अफसरों को दारू के सारे ब्रांड, सैनिकों और जेसीओ का कोटा खत्म, गौरव सैनानी एसोसिएशन में उबाल, सब एरिया कैंटीन पर प्रदर्शन
सीएसडी कैंटीन में अनियमितता का आरोप लगाते हुए गौरव सैनानी एसोसिएशन उत्तराखंड ने आज देहरादून में सब एरिया कैंटीन गढ़ी कैंट के समक्ष जोरदार प्रदर्शन किया। उनका कहना था कि अफसरों को दारू के सारे ब्रांड कैंटीन में उपलब्ध हैं, लेकिन जेसीओ और जवानों का कोटा खत्म बताया जा रहा है। इसके साथ ही उन्होंने कैंटीन में अन्य अनियमितताओं का आरोप लगाया। प्रदर्शन में गौरव सैनानी एसोसिएशन उत्तराखंड से जुड़े पूर्व सैनिक, सेवारत सैनिक के घर की महिलाएं, महिला पेंशनरों आदि शामिल हुए। उन्होंने सब एरिया सीएसडी कैंटीन गढीकैट देहरादून में बहुत बड़ी गड़बड़ी के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। उनका कहना था कि कैंटीन की गड़बड़ी के खिलाफ कोई आवाज नहीं उठाता। यदि कोई आवाज उठाता है तो उसे ही उल्टे धमका दिया जाता है। ऐसा ही कल कैंटीन में देखने को मिला। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
बताया गया कि कल 22 अप्रैल को उत्तराखंड सैनिक राज्य परिषद के वर्तमान सदस्य सूबेदार मेजर मनवर सिंह रौथाण, कुछ अन्य पूर्व सैनिकों ने जवान और जेसीओ काउंटर में सामान व लिकवर न होने व आफिसर काउंटर में भरा होने की शिकायत की, तो कैंटीन मैनेजर ने इनके साथ अभद्रता की। आरोप है कि उन्हें बताया गया कि शराब का कोटा समाप्त हो चुका है। एक दो महंगी ब्रांड की शराब ही मौके पर उपलब्ध थी। साथ ही शिकायत करने वालों के खिलाफ सेना पुलिस बुला दी। कहा कि ये 1800 आफिसर का कोटा रिजर्व है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
इस पर जब मनवर सिंह रौथाण सहित कई लोगों ने हंगामा किया। इसके बाद मेनेजर ने रातोंरात जवान और जेसीओ का काउंटर हर सामान व लिकवर भर दिया। आज सुबह 10 बजे 200 से अधिक गौरव सैनानी, वीर नारियां, महिलाएं कैंटीन पहुंचे और गेट के समक्ष प्रदर्शन किया। इस पर भीतर के कर्मचारियों ने गेट बंद कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने मैनेजर को वार्ता के लिए बाहर भेजने की बात की। इस पर जब तीन घंटे तक मैनेजर बाहर नहीं आए तो तो सभी गौरव सैनानियों ने भीतर से सामान लेकर बाहर निकलने वालों को रोक दिया। तब जाकर मेनेजर बाहर आये और सभी को कैंटीन की तमाम कमियां बताई। साथ ही अगले 2-3 दिन में कमियां सुधारने का वादा किया। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
ये है मांग
1.सी एस डी के अंदर लिकवर वह ग्रॉसरी काउंटर एक साथ होनी चाहिए। ताकि असुविधा न हो।
2. सी एस डी के अंदर जवान व जेसीओ जिस सामान की व लिकवर की डिमांड करें, वही सामान मिलना चाहिए ना की कोई भी सामान थोपा जाना चाहिए।
3. सामान व लिकवर ऑफिसर जेसीओ जवान को निर्धारित कोटे के अनुसार ही दिया जाना चाहिए। सिर्फ जवानों व जेसीओ की कटौती न की जाए।
4. ऑफिसर काउंटर, जवान व जेसीओ के काउंटर सारे एक हॉल में होने चाहिए। ताकि पारदर्शिता बनी रहे। अलग से छुपाव नहीं होना चाहिए।
5. ऑफिसर काउंटर के साथ जवान, जेसीओ, वीर नारियां, महिलाएं आदि जो भी सीनियर सिटीजन हैं, इसी काउंटर पर होने चाहिए न कि सामान्य लाइन में।
6. कैंटीन में स्टाफ की पूर्ति होनी चाहिए। लंच ब्रेक में अन्य स्टाफ बदली करके काउंटर लगातार चलना चाहिए। क्योंकि पूर्व सैनिक, सैनिक महिलाएं, वीर नारियां बहुत दूर दूर से आते हैं।
7.आज के समय में अभी तक कैंटीन में टोकन सिस्टम उपलब्ध नहीं है। वहीं, धूप में लाइन में बड़े बुजुर्ग, महिलाओं को लम्बी लाइनों में खड़ा किया जाता है। अधिकारी साइट से निकलकर तुरंत सामान लेकर चले जाते हैं ये बहुत ग़लत है।
8.जब कैंटीन में कार्डधारकों की संख्या बढ़ रही तो काउंटर क्यों नहीं बढाये जा रहे हैं। क्यों लम्बी कतारें में परेशान किया जा रहा। अफसर के लिए कोई लाइन नहीं।
9.स्टाफ और मैनेजर लम्बे समय तक बदली न करने से मनमानी व व्यवहार सही नहीं करते हैं।
सोचनीय विषय में एक्शन न हुआ तो और बड़ा आंदोलन होगा।

Bhanu Prakash
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भानु बंगवाल
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भानु बंगवाल, देहरादून, उत्तराखंड।



