चहेते को टेंडर नहीं मिला तो बीजेपी विधायक ने की दबंगई, भड़के कर्मचारी, आक्रोश देख खिसके विधायक, दी सफाई, कांग्रेस ने की निंदा
उत्तराखंड में सल्ट विधानसभा सीट से भाजपा विधायक महेश जीना ने नगर निगम देहरादून में जमकर हंगामा किया। आरोप है कि परिचित का टेंडर निरस्त होने पर विधायक ने पहले कर्मचारियों के साथ गालीगलौज की, इसके बाद कार्यालय में घुसकर नगर आयुक्त के साथ बदसलूकी के साथ गालीगलौज की। विधायक के इस व्यवहार से नगर निगम कर्मचारियों में आक्रोश फैल गया। कर्मचारियों ने निगम का काम-काज ठप कर सफाई सहित सभी कार्य ठप कर हड़ताल की घोषणा कर दी। कर्मचारियों चेतावनी दी कि विधायक जब तक माफी नहीं मांगते तब तक कर्मचारी हड़ताल वापस नहीं लेंगे। वहीं, कर्मचारियों के आक्रोश को देखते हुए विधायक नगर निगम से खिसक लिए। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
घटनाक्रम मंगलवार पांच मार्च अपराह्न का है। नगर निगम कर्मियों का कहना है कि अपराह्न सल्ट (अल्मोड़ा) के भाजपा विधायक महेश जीना अपने कुछ साथियों के साथ नगर निगम पहुंचे। यहां उनके किसी करीबी की टेंडर फाइल लगी थी। सहस्त्रधारा में खाली हुए ट्रेंचिंग ग्राउंड के ट्रीटमेंट के संबंध में टेंडर हुआ, जो उनके करीबी के बजाय किसी अन्य के नाम खुला। कर्मचारियों का कहना है कि इससे भड़के विधायक स्वास्थ्य अनुभाग में पहुंचे और पटल पर मौजूद कर्मी पवन थापा से टेंडर न मिलने को लेकर अभद्रता की गई। जिस व्यक्ति के नाम टेंडर हुआ, उसकी फाइल दिखाने को कहा गया, लेकिन थापा ने इसे नियम विरुद्ध बताते हुए ऐसा करने से इंकार कर दिया। आरोप है कि इस पर कर्मचारी से हाथापाई का प्रयास किया गया। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
अभद्रता का वीडियो वायरल
बताया जा रहा है कि इसके बाद विधायक जीना साथियों समेत नगरायुक्त गौरव कुमार के दफ्तर में पहुंचे। यहां नगरायुक्त से टेंडर को लेकर बहसबाजी हुई। आरोप है कि नगरायुक्त से भी अभद्रता और तू-तड़ाक की गई। इस घटनाक्रम का किसी ने वीडियो बना लिया, जो वायरल हो गया। वीडियो में विधायक की दबंगता और नगरायुक्त से की जा रही अभद्रता स्पष्ट नजर आ रही है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
भड़के कर्मचारी और खिसके विधायक
घटनाक्रम की जानकारी नगर निगम के कर्मचारी नेताओं को हुई तो वे नगरायुक्त के दफ्तर पहुंचे। साथ ही नगर निगम का गेट बंद कर अन्य कर्मियों को भी वहां पहुंचने के निर्देश दिए। कर्मचारियों ने आनन-फानन में सभी अनुभागों में काम बंद कर दिया और नगरायुक्त ऑफिस के बाहर एकत्र होकर नारेबाजी करने लगे। इस बीच, माहौल बिगड़ते और दबंगई उल्टी पड़ती देख विधायक साथियों समेत वहां से खिसक गए। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
विधायक की दबंगई के विरोध में नगर निगम कर्मचारी हड़ताल (कार्य बहिष्कार) पर चले गए हैं। कर्मचारियों ने विधायक के विरोध में निगम परिसर में जमकर प्रदर्शन किया। निगम के कर्मचारी नेता नाम बहादुर ने ऐलान किया की जब तक विधायक की गिरफ्तारी नहीं होगी, कर्मचारी काम पर नहीं लौटेंगे। बहादुर के अनुसार, सफाई कर्मचारियों की यूनियन भी कार्य बहिष्कार में आ चुकी हैं। शहर की सफाई व्यवस्था पूरी तरह ठप कर दी जाएगी। घर-घर से कूड़ा उठान भी ठप रहेगा। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
