प्रबंधक सौरभ भास्कर और सहायक प्रबंधक अंकित गुप्ता को गिरफ्तार किया था। मुख्य आरोपी पुलकित आर्य पूर्व बीजेपी नेता और पूर्व मंत्री विनोद आर्य का बेटा है। पुलकित आर्य रिजॉर्ट का मालिक है। विनोद आर्य और उनके दूसरे बेटे अंकित आर्य को बीजेपी ने निष्कासित कर दिया था। इस मामले में चर्चा ये भी रही कि किसी वीआईपी को खुश करने के लिए अंकिता पर दबाव बनाया जा रहा था। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
इस मामले में राजनैतिक रूप से प्रभावशाली व्यक्तियों के शामिल होने और ढ़ंग से जाँच नहीं होने के कारण राष्ट्रीय स्तर पर प्रचार मिला। अंकिता की माँ के दावों से मामले को अधिक तूल मिला। पुलिस के आरोप में प्रभावशाली व्यक्तियों के शामिल होने के दावे को शामिल नहीं किया। आज तक वीआईपी के नाम का खुलासा नहीं हुआ। इस मामले के प्रमुख अभियुक्त पुलकित आर्य (रिज़ॉर्ट के मालिक)[3], अंकित गुप्ता (रिज़ॉर्ट के सहायक प्रबंधक) और सौरभ भास्कर (रिज़ॉर्ट के प्रबन्धक) हत्या की बात कबूल कर ली। कोटद्वार कोर्ट में हुई सुनवाई में तीनों को उम्र कैद की सजा सुनाई गई है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
अब अचानक इस मामले में नया खुलासा हुआ है। ये खुलासा बीजेपी के पूर्व विधायक सुरेश राठौर की दूसरी पत्नी उर्मिला सनावर ने इस नाम को उजागर किया। इसका वीडियो सोशल मीडिया में डाला गया। इसमें दावा किया गया कि वीआईपी बीजेपी के राष्ट्रीय महामंत्री एवं प्रदेश प्रभारी हैं। साथ ही राज्य में बीजेपी के एक पूर्व महामंत्री संगठन का नाम भी इस प्रकरण से जोड़ा गया है। ऐसे में नाम सामने आने के बाद इस हत्याकांड में सैकड़ों सवाल खड़े हो गए हैं।
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Bhanu Bangwal
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भानु बंगवाल, देहरादून, उत्तराखंड।



