अंकिता भंडारी हत्याकांड, भाजपा की चुप्पी, कांग्रेस का सड़कों पर आक्रोश, निकाला कैंडल मार्च
उत्तराखंड की बेटी अंकिता भंडारी के जघन्य और हृदयविदारक हत्याकांड के मामले में नए नाम सामने आने पर अब कांग्रेस बीजेपी सरकार पर हमलावर हो गई है। इस मामले में बीजेपी के एक बड़े नेता का नाम सामने आया तो इस मुद्दे को कांग्रेस ने हाथोंहाथ लपक लिया। कांग्रेस का कहना है कि वर्षों बीतने के बावजूद भी आज तक अंकिता के परिजनों न्याय न मिलना भाजपा सरकार की नीयत, नीति और नैतिकता पर सबसे बड़ा प्रश्नचिह्न है। प्रभावशाली लोगों को खुला संरक्षण देने और सच्चाई को दबाने के षड्यंत्र का आरोप लगाते हुए देहरादून में उत्तराखंड कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल के नेतृत्व में प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय से घंटाघर तक कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मोमबत्तियाँ जलाकर न्याय की मांग की। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
कैंडल मार्च के दौरान गणेश गोदियाल ने कहा कि अंकिता की हत्या केवल एक अपराध नहीं, बल्कि भाजपा की सत्ता संरक्षित व्यवस्था की ओर से की गई न्याय की सुनियोजित हत्या है। यह शर्मनाक है कि एक बेटी की जान जाने के बाद भी भाजपा सरकार आरोपियों को बचाने में लगी रही। उन्होंने तीखा हमला बोलते हुए कहा कि भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री एवं उत्तराखंड प्रभारी के साथ ही भाजपा विधायक रेणु बिष्ट की भूमिका पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। आज तक इनकी निष्पक्ष जांच तक नहीं कराई गई। आखिर भाजपा किससे और क्यों डर रही है? (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गणेश गोदियाल ने सवाल उठाया कि जब भाजपा के अपने ही लोग ‘वीआईपी’ संरक्षण की बात सार्वजनिक रूप से कह रहे हैं, तो फिर भाजपा सरकार सीबीआई जांच से क्यों भाग रही है? क्या इसलिए कि सच सामने आ गया तो सत्ता की पूरी परतें उधड़ जाएँगी? उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने शुरू से ही साक्ष्य मिटाने, आरोपियों को बचाने और पीड़ित परिवार को मानसिक रूप से तोड़ने का काम किया है। यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और अमानवीय है कि जिस सरकार का पहला कर्तव्य बेटियों की रक्षा होना चाहिए, वही सरकार आज हत्यारों की ढाल बनी हुई है। भाजपा की यह चुप्पी नहीं, अपराध में भागीदारी है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
गणेश गोदियाल ने कहा कि दोषी चाहे कितना भी ताकतवर क्यों न हो, उसे कानून के कठघरे में खड़ा किया जाएगा। कांग्रेस पार्टी तब तक चैन से नहीं बैठेगी, जब तक अंकिता को पूर्ण न्याय नहीं मिल जाता। उन्होंने कहा कि यह कैंडल मार्च उत्तराखंड की हर बेटी की सुरक्षा, सम्मान और न्याय के लिए कांग्रेस के अडिग संकल्प का प्रतीक है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि भाजपा सरकार ने अब भी सच के रास्ते से भागने की कोशिश की तो कांग्रेस पार्टी सड़कों से लेकर सदन तक जन आंदोलन छेड़ेगी। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
कांग्रेस पार्टी की मांग
1. बीजेपी के प्रदेश प्रभारी एवं राष्ट्रीय महामंत्री दुष्यंत गौतम और विधायक रेणु बिष्ट की तत्काल गिरफ्तारी हो।
2. इस पूरे हत्याकांड की सर्वोच्च न्यायालय के सिंटिंग न्यायाधीश की निगरानी में सीबीआई जांच कराई जाए।
