अंकिता भंडारी हत्याकांड, एडीजीपी से मिला कांग्रेस का प्रतिनिधिमंडल, इन मांगों को लेकर दिया ज्ञापन
उत्तराखंड में अंकिता भंडारी हत्याकांड में नए नाम सामने आने पर प्रदेशभर में आंदोलन का सिलसिला शुरू हो चुका है। विपक्षी दलों के साथ ही सामाजिक संगठन इस मामले को लेकर सड़कों पर उतर रहे हैं। वहीं, प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल के नेतृत्व में उत्तराखंड के अपर पुलिस महानिदेशक कानून व्यवस्था वी. मुरूगेशन से मुलाकात की। इस दौरान उन्हें विभिन्न बिन्दुओं पर ज्ञापन सौंपा। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
अपर पुलिस महानिदेशक कानून व्यवस्था को सौंपे ज्ञापन में कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा कि सर्वविदित है कि अंकिता भडारी हत्याकांड में भारतीय जनता पार्टी के पूर्व विधायक की पत्नी की ओर से अपने पूर्व विधायक पति एवं स्वयं के बीच हुई वर्तालाप को सोशल मीडिया पर जारी किया गया है। इसमें तथाकथित पूर्व विधायक यह कहते हुए सुने जा रहे हैं कि प्रश्नगत प्रकरण में कथित वीआइपी बीजेपी के राष्ट्रीय महामंत्री गट्टू है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
उन्होंने कहा कि तद्दोपरान्त राज्य सरकार और पुलिस विभाग की ओर से समाचार चैनलों एवं सोशल मीडिया के माध्यम से वीडियो जारी कर दिया गया स्पष्टीकरण मिला। गणेश गोदियाल ने कहा कि हमारा स्पष्ट मत है कि अंकिता भंडारी हत्याकांड प्रकरण में कोई न कोई व्यक्ति कथित वीआईपी अवश्य था, जिसकी इच्छापूर्ति न करने की एवज में अंकिता भंडारी की निर्ममता पूर्वक हत्या कर दी गई। उन्होंने कहा कि भाजपा के पूर्व विधायक द्वारा ताजा रहस्योद्घाटन एवं सरकार और पुलिस विभाग की ओर से जारी स्पष्टीकरण के मद्देनजर अपेक्षा है प्रश्नगत बिन्दुओं पर भी स्पष्टीकरण दें। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
पूछे गए ये सवाल
1. अंकिता भंडारी का पार्थिव शरीर नहर से निकालने की अगली रात को वनन्तरा रिसॉर्ट पर बुल्डोजर किसके आदेश पर चलवाया गया?
2. राज्य सरकार द्वारा गठित एसआईटी ने यदि बुल्डोजर चलाने वालों के बयान दर्ज किये हों, तो उत्तराखंड के नागरिकों को यह भी बताने का कष्ट करें कि एसआईटी की रिपोर्ट में उपरोक्त पैरा-1 के सम्बन्ध में क्या तथ्य सामने आये?
3. क्या जांच ऐजेंसी या एसआईटी इस तथ्य से विज्ञ है कि रात्रि ढाई बजे अंकिता भंडारी के वनन्तरा रिसॉर्ट स्थित निवास कक्ष को बुल्डोजर द्वारा ध्वस्त करने के बाद मुख्यमंत्री की ओर से यह स्वीकार किया गया कि उनके द्वारा रिसॉर्ट का ध्वस्तीकरण कराया गया है। इसका उनके द्वारा श्रेय लेने की कोशिश की गई? क्या एसआईटी द्वारा अपनी जांच में मुख्यमंत्री जी की इस बात का उल्लेख किया गया है?
4. क्या एसआईटी ने अंकिता भंडारी एवं उसके मित्र के बीच हुई व्हाट्सएप बातचीत संदेशों की गहनता से जांच की, जिसमें अंकिता के द्वारा स्पष्ट रूप से यह बताया गया था कि किसी वीआईपी को विशेष सेवाएं देने का उस पर भारी दबाव है?
