अंकिता भंडारी हत्याकांड: वीआईपी सहित अन्य आरोपियों को फांसी देने की मांग तेज, वनंतरा रिजॉर्ट के समक्ष प्रदर्शन
उत्तराखंड में चर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड में न्याय की मांग को लेकर मूल निवास भू कानून संघर्ष समिति से जुड़े बड़ी संख्या में लोग वनन्तरा रिजॉर्ट के समक्ष एकत्र हुए और जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान हत्याकांड में शामिल वीआईपी के नाम सहित अन्य आरोपियों को फांसी देने की मांग की गई। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
गौरतलब है कि अंकिता भंडारी इसी रिजॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट थी। लोगों के आक्रोश को देखते हुए प्रशासन की ओर से वनन्तरा क्षेत्र में भारी पुलिस बल की तैनाती की गई थी। कार्यक्रम के दौरान आक्रोशित भीड़ और पुलिस बल के बीच वनन्तरा रिसॉर्ट की ओर जाने को लेकर जद्दोजहद की स्थिति भी बनी। इसी दौरान मूल निवास भू कानून संघर्ष समिति के संयोजक लुशुन टोडरिया पुलिस बल से उलझते हुए नजर आए और उन्होंने स्पष्ट कहा कि जब तक अंकिता को पूर्ण न्याय नहीं मिलेगा, तब तक जनता का यह आंदोलन जारी रहेगा। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
मूल निवास भू कानून संघर्ष समिति के संयोजक लुशुन टोडरिया ने कहा कि अंकिता भंडारी की हत्या कोई साधारण अपराध नहीं, बल्कि सत्ता–संरक्षण में पनपे अपराध तंत्र का परिणाम है। जब तक VIP चेहरों सहित सभी संलिप्त लोगों को सार्वजनिक रूप से कटघरे में लाकर कठोरतम सजा नहीं दी जाती, तब तक यह आंदोलन रुकने वाला नहीं है। पुलिस की बैरिकेडिंग, दबाव और दमन से जनता की आवाज़ को दबाया नहीं जा सकता। अब उत्तराखंड की जनता ने ठान लिया है कि दोषियों को फांसी तक पहुँचाकर ही दम लिया जाएगा। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
सभा के दौरान समिति के संस्थापक संयोजक मोहित डिमरी ने कहा कि अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने के लिए संघर्ष अब निर्णायक चरण में है। इसी क्रम में आगामी 30 दिसंबर को देहरादून में एक सर्वदलीय बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें सभी राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनों और जनआंदोलनों को आमंत्रित किया जाएगा। ताकि एकजुट होकर अंकिता के दोषियों को कटघरे में लाने की ठोस रणनीति बनाई जा सके। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
संघर्ष समिति की महिला प्रकोष्ठ की संयोजिका कुसुम जोशी ने कहा कि आज अपनी ही भूमि में हम अपनी ही पीढ़ियों की सुरक्षा के लिए सड़कों पर आने को मजबूर है। सत्ता पक्ष अपनी सत्ता में इतनी मदहोश है कि अपने ही लोगों को बचाने के लिए देवभूमि का तिरस्कार कर रही है। मूल निवास भू कानून संघर्ष समिति के प्रवक्ता हिमांशु रावत ने कहा कि भाजपा सरकार शुरू से ही वीआईपी को बचाने का प्रयास कर रही है, परन्तु अंकिता दैवीय रूप में आकर बीजेपी को बेनकाब कर रही है। उत्तराखंड की जनता अंकिता को न्याय दिलाने के लिए वचनबद्ध है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