3. किसी भी वीआईपी, राजनीतिक दबाव या सत्ता संरक्षण को जांच से दूर रखा जाए। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
प्रदर्शन में ये रहे शामिल
प्रदर्शन में उत्तराखंड कांग्रेस के प्रदेश महामंत्री राजेन्द्र सिंह भंडारी, पूर्व मंत्री हीरा सिेह बिष्ट, विधायक भुवन कापड़ी, महिला कांग्रेस की अध्यक्ष ज्योति रौतेला, प्रदेश उपाध्यक्ष संगठन सूर्यकान्त धस्माना, राजेन्द्र शाह, कांग्रेस महानगर देहरादून के पूर्व अध्यक्ष लालचन्द शर्मा, नवीन जोशी, याकूब सिद्विकी, राजीव महर्षी, प्रदेश प्रवक्ता गरिमा महारा दसौनी, सुवर्शा पॉल, डॉ. प्रतिमा सिंह, महानगर अध्यक्ष डॉ. जसविन्दर सिंह गोगी, प्रदीप जोषी, अभिनव थापर, आषा मनोरमा डोबरियाल, पूरन रावत, नीनू सहगल, अखिलेष उनियाल, आमरेन्द्र सिंह, मनीश नागपाल, जगदीश धीमान, पिया थापा, राजेन्द्र सिंह राणा, सुरेन्द्र रांगड़, यशपाल चौहान, सुशील राठी, परिणीता बडोनी, गंभीर जयाड़ा, शिवानी मि़श्रा, ललित भद्री, बन्टू भट्ट, सुनित सिंह राठौर, अनिल बस्नेत, विपुल नौटियाल, मधुसुदन सुन्दरियाल, बिरेन्द्र पंवार, जमाल भाई, अमित भंडारी, मंजू त्रिपाठी, महेन्द्र सिह रावत, आदर्श सूद, ललित थपलियाल, मोनिका चौधरी, सलमान अहमद आदि शामिल थे।
अंकिता भंडारी हत्याकांड
बता दें कि पौड़ी जिले के यमकेश्वर प्रखंड के अंतर्गत गंगा भोगपुर स्थित रिसोर्ट से 18 सितंबर 2022 की रात से संदिग्ध परिस्थितियों में रिसेप्शनिस्ट अंकिता भंडारी लापता हो गई थी। पुलिस ने जब जांच की तो पता चला कि हत्या कर उसका शव चीला नहर में फेंक दिया गया था। इस मामले में रिसोर्ट मालिक पुलकित आर्य, प्रबंधक सौरभ भास्कर और सहायक प्रबंधक अंकित गुप्ता को गिरफ्तार किया था। मुख्य आरोपी पुलकित आर्य पूर्व बीजेपी नेता और पूर्व मंत्री विनोद आर्य का बेटा है। पुलकित आर्य रिजॉर्ट का मालिक है। विनोद आर्य और उनके दूसरे बेटे अंकित आर्य को बीजेपी ने निष्कासित कर दिया था। इस मामले में चर्चा ये भी रही कि किसी वीआईपी को खुश करने के लिए अंकिता पर दबाव बनाया जा रहा था। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
इस मामले में राजनैतिक रूप से प्रभावशाली व्यक्तियों के शामिल होने और ढ़ंग से जाँच नहीं होने के कारण राष्ट्रीय स्तर पर प्रचार मिला। अंकिता की माँ के दावों से मामले को अधिक तूल मिला। पुलिस के आरोप में प्रभावशाली व्यक्तियों के शामिल होने के दावे को शामिल नहीं किया। आज तक वीआईपी के नाम का खुलासा नहीं हुआ। इस मामले के प्रमुख अभियुक्त पुलकित आर्य (रिज़ॉर्ट के मालिक)[3], अंकित गुप्ता (रिज़ॉर्ट के सहायक प्रबंधक) और सौरभ भास्कर (रिज़ॉर्ट के प्रबन्धक) हत्या की बात कबूल कर ली। कोटद्वार कोर्ट में हुई सुनवाई में तीनों को उम्र कैद की सजा सुनाई गई है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
अब अचानक इस मामले में नया खुलासा हुआ है। ये खुलासा बीजेपी के पूर्व विधायक सुरेश राठौर की दूसरी पत्नी उर्मिला सनावर ने इस नाम को उजागर किया। इसका वीडियो सोशल मीडिया में डाला गया। इसमें दावा किया गया कि वीआईपी बीजेपी के राष्ट्रीय महामंत्री एवं प्रदेश प्रभारी हैं। साथ ही राज्य में बीजेपी के एक पूर्व महामंत्री संगठन का नाम भी इस प्रकरण से जोड़ा गया है। ऐसे में नाम सामने आने के बाद इस हत्याकांड में सैकड़ों सवाल खड़े हो गए हैं।
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Bhanu Bangwal
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भानु बंगवाल, देहरादून, उत्तराखंड।