विधायक बोले, कोई बदसलूकी नहीं की
उधर इस मामले में विधायक सल्ट महेश जीना ने कहा कि उन पर बेवजह बदसलूकी का आरोप लगाकर मामले का तूल दिया जा रहा है। कहा कि उनके एक परिचित ने सहस्रधारा रोड स्थित लीगेसी वेस्ट के निस्तारण के लिए टेंडर डाला था। उसे निरस्त कर दिया गया। परिचित ने उनसे शिकायत की थी कि बिना कारण बताए निगम अधिकारियों ने अपने चहेतों को टेंडर दे दिया है। उनकी शिकायत के बाद वह निगम पहुंचे थे। वहां पहुंचकर उन्होंने नगर आयुक्त को फोन किया, लेकिन उन्होंने सचिवालय में होने की बात कही। जब वह जहां टेंडर की फाइल रखी गई थी, वहां पहुंचे और उनसे फाइल दिखाने को कहा तो उन्होंने मना कर दिया। कहा कि जो उस समय उनसे बात कर रहा था वहां कर्मचारी नहीं कोई और था। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
इस पर उन्होंने आपत्ति की तो वह व्यक्ति नगर आयुक्त के कार्यालय में पहुंच गया। वहां जब उन्होंने नगर आयुक्त से टेंडर के बारे में जानकारी चाही तो उन्होंने मना कर दिया और उनके साथ तू-तड़ाक से बात की। उन्होंने साफ किया कि यह टेंडर उनके बेटे का नहीं, बल्कि परिचित का था। इसकी पड़ताल भी की जा सकती है। आरोप लगाया कि निगम में अधिकारी भ्रष्टाचार में लगे हुए हैं। अपने चहेतों को फायदा पहुंचाने के लिए अपने हिसाब से टेंडर की शर्तें तय करते हैं। इस पर उन्हें आपत्ति थी। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
भाजपा के परिवार में एक और बाहुबली शुमारः गरिमा मेहरा दसौनी
नगर निगम देहरादून में सल्ट से भाजपा विधायक महेश जीना की ओर से नगर निगम में किए गए व्यवहार को लेकर उत्तराखंड कांग्रेस की मुख्य प्रवक्ता गरिमा मेहरा दसौनी ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने कहा कि जिस तरह की शब्दावली और भाषा शैली का इस्तेमाल विधायक साहब कर रहे हैं. उसका सभ्य समाज में कोई स्थान नहीं। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
दसौनी ने कहा की उत्तराखंड बीजेपी में बाहुबलियों की कोई कमी नहीं है, फिर चाहे मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल का सड़क पर मारपीट का प्रकरण हो, या मंत्री गणेश जोशी का शक्तिमान से लेकर आज तक के अनगिनत प्रकरण हों। उत्तराखंड बीजेपी में मंत्री तो मंत्री, अब विधायक भी दबंगई दिखा रहे हैं। सत्ता की हनक और अकड़ इनके इतना सर चढ़कर बोल रही है की बेटे को टेंडर ना मिलने पर विधायक खुद नगर निगम पहुंच गए और नगर आयुक्त के साथ अभद्रता की सारी सीमाएं लांघ दी। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
दसौनी ने कहा कि जनप्रतिनिधि से एक संतुलित आचरण की अपेक्षा की जाती है, ऐसे में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट को जवाब देना चाहिए कु अनुशासन और सुचिता की बड़ी-बड़ी बात करने वाली पार्टी में कोई महीना ऐसा नहीं होता। जहां सत्ता रूढ़ दल के मंत्री या विधायक का कोई ना कोई आपत्तिजनक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल न होता हो। दसोनी ने कहा की नगर निगम के सफाई कर्मचारी हड़ताल पर चले गए हैं। इसका सीधे-सीधे मतलब है कि विधायक की करनी अब आम जनता भुगतेगी।
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