संघर्ष समिति के यमकेश्वर प्रभारी सुदेश भट्ट ने कहा कि जिस सरकार को वीआईपी की जांच करनी चाहिए, वह खुद वीआईपी का बचाव करते नजर आ रही है। अगर दुष्यंत गौतम का नाम कथित वीआईपी के तौर पर सामने आ रहा है तो इस मामले की पूरी सीबीआई जांच होनी चाहिये। पूर्व विधायक ओम गोपाल रावत ने कहा कि दुष्यंत गौतम को जांच के लिए तत्काल बुलाना चाहिए और उत्तराखंड सरकार को पूरी जांच सुप्रीम कोर्ट के जज की निगरानी में हो। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
जिला पंचायत सदस्य पुष्प रावत ने कहा है कि इतनी बड़ी घटना के बाद भी वीआईपी को सजा न होना दर्शाता है कि उत्तराखंड सरकार महिला विरोधी सरकार है। जल्द ही महिलाओं के नेतृत्व में अंकिता को न्याय दिलाने के लिए एक बड़ा आंदोलन शुरू होगा। संघर्ष समिति के राकेश नेगी और प्रमोद काला ने कहा कि अंकिता भंडारी के न्याय की लड़ाई को अब प्रदेश स्तर पर लड़ा जाएगा। वीआईपी को फांसी से कम कुछ भी बर्दाश्त नहीं करेंगे। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
अंकिता भंडारी हत्याकांड
बता दें कि पौड़ी जिले के यमकेश्वर प्रखंड के अंतर्गत गंगा भोगपुर स्थित वनन्तरा रिसोर्ट से 18 सितंबर 2022 की रात से संदिग्ध परिस्थितियों में रिसेप्शनिस्ट अंकिता भंडारी लापता हो गई थी। पुलिस ने जब जांच की तो पता चला कि हत्या कर उसका शव चीला नहर में फेंक दिया गया था। इस मामले में रिसोर्ट मालिक पुलकित आर्य, प्रबंधक सौरभ भास्कर और सहायक प्रबंधक अंकित गुप्ता को गिरफ्तार किया था। मुख्य आरोपी पुलकित आर्य पूर्व बीजेपी नेता और पूर्व मंत्री विनोद आर्य का बेटा है। पुलकित आर्य रिजॉर्ट का मालिक है। विनोद आर्य और उनके दूसरे बेटे अंकित आर्य को बीजेपी ने निष्कासित कर दिया था। इस मामले में चर्चा ये भी रही कि किसी वीआईपी को खुश करने के लिए अंकिता पर दबाव बनाया जा रहा था। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
इस मामले में राजनैतिक रूप से प्रभावशाली व्यक्तियों के शामिल होने और ढ़ंग से जाँच नहीं होने के कारण राष्ट्रीय स्तर पर प्रचार मिला। अंकिता की माँ के दावों से मामले को अधिक तूल मिला। पुलिस के आरोप में प्रभावशाली व्यक्तियों के शामिल होने के दावे को शामिल नहीं किया। आज तक वीआईपी के नाम का खुलासा नहीं हुआ। इस मामले के प्रमुख अभियुक्त पुलकित आर्य (रिज़ॉर्ट के मालिक)[3], अंकित गुप्ता (रिज़ॉर्ट के सहायक प्रबंधक) और सौरभ भास्कर (रिज़ॉर्ट के प्रबन्धक) हत्या की बात कबूल कर ली। कोटद्वार कोर्ट में हुई सुनवाई में तीनों को उम्र कैद की सजा सुनाई गई है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
अब अचानक इस मामले में नया खुलासा हुआ है। ये खुलासा बीजेपी के पूर्व विधायक सुरेश राठौर की दूसरी पत्नी उर्मिला सनावर ने इस नाम को उजागर किया। इसका वीडियो सोशल मीडिया में डाला गया। इसमें दावा किया गया कि वीआईपी बीजेपी के राष्ट्रीय महामंत्री एवं प्रदेश प्रभारी हैं। साथ ही राज्य में बीजेपी के एक पूर्व महामंत्री संगठन का नाम भी इस प्रकरण से जोड़ा गया है। ऐसे में नाम सामने आने के बाद इस हत्याकांड में सैकड़ों सवाल खड़े हो गए हैं।
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Bhanu Bangwal
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भानु बंगवाल, देहरादून, उत्तराखंड।



