एकीकरण से पहले ही एकजुट हुए जीएमवीएन और केएमवीएन कर्मचारी, सीटू ने दिया समर्थन
उत्तराखंड में गढ़वाल मंडल विकास निगम और कुमाऊं मंडल विकास निगम के एकीकरण की के प्रयास शासन स्तर से हो रहे हैं। इन निगमों के एकीकरण से पहले कर्मचारी तबका एक होने लगा है। देहरादून में राजपुर रोड स्थित जीएमवीएन मुख्यालय में वर्षों से कार्यरत संविदा कर्मचारियों ने नियमितिकरण की मांग को लेकर मोर्चा खोला हुआ है। कर्मचारी पांच अप्रैल से धरने पर बैठे हैं। इस धरने में कुमाऊं मंडल विकास निगम के कर्मचारी भी भागीदारी कर रहे हैं। इन कर्मियों का कहना है कि एकीकरण से पहले दोनों निगमों में 20 से 25 साल की अवधि से जो कर्मचारी कार्यरत हैं, पहले उन्हें नियमित किया जाए। सेंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियन्स (सीटू) ने गढ़वाल मंडल विकास निगम एवं कुमाऊं मंडल विकास निगम के कर्मचारियों का आंदोलन को समर्थन दिया है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
शुक्रवार को सीटू के प्रांतीय अध्यक्ष राजेंद्र सिंह नेगी एवं प्रांतीय सचिव लेखराज देहरादून में राजपुर रोड स्थित निगम मुख्यालय पहुंचे और कर्मचारियों के आंदोलन को समर्थन देते हुए उनके साथ धरने पर बैठे। इस अवसर पर राजेंद्र सिंह नेगी ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा कर्मचारियों की जायज मांगों को पूरा करना चाहिए। यहां काम करते हुए कर्मचारियों को 20 से 25 साल तक हो गए हैं। कई कर्मचारी सेवानिवृत्ति के कगार पर पहुंच गए हैं। सरकार को कर्मचारियों से वार्ता कर सभी कर्मचारियों का नियमितीकरण कर देना चाहिए। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
उन्होंने कहा कि संयुक्त कर्मचारी महासंघ के बैनर तले सभी कर्मचारी एक होकर अपनी लड़ाई को मजबूत करें और सरकार को झुकाने का काम करें। सरकार की गलत नीतियों के कारण गढ़वाल मंडल व कुमाऊं मंडल विकास निगम घाटे का सौदा साबित हो रहा है। यहां के कर्मचारियों की सेवाएं मुख्यमंत्री आवास, सचिवालय व अन्य जगहों पर ली जा रही है। उनके वेतन का भुगतान गढ़वाल मंडल विकास निगम कर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि बड़े-बड़े नेताओं मंत्रियों के चहेते निगम के बंगलों में फ्री रहते हैं। इससे दोनों निगमो को आर्थिक हानि हो रही है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
सीटू के प्रांतीय सचिव लेखराज ने कहा कि इन दोनों विकास निगम को मजबूत किया जाना चाहिए था, किंतु सरकार की निजीकरण के नीति के कारण इनके संपत्ति और कार्यों को पीपीपी मोड में पर दिए जा रहे हैं। चाहे वही तिलवाड़ा फैक्ट्री हो, चाहे ऋषिकेश में काष्ट की फैक्ट्री हो और अन्य जगहों पर भी बंद पड़े संस्थानों को पुनः खोला जाए। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की नियमितीकरण के जायज मांगे और सरकार को तुरंत इस मांग को पूरा कर देना चाहिए। उन्होंने आश्वस्त किया कि सेंटर ऑफ़ इंडियन ट्रेड यूनियन्स ( सीटू) कर्मचारियों के पक्ष में आंदोलन करेगी। सरकार से मांग करेगी कि इनकी एक सूत्रीय मांग को जल्द से जल्द पूरा किया जाए। ताकि आने वाले समय में सीजन में कर्मचारी अपनी सेवाएं दे सकें। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
इस अवसर पर एसएफआई के प्रांतीय महामंत्री हिमांशु चौहान नेगी ने भी अपना समर्थन कर्मचारियों के आंदोलन को दिया। उन्होंने कर्मचारियों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर इस लड़ाई को आगे बढ़ाने के लिए आश्वस्त किया। इस अवसर पर बुद्धि सिंह चौहान, भजन रावत, नरेंद्र गुसाईं, राजेंद्र सिंह सजवान, संजय रावत, अभिषेक, जोगेंद्र लाल सहित सैकड़ों कर्मचारी धरने में उपस्थित थे।