5. आपके द्वारा दिये गये स्पष्टीकरण में बताया गया कि अंकिता भंडारी हत्याकांड की सीबीआई जांच इसलिए संभव नहीं है कि न्यायालय द्वारा इसे अमान्य कर दिया गया है। इस सम्बन्ध में आपसे स्पष्टीकरण की अपेक्षा है कि सभी पक्षकारों द्वारा सीबीआई जांच की मांग के उपरान्त सरकार द्वारा इसका विरोध क्यों किया जा रहा है? (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
6. भाजपा विधायक रेणु बिष्ट की अंकिता भंडारी के शयन कक्ष को ध्वस्त करने में जो भूमिका थी, क्या जांच एजेंसी एसआईटी द्वारा इसका संज्ञान लिया गया है? यदि जांच ऐजेंसी ने इसका संज्ञान लिया तो जांच ऐजेंसी की खोज के परिणाम क्या थे? उन्हें सार्वजनिक किये जाने की आवश्यकता है।
7. अंकिता भंडारी के पिता ने अनेक बार तथा अभी कुछ दिन पहले एक चैनल को दिये गए साक्षात्कार में स्पष्ट रूप से कहा है कि अंकिता भंडारी की गुमशुदगी के बाद जब वह पहली बार पटवारी चौकी में पहुंचे तो पटवारी ने उन्हें धमकाकर चुप कराने की कोशिश की। उनके पिता के इन आरोपों पर मैं आपरोपियों के पक्ष में बातें कहूं और अंकिता की हत्या को आत्महत्या मान लूं। यही नहीं आरोपी पक्ष द्वारा भी उन्हें डाराया-धमकाया गया। अभी तक जांच एजेंसील एस.आई.टी. द्वारा कोई समाधान कारक स्पष्टीकरण नहीं दिया गया। कृपया इस पर भी स्थिति स्पष्ट करें।
8. पुलिस विभाग का बार-बार यह कहना कि किसी के पास हत्याकांड के प्रमाण हो तो पुलिस को उपलब्ध कराये। इससे संदेह और गहराता है। यह जानते हुए भी कि सत्ता पक्ष के लोगों द्वारा हत्याकांड के सबूत नष्ट किये गये और इसकी सच्चाई सत्तापक्ष के सबूत नष्ट करने वाले लोग ही जानते हैं। इसके बावजूद उन्हें जांच के घेरे में न लाने वाली स्थिति पर भी आपका स्पष्टीकरण वांछनीय है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा कि अंकिता भंडारी हत्याकांड प्रकरण में उपरोक्तानुसार अनगिनत प्रश्न आज भी अनुत्तरित खडे हैं। इनके समाधान के साथ सरकार और जांच एजेंसी को सपष्ट करने चाहिए। उन्होंने अपर पुलिस महानिदेशक कानून व्यवस्था से मांग की कि एसआईटी द्वारा की गई जांच को उपरोक्त प्रश्नों के आलोक की सीमा में स्पष्टीकरण के रूप में सार्वजनिक करने का कष्ट करें। ताकि प्रदेश में आमजन वस्तु स्थिति से अवगत हो सके तथा प्रदेश की जनता का कानून पर विश्वास बना रहे। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
प्रतिनिधिमंडल में कांग्रेस के प्रदेश महामंत्री राजेन्द्र शाह, कर्नल रामरतन नेगी, विरेन्द्र पोखरियाल, सुरेन्द्र रांगड, अभिनव थापर, नीरज त्यागी, कमल रावत, विजय पाल रावत, डॉ. प्रतिमा सिंह, गरिमा दसौनी, राजेश चमोली, डॉ. प्रदीप जोशी, महेन्द्र सिह नेगी, मदन लाल, अमेन्द्र बिष्ट, मधुसूदन सुन्द्रियाल, बब्बन सती, टीटू त्यागी, विजय गुसांई, गुल मोहम्मद, हुकम सिंह कठैत, विजय गुसाई, सुलेमान अली, अनिल नेगी, राजेन्द्र दानू, यशपाल चौहान आदि शामिल थे। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
अंकिता भंडारी हत्याकांड
बता दें कि पौड़ी जिले के यमकेश्वर प्रखंड के अंतर्गत गंगा भोगपुर स्थित वनन्तरा रिसोर्ट से 18 सितंबर 2022 की रात से संदिग्ध परिस्थितियों में रिसेप्शनिस्ट अंकिता भंडारी लापता हो गई थी। पुलिस ने जब जांच की तो पता चला कि हत्या कर उसका शव चीला नहर में फेंक दिया गया था। इस मामले में रिसोर्ट मालिक पुलकित आर्य, प्रबंधक सौरभ भास्कर और सहायक प्रबंधक अंकित गुप्ता को गिरफ्तार किया था। मुख्य आरोपी पुलकित आर्य पूर्व बीजेपी नेता और पूर्व मंत्री विनोद आर्य का बेटा है। पुलकित आर्य रिजॉर्ट का मालिक है। विनोद आर्य और उनके दूसरे बेटे अंकित आर्य को बीजेपी ने निष्कासित कर दिया था। इस मामले में चर्चा ये भी रही कि किसी वीआईपी को खुश करने के लिए अंकिता पर दबाव बनाया जा रहा था। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
इस मामले में राजनैतिक रूप से प्रभावशाली व्यक्तियों के शामिल होने और ढ़ंग से जाँच नहीं होने के कारण राष्ट्रीय स्तर पर प्रचार मिला। अंकिता की माँ के दावों से मामले को अधिक तूल मिला। पुलिस के आरोप में प्रभावशाली व्यक्तियों के शामिल होने के दावे को शामिल नहीं किया। आज तक वीआईपी के नाम का खुलासा नहीं हुआ। इस मामले के प्रमुख अभियुक्त पुलकित आर्य (रिज़ॉर्ट के मालिक), अंकित गुप्ता (रिज़ॉर्ट के सहायक प्रबंधक) और सौरभ भास्कर (रिज़ॉर्ट के प्रबन्धक) हत्या की बात कबूल कर ली। कोटद्वार कोर्ट में हुई सुनवाई में तीनों को उम्र कैद की सजा सुनाई गई है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
अब अचानक इस मामले में नया खुलासा हुआ है। ये खुलासा बीजेपी के पूर्व विधायक सुरेश राठौर की दूसरी पत्नी उर्मिला सनावर ने इस नाम को उजागर किया। इसका वीडियो सोशल मीडिया में डाला गया। इसमें दावा किया गया कि वीआईपी बीजेपी के राष्ट्रीय महामंत्री एवं प्रदेश प्रभारी दुष्यंत कुमार गौतम हैं। साथ ही राज्य में बीजेपी के एक पूर्व महामंत्री संगठन का नाम भी इस प्रकरण से जोड़ा गया है। ऐसे में नाम सामने आने के बाद इस हत्याकांड में सैकड़ों सवाल खड़े हो गए हैं। वहीं, बीजेपी के प्रदेश के महामंत्री संगठन अजय कुमाार का नाम भी इस हत्याकांड में काफी समय पहले ही आ चुका है। हालांकि, इस मामले में कोई जांच नहीं की गई।
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Bhanu Bangwal
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भानु बंगवाल, देहरादून, उत्तराखंड।



